INTERVIEW!! ‘‘मुझे लोग सहारा के सीईओ या क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर ही जानने लगे थे’’ – निर्देशक आकाशदीप

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फिल्म डायरेक्टर से कहीं ज्यादा सहारा मोशन पिक्चर्स के क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर पहचाने जाने वाले डायरेक्टर आकाशदीप एक बार फिर अपने पुराने चौले में आते हुये फिल्म ‘संता बंता प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर के तौर पर दर्शकों के सामने हैं। उनसे फिल्म को लेकर एक मुलाकात।

फिल्म का टाइटल काफी पॉपुलर है ?

दरअसल ये टाइटल रखने की एक वजह रही। सभी को पता है कि मेरी फिल्म ‘घात’ जिसमें मनोज वाजपेयी, तब्बू, इरफान, रवीना, अनुपम खेर आदि कलाकार थे। वह फिल्म हिट रही थी इसके बाद उसे इनाम इकराम भी हासिल हुये। उन्हीं दिनों मुझे सहारा मोशन पिक्चर्स का सीईओ बनने का अवसर मिला। सहारा मोशन पिक्चर्स को आप पहला कार्पोरेटर सेक्टर भी कह सकते हैं। मैं सहारा के सीईओ के अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर भी था। पांच साल के दौरान हमने बत्तीस फिल्में बनाई। उन्हीं दिनों कार्पोरेट का दौर भी शुरु हो चुका था। सहारा की नौकरी छोड़ने के बाद मैंने कुछ धारावाहिक डायरेक्ट किये और जब मैंने एक बार फिर फिल्म बनानी चाही तो पता चला कि उस वक्त तक सब कुछ चेंज हो चुका था। लिहाजा मुझे अपना वजूद स्थापित करने के लिये कोई ऐसा ब्रांड ढूंढना था जो मुझसे और एक्टर से बड़ा हो। तब मुझे संता बंता का आइडिया आया।

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लेकिन सुना है ये टाइटल तो किसी और के पास पहले से रजिस्टर्ड था ?

जी हां। क्योंकि मैंने जब यह टाइटल मद्रास में रजिस्टर्ड करवाने की कोशिश की तो पता चला कि इसका तो पहले से रेडियो सिटी के पास लाइसेंस है। दरअसल रेडियो दो हजार दो में सता बंता के नाम से एक प्रोग्राम करते थे। मैंने उनसे यह टाइटल लेने के बाद फिल्म की कहानी लिखनी शुरु की। जब इस बात का पता मार्केट में लगा तो सभी कार्पोरेटर मुझे बुलाने लगे। इनमें मैं वायकॉम 18 से मिला और उन्हें बताया कि यह संता बंता पर लिखे जोक्स बुक नहीं, बल्कि एक फिल्म है। इस तरह वायकॉम फिल्म से जुड़ गया।

फिल्म की कास्टिंग को लेकर क्या कहना है ?

बेशक मेरे दिमाग में भी उस वक्त गोविंदा या अरशद आदि एक्टर आये थे, लेकिन वायकॉम ने कहा कि अब जमाना स्टैंडअप कॉमेडी का है इसलिये अब माइक पर एक आदमी ऐसी बातें करता है जिसे सुनकर दर्शक पेट पकड़ कर हंसते हैं। जहां तक संता बंता की बात की जाये तो ये एक ब्रांड बन चुका है दूसरे आगे संता बंता रिर्टन या संता बंता लदंन या संता बंता चले अमेरिका आदि टाइटल के साथ कितनी फिल्में बन सकती हैं। लेकिन इसके लिये ऐसे एक्टर चाहिये थे जो पार्ट टू पार्ट थ्री में रलेवेंट रहें। काफी सोच विचार करने के बाद बोमन इरानी और वीरदास का नाम दिमाग में आया क्योंकि इससे पहले स्टैंडअप कॉमेडी में उन दोनों का काफी नाम रहा है। अगर अपनी फिल्म की बात की जाये तो इनमें एक बड़ा एक छोटा, एक उम्र में ज्यादा दूसरा उम्र में कम, एक लंबा तो एक उससे छोटा। ये बिलकुल फिट जोड़ी थी। दूसरे ये एक न्यू ऐज कॉमेडी भी थी।

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दोनों का फिल्म में क्या किरदार है ?

इन दोनों की तमन्ना जासूस बनने की है। इन्ही के नामराशि देश की सर्वोच्च संस्था रॉ के अंडरकवर एजेंट्स भी हैं। यहां रॉ का एक अधिकारी विजयराज अपने बॉस के साथ पर्सनल खुंदक के चलते मिशन पर गलत लोगों यानि इन दोनों को भेज देता है। लेकिन उसे पता नहीं कि यह जो दिखते हैं वह है नहीं। लेकिन इन्हें मिशन के बारे में कुछ नहीं पता था। बाद में ये दोनों बिना एक गोली चलाये मिशन सफल बनाकर लौटते हैं। इनका मिशन फिजी है। उधर बोमन के बीते कल में पंजाब की लड़की नेहा धूपिया है जिससे बोमन एक तरफा प्यार करते हैं, अब नेहा से मिलती जुलती लड़की बोमन को फिजी में दिखाई देती है जिसका नाम करीना है। उसे देखते ही जब बोमन के मुंह से निकलता है कि क्या कुदरत का करिश्मा है तो वीर दास दुक्की जोड़ते हुये कहता है करिश्मा नहीं पाजी ऐ ते करीना है। फिर बोमन सोचते हैं कि ऐ कुड़ी दा प्यो चंडीगढ ग्या सी के ऐ दी मम्मी फिजी आई थी। इसके अलावा  इन्हें फिजी में एक अंग्रेज एजेंट लड़की लिजा हेडन दी जाती है, उसके साथ वीरदास अपना चक्कर चलाने में लग जाता है।

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फिल्म की कहानी क्या है ?

दरअसल फिजी में जिस इंडियन हाई कमिश्नर का किडनेप हो जाता है कमिश्नर फिजी में रहने वाले बेहद अमीर शख्स राम कपूर का दोस्त है इसलिये यहां राम कपूर भी संता बंता की हेल्प करता है। इस मिशन को गुप्त रखा जाता है क्योंकि फिजी जैसे छोटे से मुल्क में इंडिया के हाई कमिश्नर का किडनेप होना बहुत शर्म की बात है इसलिये हुक्म के मुताबिक फौरन अंडरकवर एजेंट वहां भेजकर हाई कमिश्नर को छुड़वाया जाता है। इस मिशन के लिये रॉ अधिकारी विजयराज अपने बॉस टीनू आनंद से खुंदक खाते हुये गलत लोगों यानि असली की जगह दूसरे संता बंता को फिजी भेज देता है परन्तु यह दोनों मिशन में सफल होकर लौटते हैं और इस तरह इनका जासूस बनने का सपना पूरा होता है

 


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Mayapuri

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