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फ्लैश बैक

बाप बेटी का मधुर मिलन

(मायापुरी अंक 3,1974) रेखा जब दस वर्ष की बच्ची थी तो उससे बहुत पहले ही उसके बाप जेमिनी गणेशन उसकी मां से सम्बंध विच्छेद हो गए थे। रेखा कभी अपने बाप से मिलना चाहती थी तो वह नही मिलता था। वह यह जाहिर करना नही चाहता था कि रेखा…
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लीना चन्दावरकर की शादी

(मायापुरी अंक 3,1974) लीना चन्दावरकर का जब भी किसी हीरो से नाम जाता है तो फौरन ही उससे या किसी अन्य आदमी से उसकी शादी समाचार भी आने लगते है। ऐसा ही धर्मेन्द्र के समय हुआ और संजीव कुमार आदि के समय भी ऐसी खबरें उड़ी थी। अब जबकि उसका…
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झूठ बोले कव्वा काटे

(मायापुरी अंक 3,1974) बॉबी में ऋषि से डिम्पल कपाड़िया तो बोलती ही रह गई किन्तु डिम्पल के पति राजेश खन्ना के सैकेट्री यूसूफ हसन (निर्माता फिल्म ‘पगली’) की पत्नी मीता यूसूफ को छोड़कर चली गई है, अन्तर केवल इतना है कि यूसूफ ने दूसरी…
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प्रेमनाथ का बेटा हीरो बन गया

(मायापुरी अंक 3,1974) सन्यासी गोल्डी आनन्द ने अपनी नई फिल्म ‘जान हाजिर में नया खून जमा कर दिया है। फिल्म में नवतारिका लवलीन के साथ दो नए लड़क प्रेम कृष्ण और शेखर कपूर काम करेगे। प्रेम कृष्ण प्रेमनाथ का बेटा है (याद रहे प्रेमनाथ को…
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उम्र से बूढ़े पर जवां दिल प्रेमी

(मायापुरी अंक 3,1974) प्रेमनाथ जिसने लगभग 24 वर्ष का बनवास छोड़ कर (हालांकि वह दो वर्ष ही हिमालय की घाटियों में रहा था) फिर से फिल्मों में आया और छा गया छाते ही उसने बड़ी ऊटपटांग तरह की हरकतें कर खूब पब्लिसिटी प्राप्त की। फिर…
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शशिकला ने वेराग ले लिया

(मायापुरी अंक 3,1974) केदार शर्मा ने बहुत पहले एक फिल्म बनाई थी जिसका नाम ‘चित्रलेखा’ था फिल्म की नायिका जोगिन बन जाती है। वही कहानी फिल्म अभिनेत्री शशिकला ने एक बार फिर साकार कर दी है। फिल्मों में रह कर रंगरेलियां मनाने और जवान बेटी…
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धर्मेन्द्र और लीना कोर्स की किताबों में

(मायापुरी अंक 3,1974) खबर मिली है कि जयपुर में बच्चों की पांचवी कक्षा में धर्मेन्द्र और लीना चन्दावरकर के फोटो छपे हुए है। यही नही उसमें साबुन, सिगरेट और टूथपेस्ट के विज्ञापन भी छपे हुए है। पांचवी कक्षा की यह किताब बोर्ड द्धारा…
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बड़ा मजा उस मिलाप में है

(मायापुरी अंक 3,1974) बात उस समय की है जब सुनील दत्त अपनी नाकामी की सड़ी लाश अपने कंधों पर उठाए फिर रहा था। ऐसे में कोई बड़ी हीरोइऩ उसके साथ काम नही करना चाहती थी। किन्तु योगी कथुरिया नामक एक निर्माता-निर्देशक ने सुनीलदत्त और परवीन…
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जी कर मरने वाला शो मैन

(मायापुरी अंक 3,1974) कुदरत ने बॉबी के द्धारा राजकपूर को नया जीवन तो दे दिया किन्तु उससे निर्णय करने की शक्ति छीन ली है। बॉबी की सफलता के एक साल बाद भी वह अभी तक दूसरी फिल्म शुरू नही कर सका। नौ महीने के बाद केवल वह फिल्म का…
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फिल्म ‘प्यासी नदी का निर्माता गिरफ्तार

(मायापुरी अंक 3,1974) प्रदर्शित फिल्म ‘प्यासी नदी’ और निर्माणधीन फिल्म ‘सोने की लंका’ के निर्माता एम. एन. बाकिया को बम्बई की पुलिस ने एक अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है। बाकिया सूरत का सबसे बड़ा स्मगलर बताया जाता है।
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