अगर डिम्पल ऐसा कर पाती, तो फिर यह नौबत नहीं आती -राजेश खन्ना

1 min


Rajesh khanna

राजेश खन्ना एक ऐसे कलाकार है  सदा न्यूज में रहे है चाहे वह टॉप पर रहे हो या फ्लॉप! उन्हें अपने आपको न्यूज में रखने का गुर आता है।

आज जबकि डिम्पल कापड़िया फिल्मों में आने के बावजूद फ्लॉप सिद्ध हुई हैऔर उधर राजेश खन्ना ने अपनी जाती फिल्अलग अलग’ (जिसके बारे में लोगों का यह विचार था कि मजनून की तरह वह भी नहीं बनेगी) पूरी कर ली है तो हर फिल्मी पत्रपत्रिका में राजेश खन्ना की ही चर्चा हो रही हैं।

जैड..जौहर

इसी लियेअलग अलगकी शूटिंग में दोनों कश्मीर मेंअलगअलगही रहे

Rajesh khanna

एक और जहाँ यह खबर है कि डिम्पल राजेश खन्ना के पास वापस आना चाहती है। वहीं दूसरी ओर यह भी उड़ा हुआ है कि राजेश खन्ना और टीना मुनीम की अब शादी नहीं होगी।

दोनों के संबंधों में दरार पड़ चुकी है। इसी लियेअलग अलगकी शूटिंग में दोनों कश्मीर मेंअलगअलगही रहे।

उस दिन सेठ स्टूडियों में राजेश खन्ना फिल्‍म ‘नजराना’ की शूटिंग कर रहे थे। वहीं उससे बातचीत करने का अवसर मिला तो हमने बातों में राजेश खन्ना से पूछाः—

ऐसे हालात में आपने प्रोडक्शंन शुरू करने की सरदर्दी कैसे कुबूल की? कहाँ से प्रेरणा ली? 

फिल्मों में 2 वर्ष गुजारने के पश्चात फिल् मेकिंग मेरे लिए सरदर्दी का काम नहीं था। मैं बहुत अर्से से फिल् बनाने का विचार कर रहा था।

किन्तु जब पाकिस्तानी फिल्ममेहरबानीवीडियो पर देखी तो मुझेअलग अलगबनाने की प्रेरणा मिली। इसे शुरू करने में देर जरूर लगी किन्तु मैंने इसे रिकाॅर्ड समय में पूरा किया है।

हालाँकि लोगों ने बहुतडराया था। 

बतौर निर्माता आपका अनुभव कैसा रहा? 

जब मैंने प्रोडक्शन शुरू किया तो मुझे इस बात का अहसास था कि मैं एक्ंिटग के अलावा जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियाँ उठा रहा हूँ।

किन्तु मुझे जैसा यूनिट मिला है मैं नहीं समझता कि इस से अच्छा और कोई यूनिट हो सकता था। हर आदमी प्रोफेशनल है और अपने दिमांग में एक्सपर्ट है।

जिसके कारण मुझे इसके कारण किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। मैंने तमामतर समस्याओं और टेन्शन को फेस किया है। किन्तु मुझे इस में बड़ा मजा आया है। 

Rajesh khanna

अलग अलग में जरीना वहाब के नाम की भी घोषणा हुई थी। किन्तु उसने फिल्‍म छोड़ दी। इस का क्या कारण था?

जरीना वहाब को मैंने ही साईन किया था और मैंने ही उसे छोड़ा है। उसने फिल् नहीं छोड़ी। फिल्म में जरीना की वैम्पिश भूमिका थी। इसलिए उसके स्थान पर बिन्दु को साईन किया गया। 

च हमने सुना है कि ‘ऊँचे लोग’ की तरह ‘अलग अलग’ भी पाकिस्तानी फिल्म ‘मेहरबानी’ की कॉपी है। आपने भी कहा है कि इसी से प्रेरित होकर ‘अलग अलग’ शुरू की है। क्या यह सच है?

प्रेरणा लेना और कॉपी करने में बड़ा अंतर है।मेहरबानीसे प्रेरणा ली है किन्तुअलग अलगउसकी नकल नहीं है। यह उससे अलग फिल् है।

सुना है निर्माण के बाद अब आप निर्देशन में भी पदार्पण करना चाहते हैं। क्या यह सच है?

जी हाँ! यह सच है। मैंने उसके लिए एक स्क्रिप्ट पसन्द कर लिया है। 

बतौर फिल्मकार आप कैसी फिल्में बनाना चाहते हैं?

मैं रोमांटिक हीरो रहा हूँ। और आज एक्शन फिल्मों की अपेक्षा रोमांटिक फिल्में ही लोग अधिक पसन्द करने लगे हैं। इसलिए मैं रोमांटिक फिल्में ही बनाऊँगा। 

क्या आर्ट फिल्‍म बनाने का कोई इरादा नहीं है जैसे कि शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा ने कोशिश की थी?

बैनर स्टैब्लिड होने के पश्चात अगर फिल्में बॉक्स आफिस पर चमत्कार दिखातीं रहीं तो इस दिशा में भी फिल् बनाने पर विचार करूँगा किन्तु फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है। 

Rajesh khanna

इसका मतलब है आपने फिल्‍म निर्माण कला की सेवा या अपने अन्दर के कलाकार की संतृ्ष्टि के लिए नहीं बल्कि पैसे कमाने के लिए शुरू किया है? 

हर कोई जो पैसे लगाता है वह पैसों की वापसी भी चाहता है। पैसा गँवाना कौन पसन्द करता है। आज शशि कपूर आर्ट की सेवा करके कितने खुश हैं आप उनसे मालूम कर सकते हैं।

आपके बारे में मशहूर है कि आपने अपने निर्माताओं को बहुत परेशान किया है। कभी सैट पर वक्‍त पर नहीं आते सिवाये मद्रास के! अब जबकि निर्माता बनने के पश्चात आपको उसकी परेशानियों का ज्ञान हो गया है तो आपको अपने इस व्यवहार पर पछतावा होता है?

पछतावा कैसा? कलाकार तो कलाकार होता है क्लर्क नहीं होता कि 10 बजे से 6 बजे तक ड्यूटी बजाये। कलाकार तो मूडी इन्सान होता है।

अगर उसे किसी प्रकार के बंधनों में बाँधने का प्रयास किया जाए तो उसका नतीजा अच्छा नहीं निकलता। राजेश खन्ना ने कहा।

रही बात मद्रास की तो आप उनकी तरह प्लानिंग करके फिल्म बनाईये वैसे साधन जुटाइये मैं यहाँ भी समय से पूर्व सेट पर हाजिर हो सकता हूँ।

जब मैं वहाँ समय का पालन कर सकता हूँ तो यहाँ भी कर सकता हूँ।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये