भूपिंदर सिंह के वो पांच गाने जो आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं!

| 19-07-2022 32

गायक भूपिंदर  सिंह 82 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए. उनका निधन 18 जुलाई 2022 को  मुंबई में हुआ. ANI के मुताबिक़ उनकी पत्नी मिताली सिंह का कहना है कि वह पिछले 9 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.

भूपिंदर सिंह अपनी अलग आवाज़ के लिए मशहूर थे. चेतन आनंद की फिल्म ‘हकीकत’ से अपना सिंगिंग करियर उन्होंने शुरू किया था बॉलीवुड में. इससे पहले ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन सेंटर के साथ भी वो काम कर चुके थे. आइये उनको याद करते हुए सुनें उनके कुछ बेहतरीन नगमे:

1. ‘बीती न बिताई रैना’ (1972)

इस गाने को लता मंगेशकर और भूपेंद्र ने अपनी आवाज दी थी. यह गाना फिल्म ‘परिचय’ के लिए गाया गया था. इस गाने को संगीतकार राहुलदेव बर्मन-(R D Burman) ने संगीत दिया था. अलफ़ाज़ थे गुलज़ार के.

2. ‘एक अकेला इस शहर में’ (1977)

इस गाने को गुलज़ार ने फिल्म ‘घरौंदा’ के लिए लिखा था इस गाने से वह बॉलीवुड में प्रसिद्ध हुए थे. आज भी ये गाना लोगों के दिलों में बसता है. 

3. ‘नाम गुम जायेगा’ (1977)

‘किनारा’ मूवी का ये गाना ‘नाम गुम जायेगा’ आज भी लोगों की जुबान पर है. इस गाने को भूपेंद्र के साथ लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी. इसमें हेमा मालिनी धर्मेंद्र और जितेंद्र ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं.

4. ‘साथी तेरे नाम एक दिन’ (1982)

इस गाने को आशा भोसले और भूपेंद्र ने अपनी आवाज दी थी. फिल्म ‘उस्तादी उस्ताद से’ के लिए. इस गाने में विनोद मेहरा और रंजीता कौर लीड रोल्स में थे.

5. ‘किसी नज़र को तेरा’ (1985)

फिल्म ‘ऐतबार’ का यह गाना उस समय का हिट गानों में से एक था. इस गाने को हसन कमाल ने लिखा था. इसको आवाज भूपेंद्र और आशा भोसले ने दी थी.