इमरान खान

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इमरान ख़ान, जन्म: 13 जनवरी, 1983 एक भारतीय हिन्दी फ़िल्म के अभिनेता हैं। ये अभिनेता आमिर खान व निर्माता-निर्देशक मंसूर खान के भतीजे है।

खान ने 2008 में फ़िल्म जाने तू या जाने ना से अभिनय क्षेत्र में पदार्पण किया था। इस फ़िल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नए अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार मिला था। उन्होंने बाद में आई हेट लव स्टोरीज़ (2010), देली बेली (2011) और मेरे ब्रदर की दुल्हन (2011) जैसी सफल फ़िल्मों में काम किया।

खान का जन्म मैडिसन, विस्कजिन, अमेरिका में हुआ था। उनके पिता अनिल पाल, एक हिन्दी-बंगाली, लिंक्डइन में एक कन्सल्टंट के रूप में कार्यरत है और माँ नुज़हत खान, एक मुस्लिम, है। जब वे डेढ़ साल के थे तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया और उन्होंने अपना आखरी नाम पाल से बदल कर खान रख लिया। ये अभिनेता आमिर खान व निर्माता-निर्देशक मंसूर खान के भतीजे है और नासिर हुसैन, जों एक निर्देशक व निर्माता है, के पोते है। भारत में उन्होंने बोम्बे स्कॉटिश स्कुल में पढ़ाई की पर बाद में ऊटी स्थित एक बोर्डिंग स्कुल में दाखिला ले लिया।

Imran Khan

खान ने अपने चाचा आमिर खान की फ़िल्म ‘क़यामत से क़यामत तक’ (1988) और ‘जों जीता वोही सिकंदर’ (1992) में बालकलाकार के रूप में काम किया। दोनों ही फ़िल्मों में उन्हें नन्हे आमिर खान की भूमिका निभाई थी। उनकी निर्देशक बनने की इच्छा थी पर अंततः वे अभिनेता बन गए। खान ने मुंबई स्थित किशोर नामित कपूर के अभिनय के विद्यालय में दाखिला लिया।

खान ने मुख्य अभिनेता के रूप में 2008 में बनी फ़िल्म जाने तू या जाने ना से फ़िल्म सृष्टी में पदार्पण किया जिसे अब्बास टायरवाला ने निर्देशित व आमिर खान व मंसूर खान ने निर्मित किया था और इसमें जेनेलिया डिसूज़ा सह अभिनेत्री के रूप में थी। खान ने 54वे फ़िल्मफेयर पुरस्कारों में फरहान अख्तर के साथ सर्वश्रेष्ठ उभरते अभिनेता का ख़िताब जीता था।

उनकी अगली फ़िल्म संजय दत्त व मिनिषा लाम्बा के साथ किडनैप थी जिसमे इन्होने नकारात्मक भूमिका निभाई थी। शुरुआत अच्छी होने के बावजूद फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई जिसका कारण समीक्षकों ने फ़िल्म के खराब निर्देशन को कहा। इसके बावजूद खान के अभिनय को काफ़ी सराहा गया और उन्हें 2009 के आइफा पुरस्कारों में नामांकन प्राप्त हुआ। खान की अगली फ़िल्म श्रुती हासन और संजय दत्त के साथ बनी ‘लक’ थी।

2010 में उन्होंने अब्बास टायरवाला की फ़िल्म झूठा ही सही में अपनी आवाज़ दी। 2010 में उनकी सबसे पहली रिलीज़ आई हेट लव स्टोरीज़ थी जिसमे उन्होंने सोनम कपूर के साथ कार्य किया था और इसका निर्देशन पुनीत मल्होत्रा व निर्माण करण जोहर ने किया था। फ़िल्म व्यापारिक दृष्टी से सफल रही। उनकी अगली फ़िल्म ब्रेक के बाद थी जिसका निर्देशन दानिश असलम ने व निर्माण कुणाल कोहली ने किया था किन्तु यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कामियाब नहीं हो पाई। इसके बाद खान ने अंग्रेज़ी भाषा की हास्य फ़िल्म देली बेली में भूमिका संभाली जिसका निर्देशन अभिनय देओ ने किया था। फ़िल्म समीक्षाओं व व्यापर की दृष्टी से बड़ी सफल सिद्ध हुई। खान ने बाद में मेरे ब्रदर की दुल्हन में कटरीना कैफ के साथ भूमिका निभाई जिसे ९ सितंबर २०११ को रिलीज़ किया गया। फ़िल्म को मिली जुली प्रतिक्रिया मिली पर यह सफल रही।


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Mayapuri

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