‘‘मैं इसी तरह आगे भी बेहतरीन फिल्में करते रहूंगा.’’

1 min


-पंकज त्रिपाठी

जब कलाकार सदैव अपनी जमीन से जुड़ा रहता है,तो फिर वह हर मुसीबत के वक्त हंसता ही नजर आता है.तथा हमेषा अपने लिए एक नई राह बना लेता है.किसान परिवार के सदस्य अभिनेता पंकज त्रिपाठी के शुरूआती बीस वर्ष गांव व खेतों के बीच बीते हैं.उनके जीवन में अनुभवों का ऐसा खजाना है कि वह आज भी जमीन से जुड़े हुए हैं.खुद पंकज त्रिपाठी कहते हैं-‘‘एक इंसान,जिसने अपनी जिंदगी में इतने उतार चढ़ाव देखे हैं,उसे जमीन से जुड़े रहने के लिए योगा की जरुरत नहीं है,क्योंकि जब आप उतार चढ़ाव देखते हैं,तब आपको जिंदगी का मतलब समझ में आता है.फिर ज्यादा प्रयास करने की जरुरत नहीं रह जाती है.’’
लाॅक डाउन के दिनों में जब सभी कलाकार कूकिंग करते अथवा घर की सफाई करने के वीडियो सोशल मीडिया पर डालते हुए खुद को सूर्खियों में बनाए रखने का प्रयास करते नजर आए,तभी अपनी जमीन से जुड़े हुए अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने फेसबुक पेज पर अपने प्रशंसकों से मुखातिब होने की अनूठी रोचक राह अपनायी.पंकज त्रिपाठी ने फेसबुक पेज पर एक सीरीज शुरू की,जिसमें वह अपने जीवन,गांव आदि से जुड़े किस्से सुनाने शुरू किए.इन्हे अब तक तीन करोड़ से अधिक लोगों ने सुना और दो लाख से अधिक लोगों ने कमेंट किए.
‘‘मायापुरी’के लिए उनसे हुई एक्सक्लूसिब बातचीतः
2012 से आपके कैरियर को नई ऊंचाई मिली.तब से आपका कैरियर लगातार ऊंचाइयों पर हैं.इस बीच की अपनी किन पांच फिल्मों को आप खुद बेहतर मानते हैं,जिनसे आपको संतुष्टि मिली?
-‘न्यूटन’,‘गुड़गांव’,‘स्त्री’,‘फुकरे’के दोनो भाग, ‘बरेली की बर्फी’जैासी फिल्मों और ‘मिर्जापुर’व ‘क्रिमिनल जस्टिस’जैसी वेब सीरीज को लोगों ने बहुत पसंद किया.
आपको काफी सफलता मिल चुकी है?
-सफलता मिलने के साथ ही कलाकार के तौर पर जिम्मेदारी भी बढ़ी है.अब दर्शकों की आपेक्षाएं बढ़ी हैं और उन पर खरा उतरने का दबाव भी है.मुझे खुशी है कि दर्शक मेरे काम को सराह रहे हैं.उनका प्यार मिल रहा है.इसलिए भी अब मैं बेहतरीन काम करना चाहता हूं.काम की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता.
मैं फिल्मों का चयन काफी सतर्कता के साथ करता हूँ .किरदारों  पर भी खास ध्यान देता हूं.इस वर्ष जिस तरह की फिल्में मैने की हैं,वह अलग और संतोष देने वाली हैं.मैं इसी तरह आगे भी बेहतरीन फिल्में करते रहूंगा.
अभी आपकी‘नेटफ्लिक्स’पर फिल्म ‘एक्सटैक्शन’’प्रदर्षित हुई है.आपको  इस फिल्म का ऑफर कैसे मिला था और आपने क्या सोच कर इसके साथ जुड़ना स्वीकार किया था?
-इस फिल्म के लिए कलाकारों का चयन कर रहे अमरीका के लाॅस एजेंल्स षहर से उनके एजेंट ने हमसे संपर्क किया था.उन्होने बताया था कि यह एक दृश्य का कैमियो है.उन्होने कहा कि इस किरदार में वह मुझे लेना चाहते हैं.फिल्म में कैमियो  का क्रेडिट दिया है.मगर यह एक दृश्य कहानी के लिए भी जरूरी है.क्योंकि इसी आदमी के बच्चे को लेकर पूरी फिल्म है.उसके बेटे का अपहरण हो जाने पर वह फिल्म के हीरो से कहता है कि,‘मेरे बच्चे को बचाकर लाना है.’उसी पर पूरी फिल्म चलती है.इसके लिए उन्हे एक दमदार अभिनेता चाहिए था,जो सीन में आए और हास्य पैदा हो जाए.तो उन्होंने मुझसे संपर्क किया.मुझे लगा कि मेरे लिए भी यह एक मौका है.इसी बहाने मैं हॉलीवुड में ‘अवेंजर्स’जैसी मेनस्ट्रीम की फिल्म के निर्देशकों के साथ जुड़ सकता हॅूं.इसलिए मैने यह फिल्म कर ली.
किस तरह के रिस्पांस मिले.कोई नई बातचीत आगे बढ़ी है?
