हुमा कुरैशी का उर्दू शायरी के प्रति खिंचाव क्यों

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हुमा कुरैशी इन दिनों उर्दू शेर शायरी के प्रति आकृष्ट होती जा रही है। नहीं नहीं, आप लोग यह शक मत करना कि वह किसी उर्दू दाँ के इश्क में डूब गई है। नहीं, दरअसल, कविताओं का शौक हुमा को बचपन से ही थी। वह कई भाषाओं में कविताओं का कलेक्शन कर चुकी है लेकिन उर्दू कविताओं को पढ़ते हुए वह उसके खुबसूरती से गुँथे हुए उर्दू शब्दों के गूढ़ रहस्यमयी अर्थों को ठीक से समझने की गरज से उर्दू शेर शायरी गज़ल की किताबें कलेक्ट करने लगी है। यह शौक उन्हें कुछ समय पहले ही लगा है, क्यों ?


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Mayapuri

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