फिल्म समीक्षा- एक्सपायरी डेटः क्या रिश्तों की भी एक्सपायरी डेट होती है?

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Film Review- Expiry Date Do relationships also have expiry dates

वेब सीरीजः एक्सपायरी डेटः क्या रिश्तों की भी एक्सपायरी डेट होती है?

स्टारः साढे तीन स्टार

निर्माताः शरद मरार

निर्देशकः शंकर के मार्तंड

कलाकारः स्नेहा उलाल, मधु शालिनी, विश्वा, अली रजा, श्रृद्धा कक्कड़ व अन्य.

अवधिः पांच घंटे सात मिनट,24 से 48 मिनट के दस एपीसोड

ओटीटी प्लेटफार्मः जी 5

पति पत्नी और वह के त्रिकोण के साथ प्यार, धोखा, विश्वास और प्रतिशोध पर कई फिल्में आ चुकी हैं। मगर अब फिल्म निर्देशक शंकर के मार्तंड अपराध व रहस्य रोमांच कथा प्रधान वेब सीरीज ‘एक्सपायरी डेट’ लेकर आए हैं,जिसके दस एपीसोड हिंदी में 2 अक्टूबर से ‘‘जी 5’’पर और तेलगू में नौ अक्टूबर से देखा जा सकता है।

कहानीः
कहानी के केंद्र में साफ्टवेअर कंपनी के मालिक ‘‘वी सोल्यूशन’’के युवा मालिक विश्वा (टोनी लुक) और उनकी पत्नी दिशा (मधु शालिनी)हैं, जिनसे प्रेम विवाह किया है। शादी की सालगिरह पर दोनों जब एक होटल में रात्रि भोज कर होटल से निकलते समय पार्किंग लॉट में एक मोटर बाइक सवार से दिषा का झगड़ा हो जाता है. वह मोटर बाइक सवार दिषा को धमकी देकर चला जाता है, जिससे रात भर विश्वा को नींद नहीं आती। सुबह जब वह अपने घर से अपनी गाड़ी में बैठकर निकल रहा होता है, तो देखता है कि रात वाला बाइक सवार उसी के घर जा रहा है। विश्वा आफिस जाने की बजाय वापस अपने घर लौटता है। तो उसे सबसे बड़ा सच पता चलता है कि रात वाला युवक दिशा का प्रेमी सनी (अली रजा) है। विश्वा छिपकर अपनी आँखों से सनी के संग दिशा को शारीरिक/सेक्स संबंध बनाते हुए आनंद विभोर होते देखता है। इससे उसका सच्चा प्यार नफरत में बदल जाता है। वह आत्महत्या करने का प्रयास करता है,पर कुछ लोग बचा लेते हैं।आफिस में अपनी सेके्रटरी मोनिका से दुःख बांटते हुए अपने जीवन की घटना को एक दोस्त की घटना बताता है। इस पर मोनिका कहती है कि उनके दोस्त को आत्महत्या नही करनी चाहिए, बल्कि मरना तो उसकी पत्नी को चाहिए।

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अब विश्वा,दिशा को मौत के घाट उताकर उसकी मौत के लिए सनी को आरोपी बनाकर जेल भिजवाने की योजना बनाता है। उधर दिशा, सनी के साथ मिलकर विश्वा को हमेशा के लिए खत्म करेनकी येाजना बनाते हैं। दिशा, विश्वा को बताती है कि 17 दिसंबर को उसकी दोस्त अग्रवाल की पुणे में शादी है, जहाँ उसे जाना है। तो विश्वा 17 दिसंबर को ही दिशा को नींद में सुलाने की योजना बना लेता है। सब कुछ ही चल रहा होता है।पर अचानक पुणे के लिए निकलते समय दिशा व विश्वा के बीच बहस हो जाती है और कुछ ऐसा होता है, कि दिशा मर जाती है। तभी दरवाजे पर दिशा की बहन निशा आ जाती है,पर निशा को घर के अंदर आने देने से पहले विश्वा,दिशा की लाश को छिपा देता है। फिर चपुचाप रात के अंधेरे में लोनावला के अपने फार्म हाउस में जाकर दफना देता है। दूसरे दिन जब विश्वा व निशा बांद्रा पुलिस स्टेशन में दिशा के गायब होने की रिपोर्ट लिखाने जाते हैं,तो वहां पर सनी की पत्नी सुनीता (स्नेहा उलाल )अपने पिता के साथ सनी के गायब होने की रिपोर्ट लिखाने आयी होती है। विश्वा दूसरे दिन सुनीता से मिलता है और उससे सनी का सच उगलवाता है,फिर सनी की लाश को भी सुनीता के ही साथ जाकर अपने फार्म हाउस में दफनवा देता है.डीसीपी देवा मामले की जांच करता है.सुनीता व विश्वा सहित कुछ लोगों के बयान व सनी व दिशा के फोन की जानकारी के आधार पर पाया जाता है कि सनी व दिशा के बीच प्रेम संबंध रहे हैं, इसलिए दोनों एक साथ गायब। तब पुलिस जांच बंदं हो जाती है। इसके बाद पता चलता है कि विश्वा व सुनीता ने जो कुछ किया है,उसकी जानकारी सबूतो के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को है। वह उसे चुपचाप रहने के लिए लाखों रूपए देते हैं। इसी बीच पुलिस को गाड़ी के अलावा फार्म हाउस से दिशा व सनी की लाश मिलती है। मामला तेजी से कई मोड़ लेता है।

निर्देशनः
कथावस्तु काफी पुरानी है,मगर शंकर के मार्तंड ने इसे नए अंदाज में बेहतरीन ढंग से निर्देशित किया है। कई दृश्य काफी खूबसूरत बने है। मगर अहम सवाल यह है कि क्या इंसानी रिश्तों, पति पत्नी के बीच के रिश्तों की भी किसी वस्तु की भांति ‘एक्सपायरी डेट’ होती है? मगर यह अपराध कथा तो रिश्तों की एक्सपायरी डेट की ही बात कर रही है। कहानी कई जगह भटक गयी है।

अभिनयः
जहां तक अभिनय का सवाल है, तो सुनीता के किरदार में स्नेहा उलाल न सिर्फ खूबसूरत लगी हैं,बल्कि एक मासूम चेहरे के पीछे की कुटिलता व साजिषकर्ता के रूप में बेहतरीन अभिनय किया है. टोनी लुक, मधुशालिनी व अली रजा का अभिनय ठीक ठाक हैं। अन्य कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा से प्रभावित नहीं कर पाते।

-मायापुरी प्रतिनिधि


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