INTERVIEW!! ‘‘काशीबाई की अपनी जिंदगी उनके हाथ में नहीं है..’’ -प्रियंका चोपड़ा

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ब्यूटी कॉन्टेस्ट के रास्ते से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाली अभिनेत्रियों में प्रियंका चोपड़ा ने बहुत अलग काम किया है। उन्होंने ‘एतराज’, ‘बर्फी’, ‘फैशन’, ‘मेरी कॉम’, ‘दिल धड़कने दो’ सहित कई फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा के अलग अलग रंग दिखाए हैं। इन दिनों वह अमेरीकन टीवी सीरियल ‘‘क्वांटिको’’ में अभिनय करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोहरत बटोर रही हैं, तो दूसरी तरफ वह बहुत 18 दिसंबर को रिलीज होने वाली फिल्म ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ में बाजीराव पेशवा की पत्नी काशीबाई का किरदार निभाकर चर्चा में हैं।

18 दिसंबर को आपकी फिल्म ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ के साथ ही शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ रिलीज हो रही है तो जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है ?

मैं ऐसा नहीं मानती, इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि दोनों ही फिल्में बहुत ही अलग जॉनर की हैं। कुछ लोगों ने ही इन दोनों फिल्मों के बीच प्रतिस्पर्धा बना रखी है, जबकि दोनों फिल्मों के अपने दर्शक हैं। मुझे यकीन है कि दर्शक इन दोनों फिल्मों को देखना पसंद करेगा। जब दो फिल्में एक साथ आएंगी, तो थिएटर विभाजित होंगे इसमें कोई दो राय नही है पर अच्छी बात यही है कि दोनों फिल्में अच्छी हैं। इसके बावजूद दोनों फिल्मों के बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर असर पडेगा। अब दर्शक भी जानता है कि उन्हें किस तरह की फिल्म देखनी है।

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फिल्म ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ के अपने काशीबाई के किरदार को लेकर क्या कहेंगी?

मैंने फिल्म ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ महज संजय लीला भंसाली जी के लिए की है, उन्होंने मुझसे जो कहा, वह मैंने आंख मूंद कर किया। लोगों को पता नहीं होगा कि इस फिल्म के लिए संजय लीला भंसाली ने सबसे पहले मुझे साइन किया था। मुझे अच्छी तरह से याद है कि मैं फिल्म ‘‘मैरी कॉम’’ की शूटिंग मनाली में कर रही थी। वहीं पर संजय लीला भंसाली, जो कि उस वक्त फिल्म ‘मैरी कॉम’ के निर्माता थे, ने मेरे सामने ‘बाजीराव मस्तानी’ का ऑफर रखा था और मैंने यह फिल्म तुरंत स्वीकार कर ली थी। उस वक्त तक बाजीराव व मस्तानी के लिए कलाकारों का चयन नहीं हुआ था मैं हर फिल्म दिल से करती हूं। मेरे लिए काशीबाई का किरदार दिल को छू लेने वाला है मैंने इससे पहले भी मैरी कॉम में बहुत कठिन किरदार निभाया था। ‘क्वांटिको’ का किरदार भी कम चुनौतीपूर्ण नही है इसके अलावा ‘गंगाजल 2’ का किरदार भी बहुत कठिन है यह पूरी तरह से एक ऐसी नारी का किरदार है, जिसकी अपनी जिंदगी उसके हाथ में नही है। उसने तो सिर्फ एक इंसान से प्यार किया है मगर उससे उसका गौरव, उसका गरूर छीन लिया गया है यह सब 1700 शताब्दी के काल में दिखाना था। काशीबाई के बारे में इतिहास में बहुत कम लिख गया है लोग प्यार को लेकर बहुत बड़ी बड़ी बातें करते हैं, मगर उस काशीबाई का क्या, जिसका प्यार उससे छीना गया जबकि उसकी अपनी कोई गलती ही नहीं थी मुझे यही बात चुनौतीपूर्ण लगी।

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काशीबाई तो रीयल किरदार है?

