गुलजार सफल पर मूड़ी इंटरव्यू

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JallianWalaBaghGulzar

 

 

मायापुरी अंक 01.1974

 

एक गीत की रिकॉर्डिंग के अवसर पर पार्श्व गायिका लता मंगेशकर, मदनमोहन तथा गुलजार आदि से भेंट हुई। पत्रिका के विषय में उन्होनें उपयोगी सुझाव दिए। लताजी ने कहा, ‘साप्ताहिक फिल्म पत्रिका’ की बड़ी जिम्मेदारियां होती है। ऐसा कुछ पत्रिका में नही छपना चाहिए जो पत्रकारिता के नाम पर कलंक हो। एक साफ-सुथरे और अच्छे पत्रिका के लिए हर आर्टिस्ट के दिल में इज्जत होती है। आप भी इसी प्रकार की इज्जत के हकदार होंगे, मुझे आशा है।

 

गुलजार साहब ने दूसरे दिन मिलने का समय दिया और कहा, कल चार बजे आप आ जायें तो जमकर चर्चा करेंगे। दूसरे दिन हमने गुलजार साहब को फोन किया तो उन्होनें निहायत संजीदगी से कहा, ठीक है आप चार बजे आइए, मैं गुलजार साहब के पास कोजी होम पहुंचे तो दरवाजे पर सुनने को मिला, आज तो गुलजार साहब मिल नही सकेगें, कल चार बजे आइए आप ?

एक साथ मिली सफलता इतनी जल्दी हर कोई नही पचा सकता। गुलजार साहब का भी हाजमा खराब हो गया है, यह बात हमने तो अनुभव की ही है, और लोगों से भी सुना है। खैर, भविष्य में इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, हमें आशा है।


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Mayapuri

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