रिव्यु – फिल्म ‘उंगली’

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भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आम आदमी की चेतावनी
जहां अगर आम आदमी की कोई सुनने वाला न हो ,जहां रक्षक ही भक्षक बन जाये तो आम आदमी को अपनी सुरक्षा अपने हक के लिये भ्रष्टाचारियों के खिलाफ खड़ा होना ही पडेगा । धर्मा प्रोडक्षसं द्धारा निर्मित रेंसिल डिसूजा द्वारा निर्देशित फिल्म ‘उंगली’ में यही सब बताने की कोशिश की गई हैं

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रणदीप हुडडा, अंगद बेदी, कंगना रनौत तथा नील भूपलम चार ऐसे दोस्त हैं जिनमें रणदीप क्राइम रिपोर्टर है, नील मकेनिक है तथा अंगद भी रिपोर्टर है । इनमें कंगना के भाई अरूणोदय सिंह एक ऐसे दलाल महेश मांजरेकर जिसके पास पुलिस के बड़े बड़े अफसरों की दलाली का पैसा जमा रहता है । का बेटे के द्वारा घायल हो कोमा में चला जाता है । बाद में वे लोग केस भी जीत जाते है। इसके बाद ये चारों एक ऐसा गैंग बनाते हैं जिसमें ये समाज में आम आदमी को सताने रिश्वतखोर, बेइमान लोगों के खिलाफ कदम उठाते हैं । इसके बाद इस गैंग का नाम उंगली गैंग पड़ जाता है ।

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एसीपी संजय दत्त को उगंली गैंग को पकड़ने का जिम्मा दिया जाता है । लेकिन जब कुछ नतीजा नहीं निकलता तो वो अपने मरहूम पुलिस अफसर के बेटे पुलिस आफिसर इमरान हाशमी को इस केस पर नियुक्त करता है । इमरान इन चारों तक पहुंच भी जाता है लेकिन जब उसे इनकी असलियत का पता चलता है तो वो इनका दोस्त बन जाता है । उधर संजय  के तबादले के आर्डर हैं तो उसका सुपिरियर कमाउं पोस्टिंग पर जाने की एवज में उसे महेश मांजरेकर के पास पांच लाख रूपये जमा करवाने के लिये कहता है और बाद में पचास लाख धीरे धीरे देने की बात करता है इमरान संजय को उंगली गैंग से मिलवाता है ।

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वे ऐसा कुछ चक्कर चलाते हैं कि बाद में पुलिस कमिश्नर समेत ढेर सारे आफिसर रंगे हाथों पकड़े जाते हैं इसी के साथ महेश ओर उसके बेटे को भी अरैस्ट कर लिया जाता हैं बाद में संजय  को पुलिस कमिनिश्नर बना दिया जाता है । संजय उंगली गैंग को कहता है अब मैं आ गया हूं तो अब आम आदमी को शायद ही तुम्हारी जरूरत पड़े ।

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इससे पहले भी इस तरह के सब्जेक्ट पर फिल्में बनी हैं लेकिन यहां आम आदमी के साथ होती  उन समस्याओं को लिया है जो हर किसी के साथ रोजाना होती है । उनके निवारण के लिये उंगली गैंग की कल्पना सुखद है । कहा जाता है कि कानून से उपर कोई नहीं लेकिन जब वही कानून कुछ ताकतवर लोगों की बपोती बन जाता है  तो आम आदमी को उनकी खिलापत में उठना ही पड़ता है । रणधीर हुडडा, कंगना रनौत, इमरान हाशमी तथा सजंय दत्त बेशक मुख्य भूमिकाओं में हैं लेकिन स्क्रिप्ट उन पर हॉवी रही है । इनके अलावा राजा मुराद, महेश माजंरेकर तथा रीमा लागू आदि ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है । फिल्म में एक गाना ही लिप्सिंग है बाकी सब बैकग्रांउड है । उगंली एक ऐसी फिल्म हैं जो भ्रश्टाचार के खिलाफ आम आदमी की चेतावनी है ।

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Mayapuri