बर्थडे स्पेशल: शादीशुदा होने के बावजूद फिल्मी करियर में हमेशा कामयाब रहीं मौसमी चटर्जी

| 26-04-2022 5:30 AM 22

70 और 80 के दशक में अपनी मनमोहक मुस्कुराहट और अपनी अदाओं से लोगों को अपना दीवाना बना लेने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी का आज 74वां जन्मदिन हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1967 में एक बंगला फ़िल्म 'बालिका वधू' से की थी। उस वक्त उनकी ये फिल्म काफी सुपरहिट रही। मौसमी चटर्जी के बारे में सबसे खास बात ये है कि उन्होंने अपना फिल्मी करियर शादी के बाद शुरु किया और उसके बावजूद उनका फिल्मी करियर सक्सेसफुल रहा। आइए मौसमी चटर्जी के जन्मदिन के मौके पर आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ और मजेदार बातें...

आर्मी परिवार से है मौसमी चटर्जी

- मौसमी चटर्जी का जन्म 26 अप्रैल साल 1948 में कोलकाता में हुआ था। मौसमी के माता पिता बंगाली परिवार से थे। इनके पिता इंडियन आर्मी में सेवारत थे और दादा जज थे। मौसमी ने अपना फिल्मी सफर साल 1967 में फिल्म 'बालिका वधु' से शुरू किया था।

- मौसमी ने दूसरी एक्ट्रेसेस की तरह अपने फिल्मी करियर को अपनी जिंदगी के आगे नहीं आने दिया और सिंगर जयंत मुखर्जी से शादी रचा कर अपना घर बसा लिया। उनकी दो बेटियां हैं पायल और मेघा।

- मौसमी ने अपनी रीयल लाइफ से ज्यादा फिल्मी लाइफ को कभी स्पेस नहीं दिया है शायद यही वजह है कि वो दूसरी एक्ट्रेसेस की तरह करियर बनाने में नहीं जुटीं बल्कि अपना घर बसाया उसके बाद अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दिया।

डिमांडिंग एक्ट्रेस थी मौसमी

- मौसमी ने अपने फिल्मी करियर में कई बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया जैसे अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना और संजीव कुमार। इन एक्ट्रर्स के साथ काम करने के बाद मौसमी बॉलीवुड की काफी डिमांडिंग अभिनेत्री बन गई थीं।

- मौसमी ने 'अनुराग', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'अंगूर', 'मंजिल' और 'आनंद आश्रम' जैसी फिल्में की हैं। मौसमी बॉलीवुड में एक लीड एक्ट्रेस बन कर उभरीं और सब का ये भ्रम तोड़ दिया कि शादी के बाद महिलाएं फिल्मों में बतौर अभिनेत्री सक्सेज नहीं हो सकतीं।

- इसके अलावा मौसमी ने कई और सुपरहिट फ़िल्मों जैसे 'कच्चे धागे', 'जहरीला इंसान', 'स्वर्ग नरक', 'फूल खिले है गुलशन गुलशन',' मांग भरो सजना', 'ज्योति बने ज्वाला', 'दासी', 'घर एक मंदिर', 'घायल', 'संतान', 'जल्लाद', 'करीब', 'ज़िंदगी रॉक्स' फिल्मों में भी काम किया।

ब्रेक बाद फिर किया कमबैक

- मौसमी ने फिल्मों से कुछ सालों का ब्रेक लिया और फिर दोबारा फिल्मों में वापसी की। मौसमी की दूसरे फिल्मी सफर की पारी भी काफी अच्छी साबित हुई। मौसमी फिल्म 'आवाज', 'घायल', 'ना तुम जानों न हम', 'पीकू' और 'आ अब लौट चलें' जैसी फिल्में कीं। इन फिल्मों में मौसमी के अभिनय की खूब तारीफ हुई।

- मौसमी चटर्जी को फिल्म 'अनुराग' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला। इसके बाद कहा जाता है कि मौसमी ने श्रेष्ठ एक्ट्रेस का बीएफजेए अवॉर्ड भी जीता। साल 2016 में उन्हें बीएफजेए लाइफटाइम अवॉर्ड से भी नवाजा गया।