थ्रिलर लव स्टोरी – फ्रेडरिक

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रेटिंग**

फ्रेडरिक एक ऐसा नाम है जो सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक आर्गनाइजेशन का नाम है। निर्देशक राजेश वी बुटालिया की फिल्म ‘फ्रेडरिक’ कुछ ऐसा ही कहती है।

कहानी

राजेश को जब पता चलता है कि उसका बेटा मानव गे है तो वो आपे से बाहर हो जाता है और इसी गुस्से में अपने बेटे के दोस्त फ्रेडरिक को मार देता है ये देख गुस्से में उनका बेटा मानव उन्हें ही मार देता है। बड़ा होकर मानव प्यार का दुश्मन बन जाता है। वो मसूरी में घूमने आने वाली लड़कियों को बरगलाकर उनका अपहरण कर उन्हें बेच देने का धंधा करता है। अविनाश ध्यानी एक आई बी एजेन्ट हैं वो तुलना से प्यार करता है। उसकी बहन घर पर झूठ बोलकर अपने दोस्त के साथ मसूरी घूमने जाती है और वहां मानव द्वारा किडनेप कर ली जाती है। उसके बाद तुलना अविनाश की बहन को छुड़ाने के लिये मसूरी जाकर अपने आपको किडनेप करवा लेती है और असली अपराधियों तक पहुंच जाती है। बाद में वो अविनाश की बहन को अपनी जान के बदले बचा लेती है। जब ये बात अविनाश का पता चलती है तो वो मानव यानि प्रशांत नारायण को जान से मार देता है लेकिन बाद में अपनी जान भी दे देता है।

निर्देशक

एक आम लव स्टोरी को निर्देशक ने बड़े ही ड्रामेटिक तरीके से दिखाने की अच्छी कोशिश की है। इसलिये फिल्म के जॉनर को थ्रिलर लव स्टोरी कहना ठीक रहेगा। फिल्म की पटकथा काफी चुस्त है इसलिये कहानी का फ्लो एक बार भी नहीं टूटता लेकिन कहानी को तोड़ मरोड़ कर दिखाना कई जगह कन्फ्यूजन पैदा करता है। फिल्म का संगीत अच्छा है।

अभिनय

इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रशांत नारायण एक बेहतरीन एक्टर हैं ये उसकी कई फिल्में साबित कर चुकी हैं। यहां उसने अपने गे होने का दर्द बहुत ही प्रभावशाली तरीके दर्शाया है। नई जोड़ी में अविनाश ध्यानी ने बहुत आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाई है। तुलना का ज्यादा काम नहीं हैं बावजूद इसके उसके हिस्से में जितना भी आया उसने अच्छा किया।

क्यों देखें

लव स्टोरी फिल्मों के शौंकीन दर्शक ये फिल्म देख सकते हैं।

 


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Mayapuri

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