INTERVIEW: “फिलहाल मै सिंगल हूँ-अब समय एन्जॉय करने का है” – सिद्धार्थ मल्होत्रा

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लिपिका वर्मा 

सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपनी डेब्यू फिल्म,”स्टूडेंट ऑफ़ थे ईयर” से – फ़िल्मी दुनिया का सफर शुरू किया था.आज 8/9 फिल्में कर चुके  है। किसी तारीफ के मोहताज भी नहीं है वो। आगे चल कर उनका प्लान खुद का प्रोडक्शन हाउस खोलने  का भी सोच रहें है।  अलग अलग फ़िल्में कर सिद्धार्थ ने यह साबित भी कर दिया है कि -वह किसी एक छवि के किरदार में बंध कर  नहीं रहना चाहते है। अलग अलग किरदार जैसे ,”एक विलन, और ब्रदर ‘ फिल्म  में बिना हीरोइन के, अपने  किरदार में बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस कर अपने फैंस को मंत्रमुग्ध कर ही दिया सिद्धार्थ ने

पेश है सिद्धार्थ के साथ लिपिका वर्मा की बातचित  के कुछ अंश –

आपकी फिल्म जेंटलमैन का टैग लाइन ,”सूंदर सुशील और (रिस्की की जगह) सेक्सी होता तो क्या कहते?

जी यह सच है यदि जो कोई लड़की मुझे सेक्सी कहे उसे में ढेर सारा प्यार देना चाहूंगा। यह टैग लाइन जो की आप लोगों ने मुझे अभी  दिया है बहुत अच्छा लग रहा है। पर यह भी सच है अच्छा ही हुआ आप लोगों ने मुझे सेक्सी का टैग दे दिया। क्योंकि चाह  कर भी मैं खुद को यह सेक्सी का टैग नहीं  दे पाता। 

जेंटलमैन का आपके लिए क्या मायने है?

जेंटलमैन का तत्प्रय  मेरे हिसाब से केवल अच्छे कपड़े  पहनना नहीं है। अपितु सारी  मानव जाती के मूल्य को समझना एवं उन्हें  सही प्रेम देने को ही कहते है। मेरे हिसाब से कोई भी जीव जंतु फिर चाहे वो – जानवर ही क्यों न हो हमे उनकी इज्जत, प्रेम कर उनका मूल्यांकन किये बिना बस मानवतापूर्ण बर्ताव करने वाले को जेंटलमैन कहेंगे। देखिये न उत्तर की ओर अक्सर लड़के बहुत ही आक्रमक विचार धारा  के माने जाते है। इसका मूल कारण उनके पिताजी भी होते है। हर घर में पिताजी यदि अच्छे मूल्य पेश करते है, अपने व्यव्हार में संतुलन बनाये  रखते है, तो जाहिर सी बात है बचपन से उनके बेटे उन्हें देख कर अच्छा व्यव्हार ही सीखते है। सो यह बहुत जरुरी है कि हर पिता अपने पुत्र को सकारत्मक एवं बेहतरीन मूल्य द्वारा ही परवरिश  करे ताकि आगे चलकर वह समाज में एक जेंटलमैन की हैसियत  से जाना जाये।

पहले के अभिनेताओ में एक  रहस्मय जादुई चीज़ होती थी। पर आज के एक्टर्स बहुत खुले होते है अपने फैंस  से, क्या कहना चाहेंगे  इस बारे में?

देखिये पहले के एक्टर्स की एक अच्छी खासी  इमेज बन जाती थी। सो उनको उसी तरह के किरदार भी मिलते रहते थे। किन्तु आज की पीढ़ी अपने आप को किसी इमेज में बांध के नहीं रखना चाहती है। समय बदल गया है। बहुत सारे  पलटफोर्म है लोगों को एंटेरटेन  करने के। और आज का जो नौजवान है सोशल मीडिया की वजह से अपने  प्रिये अभिनेता की हर बात जानना चाहता है। इसी लिए वो पहले सी  मैजिक टच नहीं रह गयी है अभिनेताओं में। और एक तरह यह सही  बात भी है। क्योंकि  आज की पीढ़ी को जितना भी मिले उन्हें कम  ही लगता है। 

आप सोशल मीडिया  पर ज्यादा नहीं दिखलाई देते है। परहेज करते है क्या ?

