हर्षवर्धन राणे की युवा पीढ़ी को सलाह

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ग्वालियर के गैर फिल्मी परिवार यानी कि एक डॉक्टर के बेटे हर्षवर्धन राणे ने शाहरुख खान को अपना आदर्श मानकर टीवी सीरियल ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’ में अभिनय कर अपने करियर की शुरूआत की थी। उसके बाद से लगभग आठ दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्में व हिंदी फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से बॉलीवुड में कदम रख चुके हर्षवर्धन राणे को जॉन अब्राहम निर्मित हिंदी फिल्म ‘सत्रह को शादी’ का इंतजार है आज बॉलीवुड का हर बड़ा निर्देशक हर्षवर्धन राणे को लेकर फिल्म बनाना चाहता है मगर इस मुकाम तक पहुँचने से पहले हर्षवर्धन राणे को हतोत्साहित करने वाले लोग ज्यादा मिले लेकिन हर्षवर्धन राणे ने इन हतोत्साहित करने वाले लोगों की परवाह नहीं की। हर्षवर्धन राणे कहते हैं- ‘‘हर इंसान तक यह बात पहुँचनी चाहिए, क्योंकि हर इंसान की जिदगी में इस तरह का मोड़ आता है, जब उन्हें हतोत्साहित करने वाले लोग ज्यादा मिलते हैं ऐसे समय में सच्चा हौंसला देने वालों को चुनना चाहिए। उनके नजदीक रहना चाहिए इसके अलावा हर इंसान को अपने दिल की बात सुननी चाहिए। हतोत्साहित करने वालों को आप बातों में नहीं हरा सकते क्योंकि उनके पास कई तर्क होते हैं ऐसे लोगों की बात सुनने की बजाय उनसे दूर हो जाना चाहिए।’’


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Mayapuri

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