इंडियन फिल्म एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन का नाम बदलकर ‘एंटरटेनमेंट कंटेंट ओनर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (ईसीओए) हुआ

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इंडियन फिल्म एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन का गठन 1963 में लिम बिलिमोरिया और कुछ अन्य भारतीय फिल्म निर्यातकों द्वारा विदेशों में भारतीय फिल्मों  व्यवसाय को बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया था। ईसीओए के अध्‍यक्ष, सुशील कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए यह बताया, “मुंबई इंडियन फिल्म एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन’ का नाम बदलकर ‘एंटरटेनमेंट कंटेंट ओनर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईसीओए)’ कर दिया गया है। इसकी नई पहचान को दर्शाने के लिए अब एक नया आधुनिक logo भी तैयार किया गया है। अपने नए अवतार में, ईसीओए सभी ऑडियो विजुअल प्लेटफॉर्म पर सभी भाषाओं, शैलियों और प्रारूपों के सभी मनोरंजन सामग्री मालिकों के लिए अपनी सदस्यता को एम्ब्रेस करता है और बढ़ाता है।

ईसीओए कई महत्वपूर्ण संघों और ‘फिक्‍की’ एवं ‘एफएफआई’ जैसे शीर्ष बॉडी का एक प्रमुख सदस्य भी है। ईसीओए बदलते समय का प्रतीक है और टीवी, ओटीटी एवं डिजिटल के भारी विकास को अंगीकार करता है, इसलिए बॉडी भी उन्हें अपने दायरे में लाना चाहता था और इन प्लेटफार्मों पर भी अपनी सदस्यता का विस्तार करना चाहता था।

अपनी शुरुआत के बाद से, ईसीओए अपने उन सदस्‍यों का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उनकी सुरक्षा कर रहा है और उनके संपूर्ण कल्याण को बढ़ावा दे रहा है जो भारत के एंटरटेनमेंट कंटेंट ओनर्स रहे हैं। यह धारक के विभिन्‍न कानून-सम्मत कंटेंट अधिकारों की रक्षा में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। यह बॉडी अतिक्रमण, प्रोड्यूसर्स और कॉपीराइट धारकों द्वारा अधिकारों की दोहरी बिक्री से संबंधित विवादों को भी सुलझाता है।

ईसीओए के अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल ने कहा, “हम खुद को फिर से नये रूप में लॉन्‍च करने और अपनी सेवाओं को और अधिक प्लेटफार्मों तक फैलाने को लेकर बेहद खुश हैं। प्रोडक्‍शन और प्रदर्शन दोनों ही दृष्टि से मनोरंजन का परिदृश्य वर्तमान समय में काफी बदल गया है, इसलिए इसके साथ चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। अपने ईसीओए में हम आप सभी को आमंत्रित करते हैं कि आप हमारे शानदार परिवार का हिस्सा बनें और आपके कंटेंट की रक्षा करने के हमारे इतिहास और विशेषज्ञता के साथ हम पर भरोसा करें। इससे आप उन चीजों पर अपना ध्‍यान एकाग्र रख सकेंगे जिसमें आप बेस्ट हैं, यानी कि अत्याधुनिक सामग्री तैयार करना और विश्व स्तर पर मानव जाति का मनोरंजन करना”।

ईसीओए अपने सदस्यों के अधिकारों के अतिक्रमण और उल्लंघन के लिए टीवी चैनलों, ओटीटी, डिजिटल और अन्य मौजूदा और आगामी प्लेटफार्मों को नोटिस जारी करेगा। ईसीओए टैरिफ, कराधान, लेवी, जीएसटी और अन्य नीतिगत मामलों आदि में कमी और संशोधन हेतु प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों, विधायी प्राधिकरणों और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी कर रहा है।

ईसीओए कंटेंट रजिस्ट्रेशन और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए स्‍वयं को एक सूचीबद्ध संघ के रूप में नियुक्त किये जाने के लिए जल्द ही सूचना और प्रसारण मंत्रालय से संपर्क करने की भी योजना बना रहा है। ईसीओए नियमित रूप से अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचना विज्ञापन प्रकाशित करेगा जिसमें उद्योग में विभिन्न सामग्री और अन्य अधिकारों के विवादों के व्यापार अधिग्रहण की जानकारी दी जाएगी। यह नियमित आधार पर सदस्यों को व्यापार केंद्रित अद्यतन सूचना और विकास का लगातार प्रसार भी करेगा।

ईसीओए कंटेंट ओनर्स के लिए अपनी वेबसाइट और प्‍लेटफॉर्म्‍स पर बी2बी अवसरों का सृजन भी करेगा ताकि वो दुनिया भर में अपने कंटेंट का प्रचार-प्रसार कर सकें और उसका मोनेटाइजेशन कर सकें। यह  बॉडी दुनिया भर के महत्‍वपूर्ण फिल्‍म बाजारों और उत्‍सवों में भी भाग लेगा और निकाय के उद्देश्‍यों एवं भारतीय मनोरंजन कंटेंट ओनर्स के हित का प्रतिनिधित्‍व करेगा। ईसीओए वर्ष 2011 से ”हांगकांग फिल्‍मआर्ट” में भी भाग लेता रहा है। यह निकाय फिक्‍की फ्रेम्‍स, आईएफएफआई, मुंबई इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल, ग्‍लोबल कंटेंट बाजार, इंडिवुड फिल्‍म मार्केट, जयपुर इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल, ग्‍लोबल एग्जिबिशन सर्विसेज एवं अन्‍य में भी नियमित रूप से हिस्‍सा लेता रहा है।

सुशील कुमार अग्रवाल (सीईओ, अल्‍ट्रा मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप) के अलावा, ईसीओए के अन्‍य समिति सदस्‍य हैं: वाइस प्रेसिडेंट : हिरेन गडा (सीईओ, शेमारू), सचिव: अशोक जैन (प्रेसिडेंट, वीनस एंटरटेनमेंट) और कोषाध्‍यक्ष: आर.के.दुग्‍गल (ओनर, आर.के. दुग्‍गल स्‍टूडियोज) व अन्‍य।

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Mayapuri