टीवी इन्टरव्यू ‘‘कुछ धारावाहिकों और फिल्मों की बदौलत आज भी बतौर एक्टर जिन्दा हूं’’ – दर्शन जरीवाला

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थियेटर, छोटे पर्दे और बड़े पर्दे पर समान रूप से काम करने वाले अभिनेता दर्शन जरीवाला से अगर इन तीनों विधाओं में से एक चुनने के लिये कहा जाये तो वे बे हिचक थियेटर चुनेगें । टीवी पर छेदी लाल चतुर्वेदी तथा फिल्म स्टाइल के प्रिसिंपल सरदेसाई को भला कैसे भुलाया जा सकता है । इन दिनों वे सोनी टीवी के धारावाहिक‘ मुुंहू बोली शादी’ में एक कट्टर ब्राह्मण के किरदार में नजर आ रहे हैं । कुछ सवालों को लेकर उनसे एक मुलाकात ।

Darshan Jariwala (1)

टीवी पर कम काम करने की कोई खास वजह ?

बेषक टीवी पर कम काम किया है लेकिन जितना भी किया है उसे चुनिंदा काम कह सकते हैं।हालांकि टीवी पर किरदार तब तक जिन्दा रहता है जब तक धारावाहिक जिन्दा है । बावजूद इसके क्या कभी छेदीलाल चतुर्वेदी भुलाया जा सकता है ? आप यकीन करें कि आज भी कितने ही दर्शक मुझे मेरे असली नाम से नहीं बल्कि छेदी लाल चतुर्वेदी के नाम से जानते हैं । इसके अलावा इन्सपेक्टर गोडबोले भी उन्हें याद है । और फिल्म ’स्टाइल’ के प्रिंसिपल सरदेसाई को भला कौन भूल सकता है । मैं खुशकिस्मत हुं क्योंकि मेरे अब तक के फिल्मी कॅरियर में कुछ ऐसी फिल्में और धारावाहिक हैं जो एक अभिनेता के तौर मुझे हमेशा जिन्दा रखे हुयेे हैं ।

इस किरदार से आप काफी खुश हैं ?

दरअसल यह मेरे लिये बिलकुल नया किरदार है ।यह एक ऐसा ब्राह्मण है जो आज भी पूरी तरह से कट्टर है । उसे आज भी अपनी परंपराओं और सस्ंकारों से पूरा लगाव है । जब कि उसके आस पास का वातावरण पूरी तरह बदल चुका हें । यहां तक उसके अपने परिवार में भी यह बदलाव दिखाई देता है ।लेकिन एक वक्त ऐसा भी आता है जब उसे लगने लगता है कि अब उसे भी बदलना पड़ेगा ।ये एक ऐसी भूमिका है जिसे कहानी में संयोग पैदा कर बदलने के लिये मजबूर होना पड़ता है । इस किरदार की यात्रा एक अरसे तक दर्शक को याद रहेगी ।

darshan jariwala

अपने अभी तक के कॅरियर का आकलन किस प्रकार करेगें ?

मुझे लगता है कि टीवी और फिल्मों में शुरू से ही मुझे अच्छे निर्देशक मिलते रहे, जिन्होंने मेरी अभिनय प्रतिभा का अच्छी भूमिकाओं में सही इस्तेमाल किया । और थियेटर मेरा जुनून है क्योंकि वहां मुझे ऐसी ऐसी भूमिकायें मिली जिन्हें करने के बाद मुझे इज्जत और नाम हासिल हुआ ।

आपने टीवी पर एक ही चैनल के साथ काम किया । क्यों ?

टीवी पर मैने सोनी चैनल के साथ ही काम किया । वो इसलिये क्योंकि उन्होंने हमेशा मेरा और मेरी अभिनय प्रतिभा का सही इस्तेमाल किया । आज भी मैं

उन्हीं का शो कर रहा हूं ।दूसरी तरफ फिल्मों में भी मुझे चुनिंदा और दिग्गज निर्देशकों का साथ मिला । वैसे मैने नये निर्देषकों के साथ ज्यादा काम किया, इनमें आप चाहे आजा नच ले को ले लेे या गांधी माई फादर हो या फिर ‘क्या कूल है हम 3’ जो रिलीज होने वाली है ।

darshan

नये डायरेक्टर्स के साथ काम करने का अनुभव ?

नये डायरेक्टर सम्मान देने के लिये दर्शन जी कहने तक ही सीमित नहीं रहते । उनका मुझे लेकर एक ही उदेश्य होता है कि वे मुझे किस प्रकार नये और अनोखे तरीके से अपनी फिल्म में पेश करें। इसके लिये वे मुझसे सलाह मशवरा तक लेते रहते हैं ।

सुना है अंजन श्रीवास्तव के बाद आप राज संतोशी के पसंदीदा एक्टर हैं ?

जैसे सोनी टीवी से मेरी बरसों पुरानी ट्यूनिंग हैं इसी तरह फिल्मों में राजकुमार संतोषी मुझे पंसद करते हैं । फिल्म ‘हल्ला बोल’ में उन्होंने मुझे मुख्य खलनायक तक बना दिया था इसके अलावा ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ में काॅमेडी करवाई तथा ‘फटा पोस्टर निकला हीरो ’ में सीरियस रोल दिया । इसी तरह मणी रत्नम ने भी गांधी माइ फादर देखने के बाद मुझे गुरू में अहम् भूमिका दी थी।


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Mayapuri

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