जी परहेज नहीं कर सकता हूँ। किन्तु मुझे जबतक अपने व्यक्तित्व में ऐसा कुछ नजर नहीं आता है -जो मै अपने फैंस से शेयर कर सकूँ तब तक मै सोशल  मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता हूँ। और यह बात भी सही  है कि-मुझे जितना शेयर करना है मै उतना ही सोशल मीडिया पर छापना चाहूँगा। बेफिजूल की बातें शेयर करना मुझे बिलकुल पसंद नहीं होता है।

आगे चलकर अपना स्वयं का प्रोडक्शन हाउस   भी खोलना चाहेंगे आप?

 जी बिलकुल खुद का प्रोड्कशन हाउस जरूर खोलना चाहूंगा  मैं। मैंने बतौर असिस्टेंट  डायरेक्टर अपना फ़िल्मी सफर शुरू किया था। और मुझे फिल्म मेकिंग में मजा भी आता है। आगे चल कर यदि कभी कोई निर्माता  पीछे हटजाता है तो मैं उसे रिप्लेस कर  लूंगा। और वैसे भी यदि कोई अच्छी स्क्रिप्ट मिली तो अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत उसे बनाना भी चाहूंगा। किन्तु  यह अभी  नहीं हो पाएगा। आगे कुछ वर्षों में ऐसा मेरा प्लान है। लेकिन यह भी तय है कि में खुद ही एक्टिंग ही करूँगा उस फिल्म में।

आप इतने जमीन से जुड़े हुए कैसे रह पाते  है स्टारडम सिर पर क्यूँ नही चढ़ा अभी तक?

 बात दरअसल सीढ़ी है -मै एक बहुत ही साधारण मिडिल क्लास (मध्य वर्गीय परिवार से आता हूँ। आज भी जब घर पर जाता हूँ तो मुझे समय  पर माँ नाश्ता नहीं देती है। मेरा पिताजी, भईया -भाभी  भी मुझे एक नार्मल घर के लड़के की तरह ही ट्रीट (बर्ताब) करते है। जैसा मेरे साथ पहले बर्ताब किया जाता था वैसा ही आज भी बर्ताब किया जाता है। हद तो तब हो जाती है ज मेरी माँ मुझे आज भी मार्किट जाने को कहती है और कहती है -“जा जाकर सब्जिया  ले कर आ!” तब मुझे उन्हें यह याद  दिलाना होता है कि -मै अभिनेता बन चुका हूँ। स्टार हूँ सो लोग मुझे मार्किट में घेर लेंगे। इन्ही वजहों से में ज़मीन से जुड़ा हुआ ही रहता हूँ । वैसे भी मुझे यह मालूम है स्टार बने है तो उसकी कदर भी करनी आनी  चाहिए। 

पंजाबी परिवार से है तो आपकी शादी की जल्दी नहीं करते है घरवाले ?

अभी तो शादी करना बहुत जल्दी होगा। मुझे अपना करियर बनाना  है। काम है सो काम कर अपनी  ज़िन्दगी संवारनी होगी। शादी के लिए अभी न तो मुझे और न ही मेरे परिवार को कोई जल्दी है शादी की अभी। जी हाँ मैंने मुंबई  में घर खरीद तो लिया है किन्तु अभी शिफ्ट नहीं किया है।

हंस कर आगे सिद्धार्थ बोले  जैसा आप कह रही है मै हैंडसम  हूँ तो -शादी क्यों करूँ!! यही समय है मुझे काम करके पैसे कमाने का है। शादी का अभी नहीं सोचा है।  बहरहाल, मैं सिंगल हूँ, और आज समय एन्जॉय करने का है। और आज भी मेरे डॉगी (कुत्ते) के साथ ही घर में रहता हूँ।

 


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Mayapuri

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