फिरोज खान की दुखती रंग धर्मात्मा

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Feroz-Khan_0

 

मायापुरी अंक.1374

दो वर्ष पहले जब फिरोज ने ‘धर्मात्मा बनानी शुरू की थी तो उन्होनें स्वयं ही यह खबर भी उड़ा दी कि उनकी ‘धर्मात्मा’ हॉलीवुड की ‘गॉडफादर पर आधारित है। पत्रकारों ने इस खबर को यूं प्रचारित किया कि ‘धर्मात्मा’ गॉडफादर’ की नकल है। फिरोज ने न तो इस प्रचार का खंडन किया, न ही इसकी हामी भरी। उन्होनें सोचा, कुछ भी हो फिल्म की एडवांस पब्लिसिटी तो हो रही है बदनाम होगें तो क्या नाम न होगा

उधर शम्मी कपूर ने इरमा ला ड्यूस की फ्रेम-टू फ्रेम कॉपी फिल्म बनाई ‘मनोरंजन इसके लिए शम्मी कपूर पर मुकदमा चला। अंत में उन्हें अच्छा खासा मुआवजा भी देना पड़ा। अब तो फिरोज चेता। उसने एक के बाद एक स्टेटमेंट देनी शुरू की कि उसकी ‘धर्मात्मा’ का ‘गॉडफादर’ से दूर-पास भी सम्बंध नही है। अधिक से अधिक आप कह लीजिये कि मैंने ‘गॉडफादर’ देखने के बाद ‘धर्मात्मा’ बनाई। (पहले क्यों नही बना ली) वास्तविकता क्या है वास्तव में फिरोज ने ‘धर्मात्मा’ गॉडफादर’ जैसी ही बनाई है। उनकी फिल्म में कई सीन ‘गॉडफादर’ से उठा कर ज्यों के त्यों रख दिये गये है। दोनों फिल्मों में अंतर क्या है फिरोज पक्के व्यवसायी है। उनकी एक नजर बॉक्स-ऑफिस पर टिकी रहती है। इसलिए उन्होनें फिल्म में भीड़ खीचने के लिए तमाम हिंदुस्तानी लटके डाल रखे है। ‘गॉडफादर’ में वे लटके यानी फार्मूले मौजूद नही है। बस, इतना सा फर्क है देशी ‘गॉडफादर’ और विदेशी ‘गॉडफादर’ में।

अब जरा इस पर फिरोज साहब के कंमेट भी सुनिये मेरी हर फिल्म में आपको कुछ न कुछ नई चीज अवश्य मिलेगी। अपराध में आपने कार रेस देखी होगी। (मुमताज को नाममात्र के वस्त्रों में भी देखा था) ‘धर्मात्मा’ में आपको ‘बजकशी’ देखने को मिलेगी। (और जाहिरा का बलात्कार भी) मुझे विश्वास है कि ‘बजकशी’ देखने दर्शक बार-बार आयेंग। इसमें बहुत जबरदस्त ‘रिपीट वेल्यू है (ठीक कहते हो, बलात्कार की रिपीट वेल्यू तो अब खत्म हो चली)

जिन पाठकों को ‘बजकशी’ का अर्थ मालूम नही, उन्हें हम बता दें कि ‘बजकशी’ एक ऐसा खेल है जो केवल फिरोज के प्यारे, सुंदर, हरे भरे अफगानिस्तान में खेला जाता है। इस खेल में एक बकरे का सिर काटकर मैदान के एक और रख दिया जाता है। खिलाड़ी घोड़ों पर सवार होते है और प्रत्येक खिलाड़ी इस सिर को अपनी ओर ले जाना चाहता है। अब बकरे का सिर फुटबॉल की तरह तो लड़कता नही है। इसलिए आप इत्मीनान से बैठकर अंदाजा लगा लीजिये कि इस सिर को पाने के लिए खिलाड़ियों में और उनके घोड़ों में कैसी छीना-झपटी होती होगी। फिरोज साहब कहते है, इस खेल में जानें भी चली जाती है। (किसकी, घोड़े की या सवारों की)

अब ‘धर्मात्मा’ पर फिरोज की डिफेंस सुनिये मैं सच कहता हूं कि मेरी फिल्म में ऐसा कुछ भी नही है जिसे धर्मात्मा’ से उठाया सीन कहा जा सके वास्तव में मैंने अपनी फिल्म के सारे चरित्रों को भारतीय रीति-रिवाजों में ढाला है। मेरी फिल्म एक युवक और उसके पिता के सिद्धांतों के टकराव की कहानी है (और ‘गॉडफादर’ क्या है जो) मुझे समझ में नही आता कि आप लोग (अर्थात पत्रकार) यह क्यों कहते है कि मैं ‘गॉडफादर’ की कॉपी बना रहा हूं ऐसा क्यों नही कहते कि मैं ‘धर्मात्मा’ बना रहा हूं। आखिर मेरी फिल्म के केवल एक-दो सीन ही तो ‘गॉडफादर’ से मिलते है।

इनमें से एक सीन (जो ‘गॉडफादर’ से उठाया गया है) में हेमा मालिनी की जीप में मृत्यु हो जाती है। इस सीन को लेकर फिरोज बेचारा काफी दुविधा में पड़े कहते हैं कि हेमा मालिनी को मारे या रेखा को मृत्यु फिल्म की दसवी रील में होती है इंटरवल के एकदम बाद) और भारतीय हीरोइन को इतनी जल्दी मरतें हुए दर्शक भले ही देख ले। वितरक नही देख सकता। मगर हेमा इतनी व्यस्त चल रही थी कि उन्होनें फिरोज से स्वयं ही प्रार्थना की कि मेरे पास कोई भी डेट नही बची। मेरा दसवी रील में मर जाना ही ठीक है।

फिरोज ने भी सोचा कि हेमा के बाद फिल्म मैं रेखा तो है ही उन्होनें भी हेमा से वायदा कर लिया कि यदि वितरक लाख कहें तो भी वह हेमा को दसवी रील के बाद जीवित नही रखेगा अब आप स्वंय ही अंदाजा लगा लीजिए कि किन विषम परिस्थितियों में पड़ कर फिरोज ने ‘गॉडफादर’ से सीन उठाया था। इसके सिवाय और कोई ही नही था। यह भी कोई सीन-चोरी है

मौलिकता के नाम पर ही फिरोज हंस देता है इस संसार में कोई भी चीज ओरिजिनल नही है (इसलिए धर्मात्मा ही क्यों ‘ओरिजिनल’ हो) ‘ओरिजिनल’ चीज देने के लिए जीनियस होना पड़ता है और भारत में जीनियस चिराग लेकर ढूंढने पर भी नही मिलेगा। (यह आपसे किसने कहा। यहां आदमी को दर्पण देखने पर एक जीनियस नजर आता है)

‘धर्मात्मा’ ‘गॉडफादर’ से कितनी मिलती-जुलती है, यह तो ‘धर्मात्मा’ के रिलीज होने पर ही पता चलेगा। मगर इसके लिए फिरोज को दुखी होने की जरूरत नही है। जरूरत इस बात की है कि फिरोज गुलजार से मिले। गुलजार साहब डिक्शनरी खोल कर फिरोज को कोई न कोई ऐसा भारी-भरकम शब्द जरूर बता देंगे जो ‘नक्ल’ के स्थान पर प्रयोग किया जा सकता है जैसे गॉडफादर’ से अनुप्रेरित


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