INTERVIEW: शादी जरूर करुँगी – कंगना

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लिपिका वर्मा

कंगना रनोट ने अपने अभिनय का लोहा न केवल बॉलीवुड इंडस्ट्री को मनवा लिया है अपितु  नेशनल अवॉर्ड पा कर अब पद्म श्री पर भी यदि अपनी आंख जमा ली हो तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ? खैर हमारे इस प्रश्न का जवाब देते हुए हंस कर बोली कंगना, ‘होप ऐसा हो जाये। हम सिर्फ उम्मीद ही कर सकते हैं। फ़िलहाल मेरा रोल और फिल्म की कहानी अच्छी हो यह मेरे लिए महत्वपूर्ण होता है।’

पेश है कंगना रनौत से लिपिका वर्मा की बातचीत के कुछ अंश –

रंगून की कहानी के बारे में कुछ बतलायें?

‘रंगून’ जूलिया की एक प्रेम कहानी है।  जिसे दो लड़कों से प्यार हो जाता है। उसकी ज़िन्दगी की कहानी है। उस लड़की के क्या इरादे है और दुनिया में क्या कुछ करना चाहती है ? – क्या पाना चाहती  है? यह उसके एम्बिशन की कहानी है। वर्ल्ड वॉर-2 में सेटअप की गयी है। वर्ल्ड वॉर -2 का बैकड्रॉप है लेकिन इन तीनों की जिन्दगियों से जुडी एक प्रेम कहानी है। इस लड़की को क्या कुछ पाने की ज़िद है? और वर्ल्ड वॉर-2  उसकी ज़िन्दगी को किस तरह प्रभावित करती है? यही सब कुछ दर्शाया गया है इस फिल्म में। rangoon-

आपकी फिल्म, ‘रंगून’ का टायटल एक पुराने गाने से मिलता जुलता है, क्या उस से कुछ सम्बन्ध भी है फिल्म में?

जी हाँ रंगून में भी एक गाना है जो पुरानी फिल्म के गाने से प्रेरित है, ‘मेरे मियां गए इंग्लैंड’। जब यह लड़की रंगून जाती है तो ये फिल्म का ओपनिंग सांग है – जहाँ जूलिया सब दर्शको का मन अपने इस गाने से लुभा रही होती है। और फिर इस गाने द्वारा एक कहानी धीरे-धीरे खुलती भी है।

कहानी को हामी भरने का क्या कारण रहा?

विशाल सर बहुत ही जाने-माने निर्देशक तो है ही। और जैसे ही उन्होंने मुझे कहानी और मेरा किरदार सुनाया – जूलिया का किरदार एक महत्वपूर्ण सेंट्रल किरदार है। ज़ाहिर सी बात है मुझे यह कहानी और किरदार बहुत पसन्द आया है।  और न बोलने का तो सवाल ही नहीं उठता है।

आपने अकेले प्रोमोशन्स क्यों शुरू की है?

देखिए प्रोमोशन्स कुछ इसी तरह से तय किया गया है। जूलिया का किरदार सेंट्रल तो है ही, इस में कोई दो राय नहीं है। और इस लिए भी मुझे पहले सोलो प्रोमोशन्स करने के लिए कहा गया है। फिल्म देखने के बाद दर्शकों को ऐसा न लगे की -यह तो महिला प्रधान फिल्म निकली? सैफ और शाहिद मुझे प्रमोशन्स में बाद में ज्वाइन करने वाले है। Rangoon_kangana_saif

जब पहली बार नेशनल अवॉर्ड-राष्ट्रपति द्वारा मिला कैसा अनुभव रहा?

बहुत खुशी होती है, राष्ट्रपति द्वारा अवॉर्ड मिलना और उनसे भेंट करना ख़ासकर यह सोचकर कि – एक सुपुत्री होने के नाते मैंने अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया। हर औलाद की यही इच्छा होती है कि वह अपने माता-पिता को खुश कर सके अपने कर्मों से।

आपके परिवार का कैसा रिएक्शन रहा जब आपको नेशनल अवॉर्ड मिला?

