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फ्लैश बैक

‘जिद्दी इंसान’ के. ए. अब्बास

अली पीटर जॉन मुझे नहीं लगता कि मैं अपने गुरु के अब्बास के बारे में बिना बात किए जिंदा रह सकता हूं, क्योंकि अब्बास साहब सिर्फ एक इंसान नहीं बल्कि  एक संस्था थे, वो पूरी दुनिया थे।  आज उनसे जुड़ी एक बात मुझे याद आ गई। मुझे वो शाम याद आ गई जब…
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देवानंद और उनकी काली शर्ट

अली पीटर जॉन देवानंद साठ के दशक में सफलता की ऊंचाइयों पर थे। वो जितनी फिल्में चाहते साइन कर सकते थे, क्योंकि लोग और खासकर महिलाएं उनको देखने के लिए पागल थी। पर उन्होंने साल में 5 से ज्यादा फिल्में  कभी साइन नहीं की। उन्होंने एक बार मुझसे…
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एक गाना जो लगभग खत्म कर दिया गया था 

अली पीटर जॉन राज खोसला गुरुदत्त के असिस्टेंट है और उन्होंने देवानंद के साथ कुछ फिल्में भी बनाई थी। देवानंद गुरुदत्त और राज खोसला दोनों के गुरु थे। राज उस वक्त मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म 'वह कौन थी' बना रहे थे, जिसमें मनोज कुमार और साधना मुख्य…
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उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी मर्दों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर बिताई – असल योद्धा शौकत कैफ़ी 

अली पीटर जॉन शौकत कैफी की 22 नवंबर को 91 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई । वो लंबे समय से बीमार चल रही थी। शौकत प्रतिष्ठित कवि कैफी आज़मी की पत्नी,शबाना आजमी और बाबा आजमी की मां, जावेद अख्तर और तनवी आज़मी की सास,फरहान अख्तर और जोया अख्तर की…
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क्या इम्तियाज अली मधुबाला को फिर से ‘जिंदा’ करने के अपने मिशन में कामयाब हो पाएंगे? 

अली पीटर जॉन बायोपिक के इस दौर में मधुबाला के ऊपर बायोपिक के बारे में हर कोई सोच रहा है और यहां तक कि बहुत से बड़े बड़े  फिल्ममेकर्स भी इस पर लंबे समय से काम कर रहे हैं और अब लगता है कि यह असंभव काम शायद इम्तियाज अली संभव करने वाले हैं।…
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रविवार की एक शाम धर्मेंद्र और उनकी कविताओं के साथ

अली पीटर जॉन पहली बार मैं इस शर्मीले शायर से मिला था जिसने बहुत अच्छी कविताएं लिखी थी और मुझसे कहा कि मैंने लिखने की कोशिश की और बस ये लिख दिया। ये उन्हें भी पता था कि  कविताएं लिखना सबके बस की बात नहीं है और यह शर्मीले शायर थे सुपरस्टार…
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बर्थडे स्पेशल: जीनत अमान कभी वो खुद एक पत्रकार थी बाद में पत्रकारों की ही शिकार बन गईं

अली पीटर जॉन वो मुझसे लगातार कहती रही कि मैं उनकी कमबैक फिल्म देखूं और मुझे पता था कि फिल्म बहुत ही बेकार होगी, पर मैं अपनी पुरानी दोस्त 'जीनी बेबी' के कहने पर फिल्म देखने गया और जब मैं थिएटर से बाहर आया तो मैं यह सोचा था कि जीनत अमान, वो…
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देवानंद और सुरैया की अमर पर अधूरी प्रेम कहानी 

अली पीटर जॉन सच्चा प्यार कोई बंदिश,कोई कानून,ऊंच-नीच,जाति, धर्म और यहाँ तक की भगवान को भी नहीं मानता। सच्चा प्यार बस हो जाता है और एक बार यह हो जाए तो फिर दुनिया की कोई ताकत  इसके रास्ते में नहीं आ सकती और यदि आपका सच्चा प्यार कुछ समय का…
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बर्थडे स्पेशल: क्यों स्कूल में माला सिन्हा को डालडा सिन्हा कहकर पुकारते थे उनके दोस्त ?

50 और 60 के दशक में अपनी खूससूरती और अपने बेहतरीन अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री माला सिन्हा ने हिंदी सिनेमा को कई ङिट फिल्में दीं। आज के 11 नवंबर को माला सिन्हा अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करती हैं। माला सिन्हा का जन्म नेपाल…
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टकलों की ब्रिगेड

अली पीटर जॉन पहले जिन विषयों को लोग नजरअंदाज करते थे आज उन्हीं विषयों को  फिल्मों में कंटेंट कहा जाता है। पहले  फिल्ममेकर्स ऐसा मानते थे कि फिल्म बनाने का एक ही फार्मूला है और यही कारण है कि साल में 800 फिल्में बनती थी और  सभी फिल्में एक…
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