‘‘हमारे जमाने में तो’’ ‘बीचवाले-बापू देख रहा है’ के कलाकार दिला रहे हैं उस समय की याद

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जब हम अपने आस-पास देखते हैं तो हमें क्‍या नज़र आता है? दर्जनों नये-नये कंस्‍ट्रक्‍शन, मशरूम की तरह हर गली में बिना प्‍लेग्राउंड के खुलते स्‍कूल, आसमान छूती कीमतें, बेचैन लोग, बेचैन बच्‍चे और तकनीक में प्रगति  जिसकी गहराई कोई नहीं जान सकता। सोनी सब के आगामी शो ‘बीचवाले- बापू देख रहा है’ के कलाकारों जोकि परदे पर और वास्‍तविक जीवन में भी मिडिल क्‍लास परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं, ने बताया कि सालों पहले चीजें कैसी हुआ करती थीं और आज उसमें ज़मीन-आसमान का फर्क है। यहां प्रस्‍तुत है ‘बीचवाले’ के कलाकारों का ‘हमारे जमाने’ वाला नज़रिया।

सोनी सब के आगामी शो ‘बीचवाले- बापू देख रहा है’ में बॉबी का किरदार निभा रहे, ज़ाकिर हुसैन कहते हैं, ‘’उस समय 4000 रुपये पूरे महीने के लिये पर्याप्‍त हुआ करते थे। जब मैं मुंबई आया तो 20,000 रुपये भी कम लगने लगे थे। उस जमाने में हमारे घरों में फोन हुआ करते थे और हम नंबरों को लिखते थे और वे हमें याद रहते थे। लेकिन आज के समय में हम निश्चित रूप से उसे मिस कर रहे हैं। हम अपने फोन के बिना असहाय होते हैं। कभी-कभी ऐसी बेचारगी की स्थिति में मैं जबर्दस्‍ती कुछ नंबर्स याद रखने की कोशिश करता हूं, ताकि कुछ अनहोनी होने पर उसके लिये तैयार रह सकूं।‘’

 चर्चित अभिनेत्री अनाया खरे, जिन्‍होंने टेलीविजन इंडस्‍ट्री में अपनी एक पहचान बनाई है, का कहना है, ‘’हमारे देश की जनसंख्‍या बढ़ गई, लेकिन उस अनुपात में संसाधनों में वृद्धि नहीं हुई है। जो भी समस्‍याएं जन्‍मी हैं, वह जनसंख्‍या विस्‍फोट की वजह से हैं – आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और शिक्षा में परेशानियां कम संसाधनों की वजह है। आज के समय में लोग तत्‍काल सुकून पाने के लिये छोटी-छोटी चीजों के पीछे भागते हैं, लेकिन जब हम दिल्‍ली में स्‍कूल और कॉलेज में थे तब उस समय ऐसा नहीं होता था। मुंबई में निश्चित रूप से ज्‍यादा व्‍यवसायीकरण है।‘’ अनाया इस शो में बॉबी बीचवाले की पत्‍नी चंचल की भूमिका निभा रही हैं।

 दादाजी की भूमिका निभा रहे, मिथिलेश चतुर्वेदी, उन दिनों को याद करते हुए मुस्‍कुराते हुए कहते हैं, ‘आपने शायद मास्‍टर मदन के बारे में नहीं सुना होगा। वह एक बेहतरीन सिंगर थे, जिनकी मौत बहुत कम उम्र में हो गई थी। आज के जमाने में कई सारे छोटे बच्‍चे बेहतरीन सिंगर्स हैं। ऐसा नहीं है कि मास्‍टर मदन के समय में लोग ज्‍यादा टैलेंटेड हुआ करते थे, लेकिन आज के समय में मीडिया टैलेंट को ढूंढने और उन्‍हें सामने लाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तकनीक भी काफी बदल गई है, इससे दुनिया सिमटती जा रही है और हर कोई पास आ रहा है।‘’

‘’बच्‍चे अब पेड़ों पर नहीं चढ़ते’’  यह कहना है मनोज गोयल का जोकि इस शो में पपी बीचवाले की भूमिका निभा रहे हैं। वह आगे कहते हैं, ‘’हम उस ज़माने में जो गेम्‍स खेला करते थे आज के ज़माने के काफी सारे बच्‍चों को मालूम भी नहीं हैं। वे मोबाइल पर गेम्‍स खेलते हैं और एक्‍सरसाइज के लिये एक तय समय का पालन करते हैं। हमारे लिये गेम्‍स और फिटनेस एक ही होता था। यह सबसे बड़ा बदलाव है। पेट्रोल के दाम भी आसमान छू रहे हैं। मेरे एक दोस्‍त ने मुझे 63 रुपये वाला पेट्रोल का बिल दिखाया था और वह भी 5 लीटर। हालांकि, उस समय सैलरी भी बहुत कम हुआ करती थी।‘’

 यह 10 या 20 साल पुरानी बात नहीं है, बल्कि पिछले 4-5 सालों में काफी फर्क आ गया है, चाहे ब्रांड की बात हो, टेक्‍नोलॉजी की, सर्विस और ना जाने ऐसी कितनी ही चीजों की। इच्‍छाएं बनाई जाती हैं। किसी ज़माने में जो जीवन सरल और शांत हुआ करता था, वह अब भौति�क चीजों की तरफ रुख कर चुका है। बीचवाले-मिडिल क्‍लास की जिंदगी के जीवन में काफी बदलाव आ गया है। इसके बावजूद वही सबसे ज्‍यादा परेशानी झेल रहे हैं, कभी ना खत्‍म होने वाली समस्‍याओं से घिरे हैं, वह और ज्‍यादा पाने की चाहत रखते हैं। ‘बीचवाले-बापू देख रहा है’ एक ऐसा शो है जिसमें कि भारत के मिडिल क्‍लास पर हास्‍य से भरपूर कदम उठाया गया है।  यह शो 2 अक्‍टूबर से सोनी सब पर सोमवार-शुक्रवार, रात 10 बजे प्रसारित किया जायेगा।

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