-जी नहीं..कोई बातचीत आगे नहीं बढ़ी है.कोई नया आफर भी नहीं आया.बल्कि मेरे कुछ शुभचिंतक नाराज हैं.उन्हे यह बात अच्छी नहीं लगी कि फिल्म के प्रोमो में पंकज त्रिपाठी को रखा और फिल्म के अंदर उनका सिर्फ एक दृश्य है.कुछ दर्शकों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है.मगर वह किरदार ही इतना बड़ा था.अब सुना है कि इस फिल्म का सिक्वअल यानी कि भाग दो बनेगा.देखें कि अब भाग दो में किस तरह की कहानी होगी.
पर आपको नहीं लगता कि लॉक डाउन की वजह से इस फिल्म के चलते आपको जो रिस्पांस मिल सकता था या कोई अन्य विदेशी फिल्मकार आपसे संपर्क कर सकते थे,वह नहीं कर पाए.इससे आपको नुकसान हुआ?
-नहीं..मुझे ऐसा नहीं लगता.मेरी नजर में पहली प्राथमिकता लोगों की सेहत है,नफा नुकसान नहीं.लोग सुरक्षित रहें,फिल्में तो बाद में भी बनती रहेंगी.कोरोना से मुक्ति मिलने के बाद  बहुत सारे मौके मिलेंगे.बहुत कुछ बेहतर काम करने का अवसर मिलेगा.
कोरोना के कहर और लाॅक डाउन के चलते कई फिल्मकार अपनी फिल्मों को सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म,नेटफ्लिक्स या अमैजाॅन पर ले जा रहे हैं.एक कलाकार के तौर पर आप इस कदम को किस तरह से देख रहे हैं?
-कलाकार के तौर पर मुझे ठीक से जानकारी नही है.क्योंकि मैं बिजनेस को बहुत कम समझता हूं.हालांकि दर्शकों का जो अनुभव थिएटर में होता है,वह तो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नहीं होगा.बड़े स्क्रीन पर फिल्म देखने का जो मजा होता है,वह टीवी की 20 से 25 इंच की स्क्रीन पर या मोबाइल पर देखते समय नही मिल सकता.मोबाइल,टीवी तथा थिएटर/सिनेमाघर के अंदर फिल्म देखने का अनुभव एक जैसा कभी नही हो सकता.मगर फिलहाल थिएटर बंद हैं.इस वक्त लोगों की सेहत जरूरी है,इसलिए जिसकी जितनी क्षमता है वह उस हिसाब से देख ले.
आप सोशल मीडिया पर बहुत कम सक्रिय रहते हैं.मगर लाॅक डाउन के वक्त आपने सोशल मीडिया पर अपने किस्सेनुमा कुछ वीडियो पोस्ट किए?
-सच कहूं तो लाॅक डाउन के वक्त मुझे सोशल मीडिया का एक सकारात्मक पक्ष समझ में आया.मुझे हमेशा लगता था कि सोशल मीडिया पर सक्रियता मेरा काफी समय बर्बाद करने के साथ ही मेरे दिमाग पर ऐसा छाएगा कि मैं अभिनय के क्षेत्र में ज्यादा ठोस रचनात्मक काम नहीं कर पाउंगा.लेकिन जब मैने फेसबुक पर जिंदगी के कुछ रोचक किस्सों की सीरीज शुरू की,तो मैंने सोशल मीडिया के कई वंडर खोजे.इस सीरीज के तहत अपने प्रशंसकों के साथ बातचीत करना शुद्ध आनंद रहा,क्योंकि यह कहानियों,फिल्म व कला के बारे में ही चर्चा है.वैसे भी मेरा मानना है कि सीखने के लिए खुद को सीमाओं में बांधकर नहीं रखना चाहिए.फेसबुक पर किस्से बयां करते हुए मैने नए दर्शक वर्ग की खोज की,जो मेरे जैसे ही हैं और कुछ सीखना या पढ़ना चाहते हैं.मुझे अब एहसास हुआ कि लोगों से बात करना कतई बुरा नही है.
आपको नहीं लगता कि लाॅक डाउन खत्म होने के बाद भी कोरोना का असर फिल्मों की शूटिंग पर भी रहेगा.जल्द शूटिंग शुरू नहीं हो पाएंगी?
– शूटिंग का तो मुझे पता नहीं. जब तक कोई गाइड लाइन आ नहीं जाती,त तक हम लोग इंतजार कर रहे हैं.हम सभी इंतजार कर रहे है कि सरकार की क्या गाइड लाइन आती है.उसके बाद ही कुछ होगा.
आने वाली फिल्में?
-.‘83’,‘गुंजन सक्सेना’, ‘लूडो’, ‘मिमी’, ‘कागज’जैसी फिल्में और ‘मिर्जापुर पार्ट 2’जैसी वेब सीरीज जल्द रिलीज होंगी.लक्ष्मण उतेकर निर्देशित फिल्म ‘‘मिमी’’की कुछ दिन की शूटिंग बाकी है.
शान्तिस्वरुप त्रिपाठी

Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये