‘‘तो मेरी कोई फिल्म फ्लॉप ना होती. ’’ -इमरान हाशमी

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‘‘सीरियल किसर’’ की इमेज रखने वाले इमरान हाशमी फिलहाल बहुत अलग तरह की फिल्में कर रहे है. उनका मानना है कि यदि किस्सिंग सीन से फिल्में हिट होती. तो उनकी कोई भी फिल्म फ्लाप न होती. इन दिनों वह करप्षन के खिलाफ बात करने वाला ह्यूमरस फिल्म ‘‘उंगली’’ को लेकर चर्चा में है.

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अपने दस साल के अभिनय कैरियर पर जब नजर दौड़ाते हैं, तो आप अब खुद को कहां पाते हैं?

-सच कहूं तो बालीवुड के लिए मैं गैर फिल्मी ही हूँ. मैं कभी भी बालीवुड से जुड़ा अभिनेता नहीं बनना चाहता था. मैं बालीवुड के लोगों की सायकी व ईगो के साथ जिंदगी नहीं जी सकता. मुझे फिल्मी पार्टियां बोरिंग लगती है. शायद यही वजह है कि मुझे उस तरह के लोकप्रिय ‘हीरो’ किस्म के किरदार नहीं मिले, जो कि फिल्मी पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकारों को मिलते हैं. लोग मुझे अवार्ड, पार्टी आदि आम फिल्मी हलचलों से दूर ही रखते हैं. मैं भी खुद को बदलना नहीं चाहता. मैं तो अभिनय को प्रोफेशन की तरह लेता हॅूं. मैं अपनी कला के प्रति पूरी तरह से समर्पित हॅूं. इसीलिए अब तक मैंने अलग अलग तरह की फिल्में ही की हैं. मैंने कभी इस बात की परवाह नहीं की कि लोग मुझे ‘सीरियल किसर’ कह रहे हैं या कॉमेडी एक्टर कह रहे हैं या कुछ और. यदि आप मेरे कैरियर पर नजर दौड़ाएंगे, तो पाएंगे कि मैंने आज तक आम ‘बालीवुड फिल्में’ नहीं की है. आप मेरी फिल्मों को ‘पैरलल मेनस्ट्रीम सिनेमा’ कह सकते हैं. मसलन अब मेरी नई फिल्म ‘उंगली’ रिलीज हो रही है. इसे आप आम बालीवुड फिल्म नहीं कहेंगे.

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फिल्म ‘‘उंगली’’ के कॉंसेप्ट में से किस बात ने आपको यह फिल्म करने के लिए इंस्पायर किया?

-जब मैंने फिल्म की स्क्रिप्ट सुनी, तो मुझे इस बात ने इंस्पायर किया कि यह फिल्म करप्शन पर है. इसमें ज्वलंत सामाजिक मुद्दे को उठाया गया है. और यह सब कुछ बहुत ही ह्यूमरस तरीके से पेश किया गया है. कहीं कोई गंभीर मसला नहीं है. यह डॉक्यूमटरी नहीं हैं. बोरिंग नहीं है. फिल्म देखते हुए लोगों को मनोरंजन मिलेगा. यह पूरी तरह से फन फिल्म है. इन्ही बातों की वजह से मैंने इस फिल्म में काम करना स्वीकार किया है.

फिल्म ‘‘उंगली’’ के आपने किरदार को लेकर क्या कहेंगे?

-मैंने इसमें निखिल का किरदार निभाया है, जिसके पिता कभी पुलिस में ईमानदार अफसर थे. उनकी ईमानदारी की वजह से हत्या हो जाती है. निखिल को लगता है कि उसके पिता को न्याय नहीं मिला. उसकी आवाज सुनी नहीं जाती है, तो वह भ्रष्टाचार की लड़ाई में चार लोगों की गैंग में शामिल हो जाता है.निखिल की आइडियोलॉजी भ्रष्टाचार को खत्म कर देश में हर सही राह पर आगे ले जाना है. इस गैंग में जो पहले से काम कर रहे हैं, उनकी भी आयडोलॉजी यही है. उनके काम करने का तरीका अलग है. इस वजह से निखिल व उनके बीच नोंकझोंक भी होती है.पर बाद में गहरी दोस्ती हो जाती है.

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फिल्म में किस तरह के अपराध किस तरह के मुद्दों पर बात की गयी है?

-फिल्म में एक नहीं कई छोटे छोटे मुद्दे उठाए गए हैं. मसलन,एक मुद्दा यातायात से जुड़ा है. हर शहर में हम देखते हैं कि ऑटोरिक्षा वाले कहीं भी बीच सड़क पर रिक्शा रोक देते हैं. हम यह नहीं कहते कि वह मेहनत नहीं करते हैं. उनकी मेहनत की वजह से हम सभी को सुविधाएं मिल जाती है. आराम की जिंदगी मिल जाती है. मगर इन ऑटोरिक्षा वालों के बीच में एक दो प्रतिषत लोग ऐसे भी हैं, जो कि छोटी दूरी पर जाने से मना करते हैं, सिर्फ लंबी दूरी पर ही जाना चाहते हैं. इससे आम आदमी को परेशानी होती है. इस मुद्दे को उठाया है. ऐसे ऑटोरिक्षा वालों के खिलाफ निखिल क्या करता है, वह दिखाया गया है. सड़कों पर जो गड्ढे हैं, उनके खिलाफ बात की गयी है. फिल्म में करप्शन,सरकारी दफ्तरों में बिना काररवाही के पड़ी अर्जीयों, मंत्रियों के भ्रष्टाचार पर भी बात की गयी है.

फिल्म ‘‘हैप्पी एंडिंग’’ में आपकी सीरियल किसर की इमेज का मजाक उड़ाया गया है. फिल्म में गोविंदा के पात्र का संवाद है कि ‘दो चार किसिंग सीन डाल दो’, तो फिल्म हिट हो जाएगी.’’ इस पर क्या कहेंगे?

-मुझे लगता है कि पिछली चार पांच फिल्मों में इसी ढंग की बातें की गयी हैं. मेरा मानना है कि किसिंग सीन से फिल्म कभी हिट नहीं होती. फिल्म की कहानी अच्छी होनी चाहिए. चरित्र अच्छे होने चाहिए. गाने अच्छे होने चाहिए. फिल्म का ट्रीटमेंट अच्छा होना चाहिए. यदि किसिंग सीन की वजह से कोई फिल्म हिट होती, तो अब तक मेरी कोई फिल्म फ्लॉप ना होती.

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पिछली पर्देशित फिल्म ‘‘राजा नटवर लाल’’ फ्लाप थी?

-फिल्म का संगीत ठंडा पड़ गया था. फिल्म का क्लायमैक्स जरूरत से ज्यादा बुद्धिमत्तापूर्ण हो गया था. फिल्म की मॉर्केटिंग गड़बड़ रही. पब्लिसिटी ठीक से नहीं हुई.

सिनेमा में आ रहे बदलाव को आप किस तरह से देखते हैं?

-नई नई कहानियों पर फिल्में बन रही हैं. सिनेमा की कार्यपद्धति में भी बदलाव आ रहा है. कलाकार भी प्रयोग कर रहे हैं. मुझे लगता है कि यह सिनेमा के लिए अच्छा समय है.


Mayapuri