दसवीं रिव्यू

| 29-04-2022 10:56 AM 57

जेल में आने के बाद भी गंगा राम चौधरी एक आराम दायक जीवन जीते है और जेल से ही सरकार चला रहे होते हैं लेकिन तभी उस जेल में तबादले से आती हैं नई जेलर “ज्योति देसवाल” (यामी गौतम) जो की एक निडर और ईमानदार पुलिस अफसर हैं और जेल में आते ही गंगा राम चौधरी और ज्योति देसवाल के बीच नोक झोक देखने को मिलती है और अपनी ताकत के दम पर ज्योति, गंगा राम से जेल में कुर्सी बनवाने का काम कराती है। जेल में जो लोग पढ़ना चाहते हैं उनसे कोई भी काम नहीं करवाया जाता तो इसी के चलते जेल में काम ना करना पड़े, इस वजह से गंगा राम चौधरी अपनी अधूरी पढाई पूरी करने की ख्वाहिश ज़ाहिर करते हैं और दसवीं की परीक्षा की तयारी शुरू करते हैं।

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दूसरी तरफ बिमला देवी को मुखिया मंत्री की ताकत का नशा चढ़ने लगता है और अब वो ये चाहती है की गंगा राम दोबारा से कभी भी मुखिया मंत्री की कुर्सी न संभाले और इसके लिए बिमला देवी काफी प्रयास करती हैं, और उसी के चलते गंगा राम चौधरी ये कसम खाते हैं की अब जबतक वो दसवीं की परीक्षा में पास नहीं होते तबतक मुखिया मंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। तो अब क्या गंगा राम चौधरी वापस से मुखिया मंत्री बनेंगे? दसवीं की पढ़ाई से उनकी ज़िन्दगी में क्या बदलाव आएंगे? और क्या वो दसवीं की परीक्षा पास करेंगे ये आपको पता लगेगा फिल्म देखने के बाद।

फिल्म के निर्देशक हैं तुषार जलोटा जिकी ये पहली फिल्म है और उनका काम इस फिल्म में ठीक ठाक ही है साथ ही साथ फिल्म के गाने भी कुछ खास नहीं है।  दसवीं जिओ सिनेमा और नेटफ्लिक्स के उप्पर अब स्ट्रीम कर रही है जिसे एक बार पूरे परिवार के साथ ज़रूर देखा जा सकता ह।