इण्डियन मार्लिन मुनरो-शर्मिला टेगौर

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मायापुरी अंक 10.1974

संसार मे मर्लिन मुनरो को अंग प्रदर्शन के कारण जो अपार सफलता और प्रसिद्धी मिली। उसी पथ पर चलकर भारत में शर्मिला टैगौर ने इन्डियन मार्लिन मुनरो की उपाधि पाई। किन्तु नवाब पटौदी से शादी के पश्चात उन्हें इस पथ से अपने आपको हटा लेना पड़ा। ऐसे में रास्ता खाली देखकर रेहाना सुल्तान ने ‘शार्ट कट’ मारा और एक ही झटके में सारे कपड़े उतार फेंके और इंडियन मार्लिन मुनरो’ के साथ ‘उर्वशी’ की उपाधि भी प्राप्त कर ली। और आज तो उसको देखा-देखी हर लड़की (विशेषकर पूना इंस्टीट्यूट की डिप्लोमा होल्डर) ऐसे कपड़े उतारती नजर आती है जैसे उसे स्ट्रीपटोज की ही शिक्षा दी गई है और किसी बात की नही। दरअसल आज के दौर में अंग-प्रदर्शन एक फैशन-सा बन गया है. लेकिन जरा सोचिए उस जमाने की जब ‘चित्रलेखा’ (हीरोइऩ मेहताब) बनी थी। उस समय समाज बड़ा ही रूढ़िवादी था।
“चित्रलेखा’ ने अपने जमाने में बड़ा ही हंगामे वाला बिजनेस किया था। ‘चित्रलेखा’ के एक विशेष दृश्य के कारण उसका नौजवान निर्देशक केदार शर्मा लोगों की टिप्पणियों का शिकार बन गया था। कोई कहता था कि केदार शर्मा बहुत ज्यादा माडर्न बन गया है। कोई कहता-केदार शर्मा के यह गन्दे ख्यालात अधिक समय तक नही चल सकेगे। दरअसल उस सारे हंगामे की जड़ ‘चित्रलेखा’ की हीरोइन मेहताब के स्नान का दृश्य था। जिसके बारे में केदार शर्मा ने कहा था, ‘मैंने कोई नई चीज नही दी है। वे आज भी अपने को शुद्ध हिंदुस्तानी समझते है जितने कि वह बटवारे से पहले थे। उन्होने ‘पाश्चात्य लहर’ से समझौता करने में खुद को सदा असमर्थ पाया है।
मेहताब अपने समय की बहुत ही सुन्दर अदाकारा थी। जिसके बारे में शर्मा जी का आज भी कहना है कि मेहताब से अधिक खूबसूरत जिस्म मैंने आज तक नही देखा। उस जमाने में जब मेहताब के नहाने की सनसनी खेज खबर आई तो फिल्म-दर्शक आश्चर्यचकित रह गये थे। मेहताब ने कपड़ो की कैद से एकदम मुक्त होकर स्नान का दृश्य-फिल्म बन्द करवाया था। मेहताब से जब उस दृश्य की बात की गई तो मेहताब ने कहा, “अगर फिल्म के लिए जरूरी है तो मुझे कोई आपत्ति नही है कि मैं उसे छुपाने की कोशिश करूं। लेकिन इसके लिए मेरी एक शर्त होगी, मेहताब ने मंजूरी देते हुए कहा था, सीन की फिल्मबंदी के समय सैट पर कोई दूसरा आदमी मौजूद नही होना चाहिए।
निर्देशक केदार शर्मा ने मेहताब से वायदा किया और उसे ईमानदारी से निभाने के लिए खुद ही कैमरामैन का भी काम किया। इस एक नग्न स्नान के कारण फिल्म को बड़ी बेमिसाल कामयाबी मिली थी। आज शर्मा जी मेहताब को यू याद करते है “मेहताब ने अपने आपको कला की सेवा के लिए समर्पित कर रखा था। इसका अनुमान आपको उसके ‘साहस’ से हो सकता है। मैं अपनी जिंदगी में कभी भी उसे न भुला सकूंगा।
आज वह एकदम नग्न स्नान करने वाली मेहताब श्रीमती सोहराब मोदी है। (सोहराब मोदी को जानते ही है न)


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Mayapuri

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