INTERVIEW!!! ‘‘पेरेन्ट्स को हम जज नहीं करते’’ ‘ दीपिका पादुकोन’

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जैसा कि अब साबित हो चुका है कि दीपिका पादुकोन उन अभिनेत्रीयों में शामिल हो चुकी है जो हर भूमिका के लिये फिट हैं और उसे बेहतरीन तरीके से निभा सकती हैं । दीपिका की इन एक दो सालों में आई फिल्मों से पता चलता है कि फिल्म दर फिल्म वो कितनी शार्प अदाकारा बनती चली गई और हाल में रिलीज फिल्म ‘पीकू’ में तो उन्होंने अभिनय की नई ऊंचाईयों को छू लिया है । इस फिल्म से खासकर हिन्दी मीडिया से मिली अपार प्रशंसा से गद्गद् हो दीपिका ने हिन्दी प्रैस को धन्यवाद देने के लिये खार स्थित ओ कोलकाता रेस्तंरा में प्रमुख हिन्दी मीडिया से मुलाकात की। वहां उनसे होने वाली बातों का सार कुछ यूं रहा ।

पीके के बाद आप अपने पेरेन्टस को कैसे जज करती हैं ?

मेरा मानना है कि पेरेटन्स को हम जज नहीं करते । बेशक परेन्टस कैसे भी चिड़चिड़े या गुस्सा करने वाले या कुछ और हों । अगर मेरे पिता भी पीकू में मेरे पिता की तरह होते तो भी मैं भी उन्हें उतना ही प्यार करती ।

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आरक्षण के बाद,दूसरी बार अमिताभ बच्चन के बाद कैसी केमेस्ट्री रही ?

बहुत ज्यादा अच्छी रही । पहली बार जब मैने उनके साथ काम किया तो जो आपस में काम करते हुये एक रिलेशन बनता है वो बन चुका था । इस फिल्म में अमित जी के साथ जो मेरा पिता पुत्री का रिश्ते से कहीं बड़ा रिश्ता है दोस्ती का । मैं उनसे कितनी भी चिड़ी रहूं या वे मुझे कितना भी परेशान करें लेकिन एक बार भी हम दोनों के मन में ये नहीं आता कि हम दोनों कुछ दिनों के लिये ही सही अलग हो जाये । उनके साथ इस बार इस एक्सपीरियंस को मैने बहुत एंजाॅय किया ।

आप अब उस जगह खड़ी हैं जंहा आपका दिग्गज कलाकारों के साथ कंपटीशन होने वाला हैं ?

मेरा मानना है कि कंपटीशन हर इन्डस्ट्री में होता है । मेरे ख्याल से होना भी चाहिये । तभी आपके काम में और ज्यादा निखार आता है । मैं कहीं भी रहूं मुझे पता है मुझे मेहनत करनी है।तो फिर किसी बात से डरना कैसा ।

आप जब पीकू का प्रमोशन कर रही थी, तब आपने सोचा था कि इस फिल्म को दर्शक इस तरह लेगें?

बिलकुल नहीं । मैने सोचा था फिल्म तो अच्छी बनी है इसलिये दर्शक फिल्म देखेगें हंसेगे । लोगों को फिल्म का ट्रेलर बहुत अच्छा लगा था । तो लगा था कि दर्षक एक अच्छी फिल्म देखने के एहसास के साथ अपने घर चले जायेगें । लेकिन ओ माई गाॅड । फिल्म के रिलीज होने के दूसरे दिन मेरे पास सैंकड़ों एस एम एस आ चुके थे ।हर कोई फिल्म की, अमितजी, इरफान तथा मेरी खुलकर तारीफ कर रहा था । फिल्म की समीक्षाओं खासकर हिन्दी समीक्षकों ने मेरे काम की खुलकर तारीफ की । बेशक वो मेरे लिये एक खुषनुमा एहसास था । इसीलिये आज खास तौर पर मैं आपका धन्यवाद करने के लिये यहां आपके सामने हूं ।

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सुना है कि इससे पहले इस फिल्म में आपसे पहले परिणिति चोपड़ा को लिया जा रहा था । लेकिन ये फिल्म आपकी किस्मत में थी ?

