अगर दिलीप कुमार का बेटा होता, तो कैसा होता?

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कुछ 25 साल पहले मेरी मुलाकात दीप्ति नवल के घर के नीचे महरुख मिर्जा नाम के एक युवा लेखक से हुई, मैं दीप्ति नवल के घर उनसे मिलने गया था। मैं महरुख को उन तीन भाइयों में से एक के रूप में जानता था जिन्होंने खुद को मिर्जा ब्रदर्स कहने वाले सफल लेखकों की टीम बनाई थी (जिनमे हुमायूं और शाहरुख अन्य दो भाई थे)। हमने कुछ सामान्य बातचीत की और फिर मुझे नहीं पता कि उसे क्या हुआ और उसने दिलीप कुमार के बारे में बात करना शुरू कर दिया था और हमारी बात के दौरान, वह भावुक हो गया, और मुझसे पूछता रहा कि दिलीप कुमार का कोई बेटा क्यों नहीं था और अगर उनका बेटा होता तो कैसा दिखता और क्या करता, क्या वह अपने महान पिता की तरह एक अभिनेता होता या एक किसी अन्य पेशे को अपना लेता या किसी बिजनस में लग जाता। – अली पीटर जॉन

मैं उसे बताता रहा कि वह जो कह रहा था, वह सब उसकी कल्पना के दायरे में था, क्योंकि आखिरकार, वह एक लेखक था और लेखन में काफी सफल भी था। लेकिन, उसने मुझे जाने नहीं दिया और वह बार-बार एक ही शब्द दोहराता रहा, की दिलीप कुमार को बेटा क्यों नहीं था और अगर उनका बेटा होता तो कैसा होता, यह कहते हुए वह एक ऐसी स्टेज पर पहुंच गया, जहाँ उसकी आँखों से आंसू गिरने लगे थे। मुझे नहीं पता कि हमारी बातचीत कैसे समाप्त हुई, लेकिन मुझे उस प्रश्न से परेशान था जो उसने इतनी भावनाओं के साथ पूछा था

Dilip kumar
जैसे-जैसे समय बीतता गया, मैंने वही सवाल कई अन्य लोगों से पूछा और यह सोचा कि इतने सारे लोग ऐसी गंभीर सोच में क्यों पड़ रहे थे जिसके बारे में बहुत कम या कुछ भी नहीं किया जा सकता है लेकिन उस सुबह माहरूख ने जो सवाल उठाया था, वह हवा में चारों तरफ फेल गया था।
मैं ऐसे पुरुषों और महिलाओं से मिला था, जो दूर से थेस्पियन (दिलीप कुमार) से जुड़े नहीं थे, जो मुझे बता रहे थे कि कैसे वे नमाज अदा करते रहे थे और फिल्म इंडस्ट्री के इस शाही जोड़े को बेटा पैदा करने के लिए मन्नतें मागते रहे थे। यह लोडेड सवाल खाड़ी के सभी स्थानों पर भी सुना गया था और यहां तक कि ईजप्ट, कनाडा, ग्रेट ब्रिटेन और यूएसए जैसे देशों में भी यह सवाल सुना गया जहां 50 से अधिक वर्षों से थेस्पियन (दिलीप कुमार) के लाखों प्रशंसक रह रहे हैं। लेकिन यह सवाल कहीं भी जाकर खत्म नहीं हुआ था।

दिलीप कुमार से दूसरी बार शादी करने पर इस सवाल ने फिर से अपना सिर उठा लिया था। सायरा बानो ने 1966 में उनसे शादी की थी और यह चिकित्सकीय रूप से पाया गया था कि इस कपल के कभी बच्चे नहीं हो सकते थे। इसलिए, जब दिलीप कुमार ने अस्मा से शादी की, तो यह लिया गया कि उसने अपनी अमीर विरासत के उत्तराधिकारी होने की उम्मीद में दूसरी बार शादी की थी। पहली शादी हालांकि थोड़े समय के लिए ही चली और फिर उनका तलाक हो गया था। और उनके पुत्र होने या न होने के बारे में यह सवाल उनके अनगिनत प्रशंसकों और मित्रों को परेशान करता रहा हैं। मीडिया को यही सवाल दिलीप कुमार या सायरा से पूछने की उम्मीद थी, लेकिन वे या तो दिग्गज अभिनेता से खौफ में थे और उनकी खूबसूरत बेगम से डर गए थे।Dilip kumar

90 के दशक में जब शाहरुख खान ने खुद को एक उज्ज्वल भविष्य के साथ एक स्टार के रूप में स्थापित किया था, तो 34 पाली हिल (दिलीप कुमार के घर का एड्रेस) के बाहर का एक दृश्य था। एक मध्यम आयु वर्ग की मुस्लिम महिला हाथों में एक काली और सफेद तस्वीर लेकर गेट पर बैठी रही। वह लोगों को बताती रही कि महान अभिनेता के साथ उनका ‘अफेयर’ था और तस्वीर में जो बच्चा था वह उनका बेटा था जिसे उसने एक माँ के रूप में उसे पाला था और उसने यह कसम खाई थी कि यह बच्चा शाहरुख खान था। जब अभिनेता को मैंने उनके गेट के बाहर उस महिला के बारे में बताया था, तो उन्होंने खुद अपने हाथों से इस कहानी को खारिज कर दिया और कहा, “अगर मैं उस औरत पर विश्वास करता, तो मेरी कई पत्नियाँ और कई बेटे होते।” और जब मैंने शाहरुख को उस महिला की कहानी के बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी कहानी है, लेकिन विश्वस के लायक नहीं है। और यह इस सबसे महान अभिनेता के बारे में एक और कहानी का अंत था।

सायरा बानो को हालांकि शाहरुख के प्रति आकर्षण था और यह भावना म्यूच्यूअल थी। वास्तव में जब सायरा सितारों के साथ इंटरव्यू के आधार पर अपना टीवी शो ‘जरा देखो तो इनका कमाल’ कर रही थी, शो के पहले इंटरव्यूज में से एक करने के लिए शाहरुख ‘सर्कस’ के बाद टेलीविजन पर वापस लौटे थे। दिलीप कुमार और सायरा बानो दोनों ही शाहरुख से प्यार करते थे और उन्हें अपने बेटे की तरह मानते थे। और सायरा ने अपने कुछ करीबी दोस्तों को भी बताया कि अगर उनका बेटा होता तो वह शाहरुख की तरह होता। ऐसे कई लोग हैं जो सायरा की कामना पर विश्वास करना पसंद करते हैं।

यह जमाना भी कमाल है, और किस्मत भी कमाल है, किसी को सब कुछ मिलने के बाद भी कुछ नहीं मिलता, और जैसे एक शायर ने कहा है, “किसी को जमीन तो किसी को आसमान नहीं मिलता”
अनु- छवि शर्मा


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Mayapuri

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