मेरा परिवार, माता पिता जी तो इतने उत्साहित हो जाते है मेरी फ़िल्में देख कर कि-हमेशा मेरी हर फिल्म को, ‘अच्छी है और हिट है कह देते है। जबकि मेरी पिछली फिल्म ,‘कट्टी बट्टी’ बॉक्स ऑफिस पर कुछ अच्छा नहीं कर पायी उसे भी अच्छी एवं हिट कह दिया उन्होंने। जब मेरे साथ नेशनल अवॉर्ड समारोह में पहुंचे तो उन्होंने -वहाँ मिला हुआ निमत्रंण रिबन एवं अन्य सब वस्तुएँ संभाल कर रखी हुई है। और जिस वक़्त मैं घर पर पहुंची तो नेशनल अवॉर्ड ट्रॉफी के साथ साथ यह सब चीजे भी सजा कर रखी हुई थी। वहाँ से मिली हर छोटी चीज़ उनके लिए बेशकीमती है।rangoon_

हाल ही में आपकी बहन रंगोली जो आपका फिल्मों के काम भी देखती है उनसे आपके झगड़े की चर्चा आम हो गयी थी। इस बारे में क्या कहना है ?

देखिये, जब कभी हम अपने बारे में और अपनी बहुत पर्सनल लाइफ के बारे में पढ़ते है या सुनते है तो बहुत बुरा लगता है। लेकिन मैं आपको यह बता दूँ कि-मेरी बहन रंगोली की शादी हो गयी है। अब उसने शादी करने का फैसला किया है तो हम सब इस से खुश है। और ऐसी कोई बात नहीं है कि रंगोली से मेरा कोई झगड़ा हुआ है। सिर्फ यही है कि शादी के बाद वह मेरे साथ विदेश या फिर अक्सर हर जगह शूटिंग पर नहीं जा सकती है। जिस किसी ने भी हम बहनों के बीच लड़ाई की चर्चा आम की है उसे सिर्फ यही सलाह है मेरी कि – कृपा कर हमसे तो इस बारे में पूछ लिया होता। मेरी बहन रंगोली से मेरी बहुत पटती है। वह याद -कदा मेरे साथ जरूर जाएगी। और जितना भी हो सकता है मेरा काम वही देख रही है। फ़िलहाल कुछ दिन का ब्रेक लिया है रंगोली ने।

रंगोली की शादी हो चुकी है आप कब करेंगी शादी?

हर किसी के जीवन में शादी और पारिवारिक जीवन का महत्व होता है। मैं भी शादी के पक्ष में ही हूँ। शादी जरूर करुँगी-किसी न किसी पॉइंट पर या कोई ऐसा मुकाम आएगा मेरे जीवन में -जब मैं  भी अपना एक परिवार जरूर बसाऊंगी। मैं भी शादी जरूर करूँगी। बस आप कुछ देर इन्तजार करे, हंस कर बोली कंगना। shahid kangana

सफलता और असफलता को आप कैसे लेती है?

दोनों ही मेरे लिए समान ही है। हर कोई सफल और असफल होता है। अब मेरी पिछली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा नहीं बिखेरा तो क्या मैं निराश हो जाती ? मैं अपने काम को मन लगा कर करती हूँ। पर निराश नहीं होती हूँ। हर व्यक्ति  सफलता और असफलता का स्वाद  जीवन में चखता है। मैं भला इससे अछूती कैसे रह सकती हूँ? अब मेरी फिल्म ‘रंगून’ आ रही है। और इस फिल्म से हम सभी को ढेर सारी उम्मीदें भी है इस फिल्म में सभी ने बहुत मेहनत की है। पहले मैं अकेले रंगून का प्रोमोशन्स का हिस्सा बन अपनी फिल्म प्रमोट करुँगी। और बाद में सैफ एवं शाहिद भी प्रमोशन्स का हिस्सा बनेंगे। ताकि फिल्म देखने के बाद लोगों को ऐसा न लगे कि अरे! यह तो नारी प्रधान फिल्म निकली?


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Mayapuri

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