इस बारे में मुझे नहीं पता । अगर ऐसा हुआ भी है तो ये तो यहां होता रहता है । कभी मेरी छेाड़ी हुई फिल्म किसी और के पास चली जाती है तो किसी की फिल्म मेरे पास आ जाती है । बहुत सारीे फिल्में ऐसी भी होती है जो मुझे पसंद नही, लेकिन दूसरे को बहुत पसंद है इसी तरह जो मुझे पंसद है दूसरे की पसंद पर खरी साबित नही होती ।

अपनी फिल्मों को कैसे देखती हैं ?

मुझे अपनी हर फिल्म बहुत पसंद है । मैने जो भी किया दिल से किया है । चाहे वो मेरी पहली फिल्म ओम शाती शाती हो, लव आजकल हो, काॅकटेल, ये जवानी, चेन्नई एक्सप्रैस या रामलीला आदि । ये मेरा काम हैं इसलिये कोई भी फिल्म हो मुझे उसे दिल से और ईमानदारी से करना है । दूसरे मैं लकी हूं कि मुझे मेरी अभी तक फिल्मों जो भी मिला है अलग करने को मिला वो चाहे चेन्नई एक्सप्रैस हो आरक्षण हो या फिर पीकू हो ।

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पीकू जैसा बंगाली किरदार करना आसान था या डिफिकल्ट ?

बहुत ही मुश्किल था । क्योंकि मैं साउथ इंडियन हूं । चेन्नई एक्सप्रैस करना मेरे लिये जितना आसान था पीकू उतना ही मुश्किल । लेकिन चूंकि मेरे डायरेक्टर बंगाली थे । उनसे काफी हेल्प मिली। दूसरे जब मैं माॅडलिंग करती थी उस वक्त मेरा कोलकाता बहुत जाना होता था । तब से में जानती हूं कि वहां का कल्चर और लोग बहुत ही अच्छे और डिसिप्लींड हैं । एक उदाहरण बताती हूं । हम कोलकाता में एक बंगले में इसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे । उस वक्त काफी लोग शूटिंग देखने आते थे लेकिन जैसे ही शॉट शुरू होता था तो उनके बीच पिनड्राॅप साइलेंस होता था ।

फिल्म के बाद पापा से मिली हैं ?

मैं अभी तक अपने परिवार से नहीं मिल पाई हूं ।लेकिन जल्द ही अपने परिवार के से मिलने जो रही हूं । जंहा तक पापा की बात हैं तो वे बहुत कम बोलते हैं । मेरी उनकी बचपन से बाथरूम को लेकर पंगेबाजी होती रहती थी । दरअसल उन दिनों हमारे घर में एक ही बाथरूम था और पापा को देर तक बाथरूम में रहने की आदत थी तो मैं चिढ़कर उनके नाम से उन्हें बुलाने लगती थी । मैं जब इस फिल्म की शूटिंग कर रही थी तो कितनी ही जगह अमित जी में मुझे अपने पापा दिखाई देने लगते थे ।

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इन दिनों हीरोइनो को लेकर फिल्में लगातार हिट हो रही हैं, जैसे कंगना को लेकर क्वीन और तनु वेड्स मनु रिर्टन्स, अनुश्का षर्मा को लेकर एनएच 10, और आपको को लेकर पीकू ?

बेशक ये सारी फिल्में अलग अलग जाॅनर की थी लेकिन इन सभी में मेन पार्ट नायिका का था। अच्छा है । दर्शक बदल रहे हैं और अब हर तरह की फिल्म पसंद कर रहे हैं ।


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Mayapuri

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