INTERVIEW: ‘‘सेक्स कॉमेडी से मुझे सख़्त परहेज है’’ –  अरशद वारसी

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बेशक अरशद वारसी की इमेज एक कॉमेडी स्टार की है लेकिन उसे सहर और जॉनी एल एल बी जैसी अर्थपूर्ण फिल्मों के लिये भी याद किया जाता है ।फिल्मों के अलावा अरशद पर्सनल लाइफ में भी बहुत मजाकिया और जॉली किस्म के इंसान है। हाल ही में फिल्म ‘ लेजेंड ऑफ माइकल मिश्रा’ को लेकर अरशद से हुई बातचीत ।

फिल्म में अदिति राव हैदरी ने वर्षा शुक्ला की भूमिका की है आप उस बारे में क्या कहेगें ?

वर्षा शुक्ला एक ऐसी लड़की हैं जिससे माइकल मिश्रा को बेहन्तहा प्यार हो चुका है। वो उसके लिये कुछ भी कर सकता है। इसके लिये वो एक अलग लेबल पर सेक्रीफाइव करना शुरू कर देता है ।एक तो वर्षा शुक्ला वो है। एक वर्षा शुक्ला अदिति राव है जिनके साथ काम करते हुये बहुत मजा आया ।मैने सुना है कि उनका स्वभाव थोड़ा आड़ा टेड़ा है लेकिन मैं ऐसा इसलिये नहीं कह सकता क्योंकि मुझे तो वो एक अच्छे स्वभाव वाली एक अच्छी अभिनेत्री लगी। मैं उनके साथ काम करते हुए काफी कंर्फटेबल रहा।

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आपके लिये फिल्म करने की क्या वजह रही ?

दरअसल मुझे कहानी बहुत ही दिलचस्प लगी। एक तो मुझे न कहने का बड़ा शौक हैं शायद ही कोई कॉमेडी फिल्म होगी जिसका प्रोड्यूसर मेरे घर का एक चक्कर न लगा चुका हो। फिर भी कोई दोस्त बोलता है कि यार ये फिल्म करे दे, तो मैं कर देता हूं। अब वो चले न चले, लोगों पसंद आये न आये मुझे पता नहीं। लेकिन जब तक कोई रेयर कहानी नहीं मिलती तब तक बतौर एक्टर बेचैनी सी बनी रहती है। इस फिल्म में मेरी वो सारी बेचैनी जाती रही । फिल्म के डायरेक्टर मनीष झा ने फिल्म में एक अजीब सी दुनिया रची है लिहाजा मैने उससे कहा कि ये फिल्म खत्म होने दे मैं तेरे दिमाग का इलाज जरूर करवाउंगा ।ये मैं वैसे ही नहीं कह रहा हूं आप उससे मिलिये तो आपको पता चलेगा कि वो क्या कुछ सोच सकता है। उसने इतनी प्यारी स्टोरी और इतने प्यारे किरदार क्रियेट किये हैं कि मुझे लगा कि वाकई इसके दिमाग को खोल कर देखना चाहिये ।

अपनी फिल्मों के बारे में आपका क्या कहना है ?

यार मैं बीच में दो चार फिल्में ऐसी भी करता रहता हूं जो नहीं चलती जबकि मैं वे सफल के रूप में देखने के लिये करता हूं लेकिन जिन फिल्मों पर मुझे विश्वास नहीं होता वे चल जाती है। मुझे पूछा जाता हैं कि आपको एक ही तरह की फिल्में मिलती हैं तो मैं उनसे कहता हूं कि भाई ये गनीमत है कि मिल तो रही है ।अब वे एक जैसी है  या अलग ये मैं नहीं सोचता। जहां तक अच्छी फिल्म की बात कि जाये तो देख लो जॉली एल एल बी के सीक्वल से मुझे बाहर कर दिया गया। इसलिये मेरा कुछ खराब फिल्में करते रहना जरूरी है क्योंकि वे सारी चल जाती हैं।Arshad-Warsi-

ये फिल्म काफी डिले हो गई। बतौर एक्टर एक डिले हुई फिल्म से आपको कितना फर्क पड़ता है?

मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरा काम हैं किसी भी फिल्म में काम करना। अब वो कितनी देर बाद रिलीज होती है या उसकी रिलिजिंग में क्या प्रॉब्लमस आती है मुझे नहीं पता। हां एक एक्टर होने के नाते मैं ये जरूर चाहता हूं कि मेरी कोई भी फिल्म रिलीज जरूर हो ।

क्या आगे प्रोडयूसर बनना चाहेगें?

षायद नहीं क्योंकि ये अब एक पेनफुल और थैंक्सलैस जॉब होता जा रहा है । क्योंकि जैसे जैसे वक्त बीतता जा रहा हैं प्रडयूसर बनना उतना ही रिस्की होता जा रहा है। मैने बनाई फिल्म। उस वक्त मैने सोचा था कि यार कुछ बैलेंस तो आयेगा ही लेकिन ऐसा हुआ नही । आज वही प्रोडयूसर पैसा कमाते हैं जिनकी फिल्में ब्लॉक बस्टर होती हैं।

आप किस तरह का सिनेमा करना चाहते हैं ?

फिल्में कॉमेडी हो या सीरियस मुझे दोनों करने में मजा आता है। हां सेक्स कामेडी से मुझे परहेज है क्योंकि वहां मैं कन्फर्टेबल नहीं हूं ।

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सेक्स कॉमेडी क्यों नहीं करना चाहते ?

देखिये इन्दर कुमार सेक्स कॉमेडी बना रहे हैं वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, उन्होंने मुझे ग्रैंडमस्ती का ऑफर भी दिया दिया था लेकिन जैसा कि मैने कहा मैं कन्फर्टेबल नही हूं क्योंकि मुझे अजीब सी फीलिंग आती है। मैनें पैसे के लिये कभी काम नहीं किया। लेकिन जिस काम में आपकी दिलचस्पी ही नहीं तो उसे करना नहीं चाहिये। ऐसा भी नहीं कि मुझे सेक्स कॉमेडी पसंद नहीं मैं वे फिल्में  देखने भी चला जाउंगा मुझे उनके एक्टर भी पंसद हैं। लेकिन मैं नहीं चाहता कि कल मेरा लड़का बड़ा होकर नेट पर मेरी कोई वैसी फिल्म देखे और शर्मिंदा हो।

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Mayapuri