हनुमान बनने से पहले मैंने पूरे डेढ़ साल तक संघर्ष किया लेकिन इस रोल ने मेरी समस्याओं का निवारण कर दिया – विक्रम मस्तल

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Jyothi Venkatesh

कहते हैं कि हमारे आज के संघर्ष हमें कल की कठिनाइयों से लड़ने की ताक़त देते हैं| अभिनेता विक्रम मस्तल यानि आनंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ के हनुमान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है| उन्होंने हनुमान बनने से पहले पूरे डेढ़ साल बहुत परेशानी और संघर्ष का सामना किया था| और उनके किरदार के लिए अपनी कद काठी पर मेहनत की कहानी सब जानते हैं लेकिन विक्रम के इस किरदार को मिलने से पहले के कुछ अनजाने किस्से और रामायण के सफर की कहानी काफी दिलचस्प है | विक्रम बताते हैं कि एक नए एक्टर के पास कोई विकल्प नहीं होता और मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल था| मैंने अच्छे रोल्स के लिए डेढ़ साल तक बहुत हाथ पाँव मारे| सबसे ज्यादा समस्या थी पैसों की| लेकिन हनुमान के किरदार ने उस समस्या का भी निवारण कर दिया| मुझे वो पैसे मिले जिससे मैं इस शहर में अपना गुज़ारा कर पाया| अगर आप मुंबई में अपने एक रोल के पैसों से 2 – 3 साल काट लो तो इसका मतलब है कि वो रोल वाकई में बहुत बेहतरीन था| लेकिन इस फल को पाने के लिए मैंने बहुत मेहनत भी की थी”|

हनुमान अपने आप में एक बेहद सशक्त किरदार हैं| जो ताकत और भक्ति का प्रतीक है और इसी विचार के साथ विक्रम ने इस किरदार के साथ जुड़ी अपनी आस्था और सफर को बांटा| उन्होंने बताया, मैं तो मेघनाथ के किरदार के ऑडिशन के लिए गया था लेकिन कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे हनुमान की स्क्रिप्ट थमा दी और मैंने वहां पर हनुमान के डायलॉग्स बोल दिए|जब मेरा हनुमान के रोल के लिए चयन हो गया तो मुझे ख़ुशी के साथ अपने दुबले पतले शरीर की फ़िक्र हुई| मुझे तैयारी के लिए 6 महीने दिए गए और उस दौरान प्रोडूसर आनंद सागर ने आर्थिक रूप से मदद  की| जिससे मैं हनुमान जी के किरदार  के लिए बॉडी बना पाया|”  खूबसूरत कलाकारों के साथ अब रामायण अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया है और जल्द ही वो प्रसंग आएगा जिसका सबको इंतज़ार है जो जल्द ही प्रसारित होगा | वादों और विचारधाराओं के महाकाव्य रामायण को हर शाम 7.30 बजे और फिर 9.30 बजे, केवल दंगल चैनल पर प्रसारित किया जाताहै।

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