अगर वो चमत्कार नहीं हैं, तो क्या हैं???

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अली पीटर जॉन

ये विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है, पर ये सच है कि वो कभी एक अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी, ना ही कभी एक नृत्यांगना और गायिका बनना चाहती थी. वो दक्षिण के सुपरस्टार जेमिनी गणेशन और उनकी पत्नी और अभिनेत्री पुष्पावली की बेटी थी फिर भी उनकी इस क्षेत्र में कोई रुचि नहीं थी. उनकी सभी बहनें भी नृत्यांगना थी.

वो अपनी स्कूल भी पूरी नहीं कर पाई और अभिनय के क्षेत्र में  उन्हें परिस्थितिवश आना पड़ा,जब वो मात्र 10 साल की थी. उन्होंने तमिल और कन्नड़ फिल्म में  लीजेंडरी एक्टर राजकुमार के साथ काम किया.

फिर से कुछ ऐसी परिस्थिति बनी कि उन्हें मुंबई आना पड़ा. उन्हें उस वक्त ना  हिंदी आती थी ना अंग्रेज़ी.

वो लगातार फिल्मों में काम की तलाश में लगी रहीं. और उनको पहला ब्रेक मिला फिल्म ‘अंजाना सफर’ में. इस फिल्म में उनके अभिनेता थे विश्वजीत जोन से 20 साल बड़े थे रेखा के उम्र इस फिल्म में 13 वर्ष की थी पर वह अपने उम्र से ज्यादा बड़ी लगती थी और लोग उन्हें बदसूरत बत्तख काली भैसी जैसे कई अपशब्द बोला करते थे. इस फिल्म की स्क्रिप्ट में जबरदस्ती एक किसिंग सीन डाला गया था जो कि उस वक्त के पावरफुल हीरो की डिमांड थी और यह  लंबे किसिंग सीन में से एक है रहा है. फिल्म पर सेंसर बोर्ड ने बहुत से सीन कट किये और यह फिल्म 10 साल बाद ‘दो शिकारी’ नाम से रिलीज हुई.

फिल्म ने अच्छी कमाई नहीं की. उसके बाद रेखा को दूसरा मौका मोहन सेहगल की फिल्म में मिला, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को बिना ऑडिशन लिए ही रिजेक्ट कर दिया था. सेगगल ने अपनी फिल्म ‘ सावन भादो’ में रेखा को हीरोइन का किरदार निभाने का मौका दिया. सेहगल को 3 महीने से भी ज्यादा लग गये  फिल्म के हीरो का किरदार निभाने वाले नवीन निश्चल को यह मनवाने में कि वो  इस नई हीरोइन के साथ काम  करें . उस वक्त के बड़े हीरो बदसूरत हीरोइन के साथ काम करना पसंद नहीं करते थे. आखिरकार सहगल मान गये और सावन भादो सिल्वर जुबली हिट साबित हुई.

अगले 9 साल तक वो बस मर्दों के हाथ की कठपुतली की तरह काम करती नहीं जो रेखा को सिर्फ एक  सेक्स सिंबल की तरह देखते थे.

उस वक्त प्रेस में भी रेखा के बारे में सिर्फ और सिर्फ गलत बातें ही लिखी जाती थी. कभी उनके अफेयर के बारे में तो कभी उनकी बेडरूम की कहानियों के बारे में. मीडिया में ये  अफवाह थी कि रेखा का अफेयर किन-किन यानी किरण कुमार और विन-विन यानी विनोद मेहरा के साथ चल रहा है. विनोद मेहरा से बाद में उनकी शादी भी हुई थी.

एक समय था जब उन्होंने अपने उपमा (नाश्ता) में जहर डाल के खा लिया था क्योंकि उनको उनके अपने स्टाफ ने धोखा दे दिया था.

