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ऋतिक रोशन

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ऋतिक रोशन, 10 जनवरी 1974 जन्म, एक भारतीय अभिनेता है जो बॉलीवुड में काम कर रहे है। सन 1980 में ऋतिक रोशन ने एक बाल कलाकार के रूप में फिल्मो में आने के बाद फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ (2000) में प्रमुख भूमिका निभाई. इस फिल्म को बड़ी सफलता मिली, रोशन के श्रेष्ट अभिनय के लिए उनको सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ पुरुष पहली फिल्म अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने ‘कोई मिल गया’ (2003), ‘कृष’ (2006) और ‘धूम 2’ (2006) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए विख्यात रहे है जो की अभ तक उनका सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलता हैं और जिसके लिए उन्होंने कई सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त किये.

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सन 2008 में, रोशन को उनका चौथी फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हुआ तथा कज़ान में उन्हें स्वर्ण मिंबर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपना प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और जोधा अकबर फिल्म का अभिनय के लिए उनको रूस में पुरास्कार प्राप्त हुआ। इस प्रकार भारत में रोशन, एक प्रमुख अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित किया है।

सन 1980 में जब रोशन छह वर्ष के थे, ताब एक बाल कलाकार के रूप में अपनी अभिनय के शुरुवात फिल्म आशा से किए, जिसमें वे नृत्य अनुक्रम में एक अतिरिक्त के रूप में निर्गत हुए.रोशन, आप के दीवाने (1980) और भगवान दादा (1986) जैसे फिल्मो में छोटी भूमिकाएं निभाते रहे, उन दोनों फिल्मोमे उनके पिताजी को अग्रणी भूमिका के रूप में दर्शाया था। फिर वे एक सहायक निर्देशक बने और अपने पिता की फिल्मों करन अर्जुन (1995) और कोयला (1997) के उत्पादन मे उनका सहयोग किया।

सन 2000 में रोशन ने लोगों के सामने पहली उपस्थिति करने वाली अभिनेत्री अमीषा पटेल के साथ फिल्म कहो ना प्यार है में लीड रोल में आए.

यह फिल्म, जो उनके पिता द्वारा निर्देशित किया गया और जिसमे उन्होंने एक दोहरी भूमिका निभाई, बॉक्स ऑफिस में बहुत ही सफलता प्राप्त की, सन 2000 में सर्वोच्च लाभदायक फिल्म बना और सर्वश्रेष्ठ फिल्मफेयर मूवी पुरस्कार में विजेता प्राप्त किया। रोशन के प्रदर्शन को अछी तरह स्वीकारा गया और इस फिल्म ने उन्हें रातोरात सितारा बना दिया. इस भूमिका केलिए अंततः उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष पहली फ़िल्मफेयर पुरस्कार और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हुआ। सन 2003 में 102 पुरस्कार पाया गया इस बॉलीवुड फिल्म को सबसे अधिक पुरुस्कार के लिया लिम्का पुस्तक रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया।

उसी वर्ष रोशन खालिद मोहम्मद की फ़िल्म फिज़ा में प्रमुख भूमिका निभाए. हालाँकि इस फ़िल्म का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर बहुत बुरा रहा, पर उनके अभिनय को सराहा गया और इस लिए उन्हें फ़िल्मफेयर समारोह में एक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का नामांकन प्राप्त हुआ।इंडिया ऍफ़एम् के तरन आदर्श ने ज़ाहिर किया की,”इस फिल्म की मुख्य आधार बेशक हृतिक रोशन है। उसकी शारीरिक भाषा, बोलने का ढ़ंग, मुखाकृति और संपूर्ण व्यक्तित्व महान प्रशंसा के योग्य है। इस फिल्म के द्वारा, रितिक ये साबित करते है कि एक फ़ैशनपरस्त उत्साह, मिल्स एंड बून प्रेमी-लड़का और एक सेक्स सिम्बल होने से अधिक उनके पास साबित करने केलिए बहुँत कुछ है। कही दृश्यों में उनका प्रतिभा ख़ास करके करिश्मा के साथ उभरकर धर्षित हुआ। तात्पर्य यही है की, प्रदर्शन का श्रेय रोशन को जाता है जिन्हों नें फिजा को एक बड़ी हद ताक बचाया. बेशक एक शानदार प्रदर्शन!

उस साल के रोशन की आखिरी प्रदर्शित फिल्ममिशन कश्मीर, उस वर्ष के उच्चतम तीसरे लाभाधायक फिल्म बनी. एक समीक्षक ने उनके प्रदर्शन को एक बार फिर kतारीफ किया की,” रितिक एक बार फिर एक नौजवान, जो आतंकवाद के भंवर में चूसा हुआ के रूप में एक शानदार प्रदर्शन किया। उनको फिल्म के प्रारंभिक भाग में एक सरकार विरोधी के रूप में चित्रित किया गया – जो की एक अनुभवी अभिनेता के लिया साहसिक कार्य है, एक उभरते सुपरस्टार की तो क्या बात करें .इन सभी उपलब्धियों ने उन्हें इस उद्योग के एक सबसे बड़े सितारों के स्थान तक पहुँचा दिया.

सन 2001 में सुभाष घई की ‘यादें’ उनकी पहली रिलीज थी। जिसके बाद करण जौहर का नाटकीय ‘कभी खुशी कभी ग़म’, जो की बॉक्स आफिस में बहुत अच्छी तरह हिट हुआ जो की सन 2001 का दूसरी सबसे अधिक लाभदायक फिल्म और विदेश में सबसे बड़ा हित रहा. रोशन का प्रदर्शन अच्छी तरह से स्वीकार गया और विभिन्न पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए नामांकन किया गया।

सन 2002 को रोशन का असफल वर्ष माना गाया क्योकि उनके तीनों फिल्मे – मुझसे दोस्ती करोगे, ना तुम जानो न हम और आप मुझे अच्छे लगने लगे बॉक्स ऑफिस पर असफल रही.

सन 2003 में उन्होंने वैज्ञानिक उपन्यासिक फिल्म ‘कोई… मिल गया’ से अपनी वापसी की, जो की उस वर्ष की अधिक लाभदायक फिल्म माना गया और उन्हें दूसरी बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवार्ड मिला.

सन 2007 में फरहान अख्तर का ‘लक्ष्य’ रोशन का एक मात्र रिलीज़ था, इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कोई अच्छा प्रभाव नहीं डाला, लेकिन उनके प्रदर्शन की आलोचकों ने प्रशंसा की.

रोशन दो साल अभिनय से दूर रहनेके बाद सन 2003 में फिल्म ‘कोई … मिल गया’, क्रिश में उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया। यह फिल्म एक प्रमुख बॉक्स ऑफिस सफलता थी और सन 2006 के सर्वोच्च लाभाधायक फिल्मो मेसे एक थी। उनका सुपर सिथारोवाला भूमिका को सराया गया, जिससे उन्होंने कही समाहरोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेताका पुरस्कार प्राप्त किया।

उसी वर्ष की उनकी अगली फिल्म,धूम 2, जो की 2004 की धूम का सीक्वल था और जिसमे उन्होंने पहली बार एक खलनायक की भूमिका निभाई. ऐश्वर्य राय बच्चन के साथ की गयी इस फिल्म में रोशन के प्रदर्शन आलोचको की प्रसंशा के बावजूद, उन्हें तीसरा फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हुआ. यह फिल्म 2006 की सर्वोच्च लाभदायक फिल्म के साथ-साथ बॉलीवुड की सबसे सफल फिल्मों में रही.

सन 2008 में, रोशन ने आशुतोष गोवारीकर के ‘जोधा अकबर’ फिल्म में ऐश्वर्य राय बच्चन के साथ अभिनय किया। उन्होनें महान अकबर की ऐतिहासिक भूमिका को बखूबी निभायी. फिल्म ने दोनों, भारत और विदेशों हाल ही में रोशन जोया अक्थर के ‘लक्क बाई चान्स’ (2009) में एक विशेष रूप में दिखाई दिये.

इसके बाद मेक्सिकन अभिनेत्री बारबरा मोरी और कंगना रानौत के साथ अनुराग बसु की ‘कैट्स’ फिल्म के लिए अभिनय किया और निर्देशक संजय लीला भंसाली की ‘गुजारिश’ में ऐश्वर्या राइ बच्चन के साथ भूमिका निभाई.

रोशन मुंबई में, सिनेमा हस्तियों की एक पंजाबी हिंदू परिवार में जन्म लिए. उनके पिता, फिल्म निर्देशक राकेश रोशन जी संगीत निर्देशक रोशन जी के सुपुत्र है और उनकी माँ, पिंकी, उत्पादक और निर्देशक ज. ॐ प्रकाश जी के सुपुत्री है। संगीत निर्देशक राजेश रोशन उनके चाचा हैं। ऋतिक ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढाई की। बाद में वे सिद्नेहम कालेज जाकर अपनी बी.कॉम की पदवी हासिल की.

रोशन ने संजय खान के पुत्री सुजैन खान से शादी की है। इसके दो बेटे ‘ह्रेहान रोशन’ और ‘ह्रिधान रोशन’ है. हाल ही में ऋतिक और सुजैन रोशन का तलाक हुआ लेकिन दोनों बच्चों की कस्टडी माता-पिता दोनों के पास है.

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