सच कह रही हूं काशीबाई इतिहास एक वास्तविक किरदार है, जिसके बारें में कोई रेफ्रेंस प्वाइंट यानी कि जानकारी उपलब्ध नही है जो कुछ भी लोककथाओं में कहा गया, उसके अलावा कोई जानकारी नहीं है। इसलिए मैं तो पूरी तरह से संजय सर पर निर्भर थी। मैंने काशीबाई का किरदार संजय लीला भंसाली के नजरिए से ही परदे पर साकार किया है। काशीबाई का किरदार निभाना मेरे लिए गर्व की बात है, संजय लीला भंसाली के साथ यह मेरी तीसरा जुड़ाव रहा हम आगे भी एक साथ काम करेंगे।

पिंगा नृत्य को लेकर क्या कहेंगी ?

यह बहुत कठिन नृत्य है यह एक फोक डांस है, सबसे पहले एक 65 वर्षीय मौसी ने आकर हमें इसके स्टेप्स बताए थे।

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आपके उपर एक गाना ‘अब तोहे जाने न दूं..’ फिल्माया गया है इस पर कुछ रोशनी डालेंगी ?

इस गाने के फिल्मांकन के दौरान रो रो कर मेरा हाल बेहाल हो गया था देखिए, फिल्म बाजीराव और मस्तानी की प्रेम कहानी है, मगर सारा कंफलिक्ट तो काशीबाई की वजह से है यदि काशीबाई न होती, तो कोई समस्या ही नहीं थी इतना ही नहीं बाजीराव, काशीबाई और मस्तानी में से कोई भी इंसान गलत नहीं है यही तो इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है तो यह जो गाना है, वह एक पत्नी की तरफ से अपने पति को रिझाने का अंतिम प्रयास है या अपने करीब रख पाऊं कि तुम कहीं और न देखो, कहीं और न जाओ। यह ऐसा पल है, जहां काशीबाई हर वह कोशिश करती है कि बाजीराव उसे छोड़कर न जाए।

फिल्म पर बाजीराव के वंशज जो आरोप लगा रहे हैं?

संजय लीला भंसाली या किताब के लेखक ही इसका सही जवाब दे सकते हैं मगर यह लोग हमारे सेट पर दो तीन बार आए भी हैं तब तो उन्हे कोई शिकायत नहीं थी।

आपने ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ में दीपिका पादुकोण के साथ काम किया है ?

इस फिल्म में दीपिका पादुकोण के साथ मेरे दो तीन दृश्य और एक गाना है सेट पर हमारे बीच जो अच्छी बॉंडिंग थी, उससे संजय लीला भंसाली भी परेशान रहते थे।

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पहली बार अमेरीकन सीरियल ‘क्वांटिको’ में काम करने के अब तक के अनुभव क्या रहे?

फिल्म और टीवी पर काम करने में ही अंतर होता है टीवी के लिए हमें एक ही दिन में दस दृश्य फिल्माने पड़ते हैं। इस तरह का काम मैंने कभी नहीं किया, फिल्मों में हम एक दिन में दो से ज्यादा दृश्य नहीं फिल्माते हैं जब मुझे वहां दस दृश्य करने पड़े तो मैंने अपने टीवी के निर्माताओं से कहा कि उन्होने मुझे पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी थी ? बहरहाल, भारतीय फिल्म उद्योग में काम करते हुए मैं एक अच्छी प्रोफेशनल कलाकार बन चुकी हॅूं पर मेरे लिए खुशी की बात यह है कि वहां अमेरीकन ‘यह भारतीय कलाकार है’ कह कर मेरे अभिनय की तारीफ करते हैं जो लोग मुझे नहीं पहचानते हैं, वह मुझे भारतीय कलाकार मानने के लिए तैयार ही नही है उन्हे लगता है कि मैं भी अमरीकन अभिनेत्री हूं।

आपके अनुसार अमेरीकन सीरियल ‘‘क्वांटिको’’ की एलेक्स क्या है?

वह सेक्सी और अतिबुद्धिमान है निजी जिंदगी में मैं इंट्रोवर्ट हूं, जबकि एलेक्स ऐसी नहीं है वह एक बेहतरीन एफबीआई एजेंट है।

 

 

 

 


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Mayapuri

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