‘‘गणेश आचार्य सिनेमा के लिए ही बने हैं.’’ -मनिंदर सिंह

1 min


बालीवुड में हर इंसान को  कड़ा संघर्ष और कड़ी मेहनत करनी ही पड़ती है.फिर चाहे आप फिल्मी परिवार से हो या किसी फिल्मी परिवार के सदस्य का रिश्तेदार ही क्यों न हों.यह बात अभिनेता हरमन बावेजा के ममेरे भाई मनिंदर सिंह पर भी एकदम फिट बैठती है. मनिंदर सिंह पिछले दस वर्षों से बालीवुड में हैं. उनकी दो फिल्में ‘‘स्वामी’’ और ‘‘खेले हम जी जान से’’ प्रदर्शित हो चुकी है. इसी के साथ वह ‘‘लाइफ ओ के’’ चैनल पर प्रसारित सीरियल ‘‘26@ 12’’ में भी मुख्य भूमिका निभा चुके हैं. इसके बावजूद वह अभी भी संघर्ष कर रहे हैं.जबकि इन दिनों वह फिल्म ‘‘हे ब्रो’’ को लेकर चर्चा में हैं. जिसमें उनके साथ नृत्य निर्देशक गणेश आचार्य ने भी अभिनय किया है.

MANINDER SINGH AND GANESH ACHARYA IN FILM- HEY BRO--IMG_2493

आपने अभिनय को कैरियर बनाने की बात कब सोची?
-हम पंजाबी होते हुए भी आगरा में रहते हैं. अभिनेता बनकर मैं अपने पिता का सपना पूरा कर रहा हूं.मेरे पिता चाहते थे कि मैं अभिनय को कैरियर बनाउं.मेरे पिता मुंबई आकर फिल्म निर्देशक बनना चाहते थे,पर बन नहीं पाए.इसलिए आगरा में रहते हुए भी उन्होंने मुझे उर्दू पढ़वाया था. मैंने आगरा में रहते हुए ही डांस, घुड़सवारी सब कुछ सीखा था. हर दिन रात में मैं किसी न किसी फिल्म का एक सीन अपने माता पिता व बहन के सामने करके दिखाता था. मैंने ‘मुगल ए आजम’, ‘घायल’, ‘जंग’ तो कई बार देखी हैं. हमारे घर में फिल्मों बातें तो हुआ ही करती थी.हम जब मुंबई आते थे, तो हैरी बावेजा के घर ही रूकते थे और फिर हम सेट पर भी जाया करते थे.क्योंकि ‘हेरी बावेजा’ मेरे फूफा हैं.

अपनी अब तक की अभिनय यात्रा को लेकर क्या कहेंगे?
-अभिनय को कैरियर बनाने की बात दिमाग में आते ही मैं दिल्ली चला गया. दिल्ली में मैंने बैरी जॉन से एक्टिंग की ट्रेंनिंग हासिल की और कुछ समय तक उनके साथ नाटकों में अभिनय किया.उसके बाद मैं मुंबई आ गया.चार साल तक मैंने अपने फूफा और फिल्म निर्देशक हैरी बावेजा के साथ दो फिल्मों ‘कर्जः द बर्डन आफ ट्रुथ’और ‘कयामत’ में बतौर सहायक निर्देशक काम किया. क्योंकि मुझे फिल्म मेकिंग की बारीकियां सीखनी थीं. उसके बाद मैंने अभिनय करना शुरू किया. मुझे पहली फिल्म गणेश आचार्य निर्देशित ‘‘ स्वामी’’ मिली थी.फिल्म ‘स्वामी’ में मैंने मनोज बाजपेयी और जुही चावला के बेटे आनंद का किरदार निभाया था. यह फिल्म पिता पुत्र के रिश्ते पर आधारित थी. इस फिल्म के रिलीज के बाद मुझे बहुत प्रशंसा मिली थी.फिर मुझे आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘‘खेलें हम जी जान से’’ में क्रांतिकारी अनंत सिंह का किरदार निभाने का मौका मिला.यह रीयल लाइफ किरदार था. मुझे अभिनय करने में बहुत मजा आया.उसके बाद मैंने ‘लाइफ ओके’ चैनल पर प्रसारित सीरियल ‘‘26 @ 12’’में अभिनय किया.यह सीरियल मुंबई में 26@11 पर घटित घटना पर  आधारित था. पर आतंकवाद पर आधारित इस सीरियल 2012 में मिली धमकी का जिक्र था और मैंने इसमें मुख्य भूमिका निभायी थी. लोगों को यह सीरियल बहुत पसंद आया. इस सीरियल का प्रसारण खत्म होते ही गणेश आचार्य ने मुझे बुलाकर फिल्म ‘हे ब्रो’’ दे दी.

