रेखा का उपवास रखना जरूरी या मजबूरी ?

1 min


लेखक: शामी एम् इरफ़ान,  मुम्बई.
            बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा जब से लाॅक डाउन शुरू हुआ है, रोजाना उपवास रखती है और मुम्बई, पवई के पास किराये के एक फ्लैट में रहती है. आखिर वह प्रतिदिन उपवास क्यों रखती है? किस कारण उसका उपवास जरूरी है? अथवा यह उसकी मजबूरी है? यह जानने के लिए पढ़ें स्वतंत्र पत्रकार व लेखक शामी एम इरफ़ान की यह रिपोर्ट….
                 उसका पूरा नाम है रेखा शर्मा और वह मूलतः उत्तर प्रदेश के जनपद लखनऊ की रहने वाली है. उसकी आयु होगी यही कोई पच्चीस – तीस वर्ष और वह फिल्म व टी वी शो में अभिनय करके जीवन यापन कर रही है. माँ-बाप का स्वर्गवास हो चुका है और उसके साथ उसके दो छोटे भाई भी हैं. बकौल रेखा उसके भाई अभी पढ़ रहे हैं और कभी – कभार छोटा – मोटा पार्ट टाइम जॉब करते हैं. परिवार से कोई सपोर्ट उन्हें नहीं है और सबके रहने – खाने की जिम्मेदारी उसी को निभानी पड़ती है.
                    करीब पांच छह साल से वह अपने दोनों भाइयों के साथ मुम्बई में रहकर फिल्म इंडस्ट्री में कठिन संघर्ष कर रही है. छोटे – बड़े कई किरदार उसने फिल्म व टी वी धारावाहिकों में निभाये हैं और अभी भी बड़ी शिद्द्त से कार्य कर रही है. पवित्र रिश्ता, कुमकुम भाग्य, ये है मोहब्बतें, उड़ान, डोली अरमानो की, नागार्जुन, चिड़ियाघर, क्राइम पेट्रोल, सावधान इडिया, अलादीन जैसे टी वी धारावाहिकों के अलावा हेमा मालिनी के साथ स्वास्थ्य विभाग की ऐड फिल्म और हिन्दी फीचर फिल्म हम सब उल्लू हैं, सरकार हाजिर हो, वीरता, फिर उसी मोड़ पर के साथ – साथ हालिया प्रदर्शित निर्देशक ब्रज भूषण की भोजपुरी फिल्म टीनएजर लव स्टोरी में रेखा ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
                  लाॅक डाउन के दौरान फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह से ठप्प हो गई है. सारे कलाकार घर बैठे बेकार हो चुके हैं और रोजाना काम की तलाश में भटकने वाले इन कलाकारों के पास बैंक बैलेंस नहीं है कि, आराम से खा – पी सकें. ऐसे स्ट्रगलर आर्टिस्ट ने कहीं कुछ काम किया हुआ है, तो उन्हें इस दौरान पेमेन्ट भी नहीं मिल रही है. जबकि, पैंतालीस दिन, साठ दिन या नब्बे दिन में मिलने वाली पेमेन्ट से बॉलीवुड में बहुत से कलाकारों की रोलिंग चलती है. ऐसी विकट परिस्थिति में रेखा जैसे कई अन्य कलाकार भूखे रहकर दिन गुजार रहे हैं.
                     रेखा बताती है कि, जहाँ से वर्क़ का पेमेन्ट मिलना है, नहीं मिला और कोई नया काम भी नहीं हो रहा. सब जगह बंदी है और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मुंह पर मास्क बांध लिया है लेकिन पेट की भूख शांत करने के लिए रोटी चाहिए. जब खाने को नहीं है तो उपवास रखकर दिल को तसल्ली दे लेते हैं. इस तरह से दिल को समझाकर मुसीबत के दिन काट रहे हैं.आम दिनो सप्ताह में दो-चार दिन उपवास सहारे गुजारा करना पड़ता है. अब जब से लाॅक डाउन लगा है, रोज उपवास रखने का संकल्प ले लिया है.
                 बॉलीवुड के कलाकारों का संगठन ‘सिन्टा’ की वह मेम्बर है. बकौल उसके कुछ कलाकारों की यूनियन ने हेल्प शायद की है, लेकिन उसे राशन सामग्री या बैंक खाते में यूनियन द्वारा सलमान खान से प्राप्त तीन हजार की धनराशि अभी तक नहीं  मिली है. जिसके पास पैसा है, राशन है, शायद लोग उसी की मदद करते हैं। रेखा आत्म सम्मान के साथ जीती है। वह भूखी रह सकती है, किन्तु अपनी नजरों से खुद को गिरा नहीं सकती. यह उपवास उसके जीने का बहुत बड़ा सम्बल है और मुश्किल में भी खुश है. अंदर से रोती रेखा जब भी मिलती है मुसकुराते हुए मिलती हैं, यही तो उसका बड़प्पन है.     -शामी एम् इरफ़ान (वनअप रिलेशंस, मुम्बई)

Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये