Advertisement

Advertisement

एक ही जीवन में और कितने चमत्कार करेंगे आप मिस्टर बच्चन ?

0 135

Advertisement

अली पीटर जॉन

24 सितंबर को आपने मृत्यु पर विजय पाई थी .

24 सितंबर को ही आपने दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी जीता है.

सितंबर 24, 1982 का दिन था.आप मृत्यु के खिलाफ अपने जीवन का कठिनतम युद्ध जीतकर घर वापस आए थे. दो महीने से चला आ रहा लंबा ड्रामा खत्म हो चुका था. मंदिर,मस्जिद,गिरजाघर गुरुद्वारा, पारसियों का फायर टेंपल और दुनिया के अन्य पूजनीय स्थलों पर आपके सेहत की बेहतरी के लिए प्रार्थनाएं की गई थी.  सेंट फिलोमिनास हॉस्पिटल बेंगलुरु के डॉक्टर और फिर मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के डॉक्टर-डॉक्टर प्रवेश, डॉक्टर जयंत बारवें  और बाकी सभी स्पेशलिस्ट बहुत ही टेंशन में थे.  उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दिल्ली से सिर्फ आपसे मिलने के लिए मुंबई आई थी क्योंकि आप उनकी  सहेली श्रीमती तेजी बच्चन के बेटे थे. बाहर खड़ी भीड़ ने यह मान लिया था कि आपकी मृत्यु हो चुकी हैं. 2 अगस्त 1982 की रात में जब डॉक्टर ने आपको क्लिनिकली मृत साबित कर दिया था तो जया खाली पैर सिद्धिविनायक मंदिर गई थी और वापस आके जब आपके रूम में आई तो उन्होंने पाया कि आपकी पैर की एक उंगली हिल रही है तभी उन्होंने चीख  कर डॉक्टर को बुलाया कि आप जिंदा है. तभी डॉ परवेज ने अपने सभी जूनियर डॉक्टर्स को पंप और इंजेक्शन लाने को कहा और आपको न जाने कितने इंजेक्शन पड़े. और अपने अद्भुत रिकवरी के कारण आप फिर से 24 सितंबर 1982 को अपने जीवन में वापस आ गए. यह संयोग ही कह सकते हैं कि आज 37 साल बाद आपको उसी दिना दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा की गई. क्या होता अगर 2 अगस्त 1992 की रात को कुछ गलत घट गया होता तो?

क्या होता अगर आपका नाम इंकलाब होता जो आपके पिता ने रखा था और आपका भविष्य क्या होता अगर आप इंकलाब श्रीवास्तव के नाम से जाने जाते जो आपके परिवार का वास्तविक उपनाम था, जिसको आपके पिता ने अपने पेन नेम बच्चन से रिप्लेस कर दिया था? क्या निराला को पता था कि वो जिस बच्चे का नाम अमिताभ रख रहे हैं वो भविष्य में  दुनिया में रोशनी फैलायेगा?

क्या होता अगर आपके गुरु और मेरे गुरु के.ए.अब्बास  ‘सात हिंदुस्तानी’ बनाने का निर्णय नहीं लेते और अगर उन्होंने साथ में हिंदुस्तानी के लिए अपने असिस्टेंट टीनू आनंद को ले लिया होता तो?  टीनू ने अंतिम समय पर धोखा देते हुए सत्यजीत रे के साथ काम करने का निर्णय ले लिया था. अब्बास ने टीनू से कहा कि वो उनके नहीं जाने देंगे जब तक वो अपनी जगह किसी और अभिनेता का  जुगाड़ नहीं करते है  और तभी उन्होंने अपने पर्स से फोटो निकाला जो उनको उनकी दिल्ली की फ्रेंड शीला ने दिया था. और  अब्बास ने फोटो देखते ही टीनू से कहा कि इस लड़के को जल्द से जल्द कोलकाता से मुंबई की ट्रेन पकड़ के यहां आने को कहो और वो टिकट का किराया को भी  तैयार थे.  और फिर कैसे आप और आपके भाई अजिताभ स्टारडम की दुनिया में कदम रखने के लिए तैयार हो गए जिसके बारे में आप दोनों को कुछ भी नहीं पता था. कैसे अब्बास ने आपके भीतर छुपे प्रतिभा को पहचान लिया और आपको सातवां हिंदुस्तानी का किरदार निभाने का मौका दिया. और कैसे अब्बास आपके और कवि डॉक्टर बच्चन के बीच का रिश्ता जानने के लिए बेताब थे और जैसे ही उनको पता चला कि वो आपके पिता है तो उन्होंने तुरंत दिल्ली में आपके पिता को फोन किया और उनसे आश्वस्त होने के बाद  कि उन्हें आपके अभिनेता होने पर कोई दिक्कत नहीं है,आपको  पूरे फिल्म  के लिए ₹5000 पर साइन कर लिया . फिल्म की शूटिंग गोवा में 40 दिनों में हुई जहाँ आपको सभी यूनिट मेम्बर्स जिसमें मिस्टर अब्बास भी शामिल थे उनके साथ एक ही कमरा शेयर करना पड़ा था.

क्या होता अगर अन्य निर्देशक जैसे ऋषिकेश मुखर्जी,एस.रामानाथन को आपकी प्रतिभा नहीं दिखती और वो आपको आनंद,बॉम्बे टू गोवा जैसी फिल्मों में काम नहीं देते तो ,जिनमें आपको अनुभवी अभिनेता प्राण और ओमप्रकाश के साथ काम करने का मौका मिला? ओम प्रकाश जिन्होंने आपका नाम प्रकाश मेहरा को सुझाया था जो उस वक्त अपनी फिल्म जंजीर में इंस्पेक्टर विजय के किरदार के लिए एक अभिनेता की तलाश में थे. जिस  किरदार को देवानंद,राजकुमार और धर्मेंद्र ने ठुकरा दिया था. जिसके लेखक सलीम-जावेद ने यह मान लिया था कि जंजीर फिल्म नहीं बन पाएगी. और फिर कैसे  आपने असफलता की कुर्सी को धक्का मारकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ी और आपको एंग्री यंग मैन  और अगले सुपरस्टार के नाम से लोग जानने लगे. मैं प्रकाश मेहरा की वो लाइन कैसे भूल सकता हूं जो उन्होंने आपसे कहा था कि आप 12:00 बजे तक कुछ भी नहीं थे और 3:00 बजे तक आप एक स्टार बन चुके थे.

क्या होता अगर आप अपनी लगातार 11 फिल्म फ्लॉप होने के बाद असफलता से हार मान कर वापस कोलकाता के लिए बैग पैक कर चले जाते? जब आपको आपके मित्र अनवर अली ने रोका और कहा कि, मत जाओ. उन्होंने कहा कि आप और 2 महीने दे खुद को और आपने उनके सुझाव को माना और कैसे अगले कुछ महीनों में ही आप सुपरस्टार और सदी के महानायक बन गए.

और क्या होता अगर आपकी कंपनी एबीसीएल की बुरी तरह से बर्बाद हो जाने के बाद आपने जो 5 साल का फिल्म से ब्रेक लिया था उसके बाद अगर आपके एकमात्र दोस्त यश चोपड़ा आपके डूबते करियर को बचाने में  आपकी मदद नहीं करते तो? जब उन्होंने अपने बेटे आदित्य चोपड़ा से  आपको अपनी फिल्म मोहब्बतें जिसमें शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय थी में कास्ट करने को कहा. वो फिल्म जिसने आपके जीवन को नई दिशा दी और उसके बाद से आज तक आप ऐसे अभिनेता है जिनके पास सबसे ज्यादा फिल्में होती है. आपकी सफलता की लंबी लिस्ट में एक और सफलता जोड़ने के लिए आपने केबीसी  किया जिसने आपको और बेहतरीन और शक्तिशाली स्टार बना दिया. वो शो जिसका आज भी आप  11वां  सीजन होस्ट कर रहे हैं.

और मैं क्या कर सकता हूं आपके बारे में जिसको मैंने एक अभिनेता के रूप में जन्म लेने से लेकर दादा साहब फाल्के अवार्ड जीतने तक देखा है?  आपसे और बेहतर की मैं क्या उम्मीद कर सकता हूं ? आपने खुद ही कहा है कि आप अपने जीवन के अंतिम सांस तक काम करना चाहते हैं चाहे वो किसी पार्टी सीन में जूनियर आर्टिस्ट का  किरदार ही क्यों ना  हो.

➡ मायापुरी की लेटेस्ट ख़बरों को इंग्लिश में पढ़ने के लिए www.bollyy.com पर क्लिक करें.
➡ अगर आप विडियो देखना ज्यादा पसंद करते हैं तो आप हमारे यूट्यूब चैनल Mayapuri Cut पर जा सकते हैं.
➡ आप हमसे जुड़ने के लिए हमारे पेज FacebookTwitter और Instagram पर जा सकते हैं.

Advertisement

Advertisement

Leave a Reply