लेकिन आपको पहली फिल्म ‘‘स्वामी’’मेंं अभिनय करने का मौका कैसे मिला था?
जब मैं फिल्म ‘‘कयामत’’ में बतौर सहायक निर्देशक काम कर रहा था, उस वक्त इस फिल्म में निट्ज अभिनय कर रहे थे, जिनकी तमन्ना संगीतकार बनने की थी. गणेश आचार्य ने उन्हे फिल्म ‘स्वामी’ में संगीतकार बनाया और वह फिल्म ‘हे ब्रो’ के भी संगीतकार है. ‘कयामत’ की शूटिंग  के दौरान हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी थी. इसलिए ‘स्वामी’ के समय उन्होंने ही गणेश आचार्य को मेरा नाम सुझाया था. हमारी मुलाकातें हुई. गणेश आचार्य ने मेरा ‘शो रील’ देखा और मुझे ‘स्वामी’ मिल गयी थी.

आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘‘खेले  हम जी जान से’’कैसे मिली थी?
मुझे पता चला कि वह नए कलाकारों के लिए आॅडीशन ले रहे हैं. तो मैं भी आॅडीशन देने पहुंच गया.उन्होंने धोती कुर्ता पहनाकर मेरा लुक टेस्ट लिया था और मुझे यह फिल्म मिल गयी.

‘‘खेले हम जी जान से’’ में आपने अभिषेक बच्चन, दीपिका पादुकोण सहित कई बडे़ कलाकारों के साथ काम किया था?
मैंने अभिषेक बच्चन व दीपिका पादुकोण के साथ काम करते हुए बहुत इंज्वॉय किया था. हमने इस फिल्म की शूटिंग सावंतवाड़ी में की थी. चार माह हम एक साथ थे. हमारे बीच ऐसी दोस्ती हो गयी थी कि आज भी बरकरार है.

फिल्म ‘‘हे ब्रो’’ के अपने चरित्र को लेकर क्या कहेंगे?
-फिल्म की कहानी दो जुड़वा भाईयों की है,जो कि एक दूसरे से हर मामले में विपरीत हैं.मैंने इसमें एक ऐसे पलिस अफसर का चरित्र निभाया है, जो बहुत गुस्सैल है. बहुत संजीदा किस्म का चरित्र है. लोग उससे डरते हैं. कोई उससे पंगा नहीं लेता. बहुत ईमानदार है.

‘‘हे ब्रो’’के माध्यम से क्या कहने का प्रयास है?
यह कोई संदेश देने वाली फिल्म नही है. यह पूरी तरह से मनोरंजक फन मसाला फिल्म है. एक्शन,कॉमेडी, ड्रामा,रोना धोना सब कुछ है. इस फिल्म का प्रमोशनल सॉंग अमिताभ बच्चन, हृतिक रोशन,अजय देवगन सहित कई बड़े कलाकारों पर फिल्माया गाया है.

आपके अनुसार गणेश आचार्य अच्छे निर्देशक, अच्छे डांसर या अच्छे अभिनेता हैं?
वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी इंसान हैं. हर काम बहुत अच्छे ढंग से करते हैं. हर कोई कहता है कि ‘स्वामी’ जैसी फिल्म एक परिपक्व निर्देशक ही बना सकता है. तो वहीं ‘हे ब्रो’ में उन्होंने बहुत अच्छा अभिनय किया है.सच कहूं तो वह सिनेमा के लिए ही बने हैं.

अब तक निभाए गए चरित्रों में आपका प्यारा चरित्र कौन सा रहा?
हर चरित्र अपनी जगह महत्वपूर्ण है.पर ‘स्वामी’ पहली फिल्म थी. इसलिए इस फिल्म का ‘‘आनंद’’ का पात्र हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा.


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये