गौहर खान को थप्पड़ – क्या सच क्या झूठ

1 min


पिछले महीने एक रियलिटी शो के शूट के दौरान गौहर खान को एक व्यक्ति ने मारा था थप्पड़. यह घटना इसलिए हुई थी क्योंकि गौहर एक मुसलमान होने के बावजूद छोटे-छोटे कपड़े पहनती है. इसके बाद गौहर बहुत सुर्ख़ियों में आ गई थी.

25paras-sonam1

लेकिन अब इस कहानी में एक नया मोड़ आ गया और वो यह कि गौहर को थप्पड़ जमाने वाले शख्स का कहना है कि उसने गौहर के कहने पर ही थप्पड़ जमाया है और यह पब्लिसिटी स्टंट था. पुलिस सच की तलाश में जुटी हुई है. इस बारे में जब गौहर खान से संपर्क किया गया तो उन्होनें कहा ‘

जो मुझ पर हमला कर जेल गया और अब वापस आकर इस तरह के दावे पेश कर रहा है उसके लिए मेरा यही जवाब है कि वह आरोपी हमारे देश की सभी लडकियों के लिए एक धोखा है. मुझे खेद है कि मीडिया भी जाने अनजाने में उस आरोपी का साथ देते हुए उन लडकियों को कमज़ोर साबित करने पर तुली है जो मनोरंजन जगत से वास्ता रखती हैं।

यह आरोपी जिस तरह के दावे पेश कर रहा है उससे यह बात साफ है कि वह अपने जघन्य अपराध पर पर्दा डालना चाहता है. उसका यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और फिल्मी है. मुझे यक़ीन है यह ऐसे लोगों की घटिया सोच का नतीजा है जो यह मानते हैं कि हमारी न्याय प्रक्रिया इन निराधार दावों पर यक़ीन कर उसे छोड देगी. ‘इंडियाज़ रॉ स्टार’ के फिनाले से पहले अपनी पूरी ज़िंदगी में मैं कभी इस आदमी से नहीं मिली थी. जो शख्स ऐसे झूठे दावे पेश कर अपने गुनाहों को छुपाते हुए लोगों की नज़रों में आना चाहता है, मैं ऐसे शख्स को दो मिनट की प्रसिद्धी कतई नहीं देना चाहती. मुझे अपनी न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

साथ ही मैं यह जानती हूं कि वह ऐसे शख्स को कडी से कडी सज़ा ज़रूर देंगे, जिसने मुझे मानसिक यातना देते हुए मेरे नाम और दर्द की कीमत पर प्रसिद्धी पानी चाही. मैं मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि आकर्षक हैडलाइंस बनाने से पहले अपनी ज़िम्मेदारी समझें. हो सकता है जिससे आप खेल रहे हैं, वह किसी की ज़िंदगी का सवाल हो। अपने नाम के साथ अपने करियर को सम्मान दिलाने के लिए मैंने काफी मेहनत की है. आज मैं जहां हूं वहां पहुंचने में मुझे दस साल लगे हैं।

मीडिया ऐसे हारे हुए इंसान को महज़ दो मिनट की प्रसिद्धी दिलाने के लिए मेरे उन दस सालों को दांव पर कैसे लगा सकती है ? मेरे पास इतने सारे सबूत हैं कि मैं उसके सारे दावों को झूठा साबित कर दूं लेकिन मैं चाहती हूं कि इस शख्स का फैसला सिर्फ और सिर्फ हमारी न्याय व्यवस्था करे. मैं आप सबसे यह दरख्वास्त करती हूं कि अगर आप मेरे दर्द में हिस्सेदार नहीं हो सकते हैं तो ना सही, कम से कम उस दर्द की वजह के हिस्सेदार तो मत बनिये. वह झूठा है और इसका खुलासा जल्द ही कानून करेगा लेकिन आप इसे सनसनीखेज मत बनाइए… ये तो वक्त ही बताएगा की क्या सच था क्या झूठ


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये