भारत की बेटी हूं, नेपाल का खून हूंः भारती

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‘काॅमेडी क्लासेज’ भारती सिंह से खास बातचीत में कुछ ऐसे राज खुले, जो अभी तक शायद ही कोई जानता हो। पेश है भारती सिंह से हुई खास बातचीत।

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भारती आज बुलंदियो पर है, किसको श्रेय देती है?
वैसे हर किसी का कोई न कोई गाॅडफादर होता है, लेकिन मेरे तो चार-चार बात है। राजीव ठाकुर, कपिल शर्मा, सुदेश लहरी व मरे पिता राम सिंह की पैदावार हूं मैं। मेरे बाप है यह चारों। और मेरे दादा है पंजाब नाटशाला के जतिंदर बराड़। जिन्होंने संवारा सभी को। सबके बाप हैं बराड़जी।

आपके दादा आस सिंह नेपाल के काठमांडू से थे, क्या आप मानती हैं कि आपके रगों में नेपाल का खून हैं?
थोड़ी देर चुप रहने के बाद भारती बोली ‘हां बिल्कुल, भारती भारत की बेटी है, लेकिन उसके रगों में नेपाल का खून भी है, उस देश का जो भारत का मैत्री देश है, हिंदू देश है। मैं गई थी काठमांडू शो भी किया था, बहुत अच्छा लगा’। मेरे पिता राम सिंह दो साल की उम्र में छोड़ गये। मां कमला सिंह साथ रहती है। भाई धीरज छोटा है, पिंकी मुझसे बड़ी बहन है।

भारती दो पंजाबी फिल्मों में आई। ‘खिलाड़ी 786’ कितनी लक्की रही, जबकि आप खुद 786 हैं?
वो कैसे मैं कैसे 786 हूं।

सातवें महीने 1986 सन में जन्म?
वाह मैंने तो सोचा ही नहीं, मैं तो खुद कितनी लक्की हूं, अब मैं अपना नाम भारती लक्की 86 रखूंगी।

भारती को लल्ली किसने बनाया?
मेरे हुनर ने, लेकिन नाम राजीव ठाकुर ने दिया।

भारती की अब की हंसी सच्ची है या फिर उन दिनों की जब गुरबत में थी?
मेरी हंसी तब भी सच्ची थी, आज भी सच्ची है। लेकिन गम इतने थे कि हंसती रही। खुशी मिली तो हंसी और हंसने लगी।

भारती के हालात बदल गए, कितना वो बदली है?
भारती के हालात बदल भले गए हो, लेकिन वो नहीं बदली। उसे काॅलेज की सहेलियां याद है, टीचर याद है। गोलगप्पे वाला, आम पापड़ वाला सब याद है। मैं सभी से मिलना चाहती हूं लेकिन मेरी शौहरत ने शायद मेरी आजादी छीन ली।

आखिरी सवाल, लाइफ कैसे चल रही है?
लाइफ बिल्कुल ओके है, लाइफ ओके (पहले स्टान वन) से शुरूआत की थी। आज दोबारा लाइफ ओके पर ‘काॅमेडी क्लासेज’।

देखिए, सोमवार से शुक्रवार रात 10 बजे, केवल लाइफ ओके पर ‘काॅमेडी क्लासेज’।

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Mayapuri