‘मैं जरा भी असुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूं’- इलियाना डी’क्रूज़

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लिपिका वर्मा

इलियाना डी’क्रूज़ ने अपने आप को एक बहुत ही विश्वसनीय एक्टर साबित कर दिया है। साउथ फिल्मों का हिस्सा रही इलियाना ने जब से फिल्म ’बर्फी’ से हिंदी फिल्मों में पदार्पण किया है, बस उसके बाद तो जैसे वह बॉलीवुड की ही हो कर रह गयी है। फिल्म ‘रेड’ के बाद एक हल्की फुल्की फिल्म ’पागलपंती’ में जल्द जॉन अब्राहम के अपोजिट नजर आई इलियाना।

 तो कभी ’पागलपंती’ की है, आपस में परिवार के साथ या किसी  और के साथ ?

– हमारा परिवार एक मिले जुले धर्म को मानता है। मेरी माताजी मुस्लिम है तो मेरे पिताश्री ईसाई धर्म का पालन करते हैं। हमारा बहुत ही बड़ा परिवार है। जब भी हम मिलते हैं तो घर पर ‘पागलपन’ का भूत चढ़ जाता है। जब भी हम बहुत अर्से के बाद परिवार के साथ होते हैं तो क्रेजी माहौल सा बन जाता है। उसमें भी एक अलग ही मजा है। हमारी फ़ैमिली पागलपंती करने में बहुत आगे है।

 आपने कॉमेडी फिल्म ‘पागलपंती’ करने के लिए हामी कैसे भरी?

– मुझे एक कॉमेडी फिल्म करनी थी, मुझे गंभीर फिल्मों से ब्रेक लेने की इच्छा भी हो रही थी सो मैंने यह फिल्म करने के लिए हामी भर दी। ‘मुबारकां’ फिल्म करने के बाद लोगों को विश्वास हो गया कि -मैं कॉमेडी भी कर सकती हूं। जॉन भी हाल में काफी इंटेंस फ़िल्में कर रहे हैं किन्तु मुझे पर्सनली जॉन ‘दोस्ताना’ फिल्म में बेहद पसंद आये थे, जॉन बेहद अच्छे व्यक्तित्व के धनी हैं।

 इलियाना डी’क्रूज़

 आपने साउथ फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी पर हाल में ज्यादा साउथ फिल्मों में नजर नहीं आ रही हैं, कोई ख़ास वजह?

– दरअसल में जब मैंने फिल्म “बर्फी“ की तब मैंने एक बहुत ही बड़ा रिस्क लिया था। कुछ समय लगा मुझे यहाँ बॉलीवुड में जमने के लिए। मैं कोई भी फिल्म करने के लिए तैयार हूँ फिर चाहे वह साउथ की, हॉलीवुड, या बॉलीवुड की फिल्म ही क्यों न हो? पर हाँ कहानी और मेरा किरदार अच्छा होना चाहिए। कंटेंट का बेहतर होना बहुत जरुरी है। मैं काफी चूजी हूँ और सोच समझ कर ही फ़िल्में चुनती हूँ। दरअसल में मैं एक लालची एक्टर हूँ और हमेशा अच्छे निर्देशकों और एक्टर्स के साथ काम करना पसंद करती हूँ. ऐसा करने में थोड़ी बहुत दिक्कत तो आती ही है। हो सकता है कई बार मैंने सही च्वॉइस भी नहीं की हो? पर कोशिश हमेशा रहती है कि मैं अच्छे किरदार ही चुनूं।

हाल ही में फिल्म ’सांड की आंख’ के किरदार करने के लिए सोशल मीडिया पर तापसी और भूमि के बारे में बहुत कुछ लिखा गया। क्या उम्र के मुताबिक ही किरदार चुनने चाहिए?

– मैंने फिल्म ‘सांड की आंख’ के बारे में काफी तारीफ सुनी है। पर क्योंकि मैंने फिल्म नहीं देखी है सो कुछ कमेंट नहीं कर सकती हूँ। मेरा मानना है कि कोई भी निर्देशक कास्ट चुनता है तो इसके पीछे उसका एक विज़न होता है। सो अपने विज़न के हिसाब से ही वह एक्टर्स को कास्ट करता है। उम्र का इससे कोई लेना देना नहीं होता यदि वह एक्टर उस रोल में फिट बैठता है और अभिनय कर उस रोल को जस्टिफाई करता है तो उसे चुनने में कोई ऐतराज नहीं है।

 इलियाना डी’क्रूज़

 कुछ सोच कर इलियाना बोली, ’फिल्म ’बर्फी’ में मैंने 28 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक की महिला का किरदार किया था। निर्देशक तुषार हीरानंदानी ने सोच समझ कर ही तापसी एवं भूमि को कास्ट किया होगा। वह दोनों बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्रियां है। बॉलीवुड एक बहुत ही विशाल इंडस्ट्री है और यहाँ सभी के लिए स्पेस है।

अपने बॉय फ्रेंड एंड्रू नीबोन से ब्रेकअप के बाद आप थेरेपिस्ट के पास ट्रीटमेंट के लिए गयी थी क्या ?

– यदि मेरे जीवन में कुछ महत्वपूर्ण घटा है तो उस बारे में यदि मुझे बात करनी हो तो मैं उस विषय पर बात जरूर करती हूं। और यदि आप को किसी प्रकार की शारीरिक तकलीफ हो तो आप डॉक्टर के पास ही तो जाते हैं न? मैं किसी भी तरह से दुखी महसूस नहीं कर रही हूँ। मेरा काम काज भी बहुत अच्छा चल रहा है और मैं बहुत ही बेहतरीन स्पेस में हूं। मैं इस समय अपने काम (फिल्मों) को लेकर अपनी फिटनेस को लेकर और अपने व्यक्तित्व को लेकर उन पर काम कर रही हूँ। मुझे अपने काम से प्रेम है। मैं जरा भी असुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूँ।

 इलियाना डी’क्रूज़

 अपनी अगली फिल्म के बारे में कुछ बतायें ?

– मेरी अगली फिल्म का टाइटल ’बिग बुल’ है। इस फिल्म के निर्देशक कूकी गुलाटी  है। यह बहुत ही मजेदार कांसेप्ट है। इसमें कोई टिपिकल हीरोइन वाला रोल नहीं है। बस इस फिल्म के बारे में फिलहाल मैं इतना ही बता सकती हूँ।

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