वो अब भी एक अच्छे अवसर की तलाश में थी जो उनको एक सफल अभिनेत्री के रूप में स्थापित करता. उनके कैरियर का सबसे बड़ा ब्रेक तब मिला जब उनको अमिताभ बच्चन के साथ ‘दो अनजाने’ में कास्ट किया गया. ये एक ऑफबीट विषय पर बनी फिल्म थी जो कि एक पति और पत्नी के रिश्ते को बयां करती है. रेखा ने अमिताभ के साथ बहुत सी फिल्में की है पर दोनों की सबसे यादगार फिल्में है मिस्टर नटवरलाल, मुकद्दर का सिकंदर और यश चोपड़ा की फिल्म सिलसिला जिसमें जया बच्चन भी थी. बातें बनाने वाले तो हमेशा कहते हैं कि ये दोनों प्रेमी प्रेमिका थे और कुछ तो ये भी कहते हैं कि ये दोनों अब भी प्यार में और मुंबई से बाहर कहीं अक्सर मिला करते हैं. रेखा को पसंद है जब उनका नाम अमिताभ से जोड़ा जाता है और वह अब भी अमिताभ को भगवान की तरह मानती हैं. वो हमेशा किसी भी समारोह में अमिताभ वाली कतार में या अमिताभ के पीछे वाली कतार में ही बैठती हैं. अब उनके पास सिर्फ यही तरीका है अमिताभ के करीब रहने का. उनके चर्चित अफेयर के खत्म होने के बाद बहुत से फिल्ममेकर है जो दोनों को एक साथ फिल्म में लाना चाहते हैं . अमिताभ ने तो यह भी कहा कि वो साथ में काम करना चाहते हैं अगर फिल्म का विषय अच्छा हो तो, पर अभी तक इन दोनों को साथ में लाने में कोई भी फिल्ममेकर सफल नहीं हो पाये हैं.

रेखा ने एक बार कहा था कि उनके इस बदलाव में अमिताभ बच्चन का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने रेखा को रेखा को अभिनय में, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में, और जीने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सिखाया है. एक समय में जिसको बदसूरत कहां जाता था आज वो फैशन की रानी मानी जाती है और अभिनय की महारानी भी.

रेखा ने अपने 50 साल के करियर में 200 फिल्में कर ली है. उमराव जान एकमात्र फिल्म है जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. रेखा ने बहुत से निर्देशकों के साथ काम किया है जैसे प्रकाश मेहरा, मनमोहन देसाई, राकेश कुमार, गोविंद निहलानी, गौतम घोष ,गुलजार, ऋषिकेश मुखर्जी, और गिरीश कर्नाड. रेखा ने निर्देशक टी रामा राव के साथ सबसे ज्यादा काम किया है.

रेखा ने अपनी खुद की एरोबिक क्लासेज शुरू की थी पर वो ज्यादा दिन चल नहीं पाई. वो बाहरी किसी भी पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करती हैं. सभी फल सब्जी वह अपने बैंड स्टैंड के बंगले के गार्डन में ही उगाती है. वह कहती है कि उन्हें अपनी खूबसूरती बरकरार रखने के लिए किसी भी प्राकृतिक केमिकल से बनी कॉस्मेटिक्स की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है उनके पास खुद की प्राकृतिक कॉस्मेटिक्स है.

रेखा के पास हजारों ऑफर है उनकी बायोग्राफी लिखने की पर उन्होंने किसी को भी अपने ऊपर किताब लिखने की अनुमति नहीं दी और जो दो लेखक जिन्होंने यह करने की कोशिश की उन पर  मानहानि का केस चल रहा है.

रेखा अपने जीवन में बहुत खुश हैं और 65 साल की उम्र में भी बहुत ही गॉर्जियस हैं . वो  जिस भी समारोह में  जाती हैं वहां सभी का ध्यान उन पर केंद्रित हो जाता है.

रेखा को अलग – अलग अंदाज में अपने फोटोस खिंचवाने का बहुत शौक है और वो अभी भी बेस्ट डिजाइनर्स से अपने कपड़े बनवाती है. उनके सबसे पसंदीदा डिजाइनर है मनीष मल्होत्रा.

आज के जमाने में जहां हर कलाकार अपने ऊपर किताब लिखवा रहे हैं, अपनी बायोग्राफी बनवा रहे हैं,वहाँ  रेखा और अमिताभ बच्चन ही सिर्फ ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अपने ऊपर किताब लिखने से मना किया है.

इस जादुई महिला की कहानी ऐसे ही बरकरार रहेगी.

रेखा ने इस दिवाली पर अपनी शुभकामनाएं भी दी हैं.

रेखा कहती हैं कि, “प्यार करो, दिल से प्यार करो. प्यार, मोहब्बत, इश्क के सिवा कोई दिवाली, कोई दशहरा, कोई क्रिसमस, कोई ईद, कोई पोंगल हो ही नहीं सकता. प्यार ही सबसे बड़ा त्यौहार है . आजकल हम लोगों ने प्यार का मतलब ही भुला दिया है और इससे बड़ा कोई पाप हो नहीं सकता. प्यार को हमारी जिंदगियों में वापस लाना होगा,नहीं तो कोई भी त्यौहार को मनाने का मतलब ही नहीं हो सकता.

आओ हम सब मिलकर एक नया त्यौहार मनाते हैं, प्यार का त्यौहार जिस में दिलों में दिए जलाएंगे, जमीन पर नहीं.

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