इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट 9 ने अपने जूरी मेंबर्स के नाम की घोषणा की 

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इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) आजकल चर्चा में है जब से  इसकी   9वीं संस्करण की घोषणा की है. इस साल मुंबई में  6.5 मिलियन फिल्मेकर्स और कंटेंट क्रिएटर्स एक साथ एशिया के सबसे बड़े कंटेंट क्रिएशन त्यौहार में 12 और 13 अक्टूबर 2019 को दिखेंगे. इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट हमेशा ये अपने विद्वान जूरी मेंबर की वजह से जानी जाती है जैसे श्याम बेनेगल, केतन मेहता,सुधीर मिश्रा,श्रीराम राघवन, मधुर भंडारकर, तिग्मांशु धूलिया, सुजीत सरकार,हंसल मेहता, वेत्री मारन, बिजॉय नांबियार, विक्रमादित्य मोटवानी, गुनीत मोंगा  आदि पिछले आठ सीजन से इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट के सदस्य रहे है. इस साल भी आईएफपी ने अपने प्रतिष्ठित जूरी मेंबर्स के नाम की घोषणा की है जो आने वाले प्रतिभावान लोगों को सही दिशा दिखायेगी.

इस साल आईएफपी में निम्नलिखित कैटेगरी में प्रतियोगिता होगी.

* 50 घंटे की फिल्म मेकिंग- इस कैटेगरी के पैनलिस्ट है अभिषेक चौबे,अंजली मेनन, पॉल नलिन और प्रदीप सरकार. इसमें भाग लेने वाले सदस्यों को 50 घंटे में फिल्म की स्क्रिप्टिंग,शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन पूरी करनी होगी.

* शार्ट स्क्रिप्ट राइटिंग चैलेंज- इसमें सदस्यों को अपनी ओरिजिनल स्क्रिप्ट लिखनी होगी और इसमें जज होंगे अपूर्व  आश्रानी ,भवानी अय्यर, और सैवीन कुदराय.

* स्टोरी टेलिंग और पोस्टर डिजाइनिंग- यह दोनों कैटेगरी इस साल आईएफपी में नई जोड़ी गई है. स्टोरी टेलिंग चैलेंज में सदस्यों को  जजेस के सामने अपनी कविता को बोलकर सुनाना होगा.इसके निर्णायक मंडल में है अमनदीप कौर, जिदनया सुजाता और याहा बूटावाला. पोस्टर चैलेंज में युवा कलाकारों को मौका मिल रहा है कि वह अपने पसंदीदा फिल्मी पोस्टर को अपने तरीके से बनाए और इसके जज होंगे राज खत्री.

* शाहिद,सत्या,अलीगढ़ जैसे फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए फिल्ममेकर अपूर्व आश्रानी कहते हैं कि, यह प्लेटफार्म इंडस्ट्री के लोगों को नये प्रतिभाओं से इंटरेक्ट बनने का मौका देती है.

* परिणीता फिल्म के लिए काफी प्रशंसा पाने वाले प्रदीप सरकार कहते हैं कि वह पहली बार शॉट फिल्मस को जज करेंगे और वो नये प्रतिभावान बच्चों के प्रतिभा को देखने के लिए बहुत उत्सुक है.

* भवानी अय्यर जिन्होंने ब्लैक गुजारिश और लुटेरा जैसी फिल्मों में बहुत ही बढ़िया स्क्रीनप्ले किया है वह कहती है कि सबसे बड़ी चुनौती फिल्मेकर्स के लिए यह है कि उनको सही प्लेटफार्म नहीं  मिल पाता. आईएफपी ऐसे बच्चों को सही प्लैटफॉर्म प्रदान करने का काम कर रहा है.

* इश्किया फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक चौबे कहते हैं, “मैं बहुत ज्यादा खुश हूं  कि मैं 50 घंटे की फिल्म मेकिंग चैलेंज का हिस्सा हूँ. इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट को धन्यवाद देना चाहूंगा कि ये यंग फिल्म मेकर्स को अच्छा प्लेटफार्म प्रदान कर रहे है.

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