मूवी रिव्यू: बासू दा और ऋषिकेष दा की फिल्मों की महक का एहसास कराती है ‘हैप्पी भाग जायेगी’

1 min


रेटिंग***

तनू वेड्स मनू, तनू वेड्स मनू टू या रांझना आदि फिल्मों के सर्जक आंनद एल राय की बतौर प्रोडयूसर और लेखक निर्देशक मुद्दसर अजीज की फिल्म ‘हैप्पी भाग जायेगी’  हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के लोगों और कल्चर को मिलाकर एक ऐसी हास्य फिल्म है जो आरंभ से अंत तक दर्शक को हंसाने में पूरी तरह कामयाब है ।

कहानी

अमृतसर शहर की हैप्पी यानि डायना पेंटी और अली फजल यानि गुड्डू एक दूसरे से प्यार करते हैं लेकिन उसके पिता उसकी शादी एक कॉर्पोरेटर दमन सिंह बग्गा यानि जिम्मी शेरगिल के साथ तय कर देते हैं क्योंकि उनकी नजर में गुड्ड काम धाम से दूर एक नकारा युवक है। लेकिन शादी के दिन हैप्पी घर से भाग जाती है और गलती से पाकिस्तान के लाहौर शहर पहुंच जाती है। वहां उसका टकराव बिलाल अहमद यानि अभय देओल से होता है जो उसके पिता जावेद शेख की नजर में आने वाले समय में पाकिस्तान का भविष्य बनने वाला है । बिलाल की शुरु से क्रिकेटर बनने में दिलचस्पी थी लेकिन उसके पिता उसे राजनीति में ले आये। अब उसका निकाह लाहौर के एक बड़े बिजनेसमैन की बेटी मोमल शेख से होने वाला है। हैप्पी से मिलने के बाद बिलाल लाहौर के एएसपी पियूष मिश्रा के साथ मिलकर गुडडू और हैप्पी को मिलाने का निर्णय लेते हैं । इसके बाद लाहौर और अमृतसर के बीच जो धमाचैंकडी मचती है वो दोनों की शादी होने के बाद ही थमती है ।happy-bhag-jayegi review

निर्देशन

आनंद राय की फिल्मों में अक्सर नायिका बिंदास दिखाई जाती रही हैं। यहां भी मुद्स्सर अजीज द्धारा लिखी कहानी में हीरोइन पूरी फिल्म में भागी फिरती है। कहानी के अलावा मुद्स्सर ने ही फिल्म की पटकथा संवाद और गीत भी लिखे हैं। चुस्त पटकथा, चुटीले संवादों पर फिल्म के कलाकार अपनी अदाकारी से हास्यप्रद समा बनाये रखते हैं। फिल्म दो शहरों अमृतसर और लाहौर को लेकर हैं लेकिन निर्देशक ने उन पर ज्यादा ध्यान न देते हुये किरदारों पर नजरें जमायें रखी हैं  लिहाजा फिल्म के मुख्य चार किरदारों के अलावा भी कुछ किरदार हैं जैसे बिलाल के घर में उनके पिता का मैनेजर जिसे मामू कहा जाता है इसके अलावा उनकी मुंहू लगी नोकरानी तथा गुड्डू का दोस्त, हैप्पी के पिता और बग्गा का राइटहैंड आदि जो इन चारों किरदारों के साथ बराबर हास्य में रंग भरते रहते हैं। फिल्म का हास्य ऋषिकेश मुखर्जी या बासू चटर्जी की फिल्मों की याद दिलाता रहता है।Diana-Penty

अभिनय

जिमी शेरगिल तो जैसे आनंद राय के फिल्मों ऐसे किरदार के तौर पर जैसे सैट हो चुके हैं जिसके हाथ से हमेशा लड़की निकल जाती है। अली फजल ने प्रेमी के तौर पर बहुत बढ़िया काम किया हैं लेकिन डायना पेंटी के रूप बॉलीवुड को एक और समर्थ अभिनेत्री हासिल हुई है। पियूष मिश्रा जैसे उत्कृष्ठ अभिनेता को महज कॉमडियन तक सीमित रखा गया लेकिन वहां भी वे अपनी अलग बोलने की शैली से लोगों को हंसाने में कामयाब हैं। यहां तक हैप्पी के पिता के रोल में कवंलजीत को भी हास्य के रंग बिखेरने का मौका दिया गया है। एक अरसे बाद अभय देयोल बहुत बढ़िया काम करते दिखाई दिये उनके सामने पाकिस्तानी अभिनेत्री मोमल शेख भी अच्छा काम कर गई।happy-bhag

संगीत

सोहल सेन द्धारा कंपोज किये गाने गुदगुदाते हैं। जिनमें आशिक तेरा, जरा सी दोस्ती और गबरू रेडी आदि गीतों का फिल्माकंन भी अच्छा रहा।

क्यों देखें

कॉमेडी फिल्म देखने वाले दर्शकों के लिये फिल्म एक हास्य भरा तौहफा साबित हो सकती है।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये