डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के रोल के लिए गंजे हुए गजेंद्र – कहा, मैं किसी कंट्रोवर्सी से नहीं डरता

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फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के चेयरमैन गजेंद्र चौहान एक बार फिर विवादों में हैं। वह बीजेपी की पैरेंट पार्टी जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर पहली बार बन रही फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें बंगाल में 1946 में हुए सांप्रदायिक दंगों का सनसनीखेज चित्रण है। इस फिल्म को लेकर गजेेन्द्र चौहान की मिथिलेश सिन्हा से खास बातचीत

इस फिल्म के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तरह गंजे हुए गजेंद्र चौहान ने विवाद के संबंध में टोके जाने पर रोष भरे शब्दों में कहा, ‘मैं किसी कंट्रोवर्सी से नहीं डरता। ऐसे सच्चे राष्ट्रभक्त को परदे पर जीना मेरे लिए गर्व की बात है। अगर वे नहीं होते तो पश्चिम बंगाल भी  पाकिस्तान को थाली में परोस कर दिया जा चुका होता। डॉ. मुखर्जी की तरह गंजा बनने के लिए मुझे घंटों मेकअप कराना पड़ता है, मगर उनका लिबास पहनने के बाद जब मैं कैमरे के सामने आता हूं तो लगता है जैसे  पूरी तरह उनके व्यक्तित्व में ढल गया हूं।’ ‘महाभारत’ में धर्मराज युधिष्ठिर का रोल निभाकर घर-घर लोकप्रिय हुए गजेंद्र चौहान ने कहा, ‘मैं इस फिल्म के निर्देशक मिलन भौमिक का दिल से शुक्रगुजार हूं कि भारत की एकता के लिए कश्मीर में शहीद हुए इस महापुरुष की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने मेरा चुनाव किया। आपको पता ही होगा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किस तरह देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था और ‘एक राष्ट्र, एक प्रधान, एक संविधान’ का नारा देकर राष्ट्रवादी आंदोलन छेड़ने के लिए कश्मीर जा पहुंचे थे, मगर कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में भिजवा दिया था, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत हो गई थी। मेरा यह रोल निश्चय ही यादगार साबित होगा।


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Mayapuri

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