INTERVIEW!! ‘‘एक हीरोइन चाहती थी कि ‘कट्टी बट्टी’ में इमरान खान को हटाकर उसके ब्वॉयफ्रेंड को हीरो बनाया जाए..’’ इमरान खान

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‘चॉकलेटी ब्वॉय’ और ‘रोमांटिक हीरो’ की ईमेज के साथ करियर शुरू करने वाले इमरान खान ने बाद में अपने मामा आमिर खान के पदचिन्हों पर चलते हुए अपनी ईमेज को बदलने के लिए ‘डेल्ली बेली’, ‘मटरू की बिजली का मंडोला’, ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ जैसी फिल्में की। शूटिंग के दौरान अति उत्साहित थे, मगर इस फिल्म की असफलता के बाद उनकी लगातार ‘गोरी तेरे प्यार में’ ऐसी अफसल हुई कि फिल्म के रिलीज के ही दिन उनके हाथ से दो फिल्में निकल गयी। अब पूरे दो साल बाद वह फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में कंगना रनोट के साथ नजर आने वाले हैं।

पूरे दो साल के गैप के बाद आपकी फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ आ रही है। इस फिल्म को साइन करने की वजह क्या रही ?

मैं कुछ वर्षों से निखिल आडवाणी को टालता आ रहा था। मुझे उनकी यह स्क्रिप्ट खास अच्छी नहीं लगी थी । इसलिए मैंने उनसे कहा था कि ‘गोरी तेरे प्यार में’ की रिलीज के बाद फोन करना। यह फिल्म शुक्रवार की सुबह रिलीज होते ही फ्लॉप हो गयी। शुक्रवार की शाम तक मेरे हाथ से वह दो फिल्में चली गयीं, जिन्हें मैं करने वाला था, मैं बहुत अपसेट था। दूसरे दिन निखिल का फोन आया, हम मिले, कहानी सुनी, फिल्म भा गयी, मैंने हाँ कह दिया। निखिल ने मुझे यह भी बताया कि वह इसमें रिश्तों को किस तरह से रेखांकित करने वाले हैं, मेरे करियर की बहुत कम फिल्में हैं, जिनको लेकर मैं कह सकता हूं कि मैं खुश हूं। उनमें से एक फिल्म है ‘कट्टी बट्टी’। मैं पूरी दुनिया के सामने इस फिल्म को दिखा सकता हूं।

फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ को लेकर क्या कहना चाहेंगे?

यह एक अति ईमानदार फिल्म है, बचपन में बच्चे ‘कट्टी बट्टी’ खेलते रहते हैं। दिल्ली में बट्टी की बजाय अब्बा कहते है, यानि कि ‘कट्टी और अब्बा’ कहते हैं, और यह बात मुझे दिल्ली जाने के बाद पता चली। जिस तरह से बच्चे अपने दिल की बात नहीं छुपाते है, तुरंत कट्टी या बट्टी कर लेते हैं उसी तरह से इस फिल्म में भी ईमानदारी हैं। ‘कट्टी बट्टी’ में जो ईमानदारी है, उसने मुझे प्रभावित किया। इस फिल्म के मुख्य पात्र पायल और मैडी के रिश्ते में भी ईमानदारी है। इस फिल्म में एक ऐसे रिश्ते की बात कही गयी है, जिसमें कोई आपको बहुत सताए, फिर भी आप उसे बहुत प्यार करते हैं, तकलीफ सहकर भी आप उसे छोड़ने को तैयार नहीं होते और यही वास्तविक जिंदगी में भी होता है। 17-18 साल की उम्र में एक खूबसूरत लड़की मिलती है, उसकी आवाज, उसकी अदाएं सब कुछ अच्छा लगता है। कुछ समय बाद उससे आपके झगडे़ होते हैं और आपका ब्रेक अप हो जाता है, यह युवावस्था का रिश्ता है।

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फिल्म के अपने चरित्र पर रोशनी डालेंगे?

इस फिल्म में मेरे चरित्र का नाम मैडी हैं, जो कि एक बोरिंग युवक है। पर उसकी खासियत यह है कि वह पायल से पागलपन की हद तक प्यार करता है। उसे लगता है कि उसका जन्म ही पायल से प्यार करने के लिए हुआ है, इसमें एक गाना है, जिसकी लाइन है-‘‘फिजूल है यह जिंदगी तेरे बगैर..’’ यह सिर्फ गाना नहीं है, यह मैडी की सोच है। उसकी सोच है कि एक लड़की के बगैर जीने का कुछ मजा नहीं हैं। उसके जीने का मकसद पायल से प्यार करना है। इसी बात से प्रभावित होकर मैंने इस फिल्म में काम करना स्वीकार किया, जो कि आज कल की युवा पीढ़ी भूल चुकी है।

क्या इसमें प्यार की कोई नयी परिभाषा बतायी गयी है?

फिल्म में फ्लैशबैक में एक सीन है, जहां मैडी, पायल को पहली बार देखते ही कहता है कि, ‘‘मैं शादी करूंगा, तो इसी लड़की से अन्यथा शादी नहीं करूंगा’’ मैडी ऐसा ही है। इस फिल्म में पुराने जमाने के प्यार की बात की गयी है। वर्तमान समय की युवा पीढ़ी का प्यार नहीं है।

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कंगना के साथ तो आपने पहली बार काम किया.. क्या कहना चाहेंगे?

मैं आपको बहुत मजेदार कहानी सुनाता हूँ। मैंने ‘कट्टी बट्टी’ को फिल्म‘गोरी तेरे प्यार में’ की असफलता के बाद साइन किया था, कोई भी हीरोइन मेरे साथ काम करने को तैयार नहीं थी। कई हीरोइनों ने इस फिल्म में काम करने के लिए शर्त रखी थी कि मुझे निकाल दिया जाए। एक हीरोइन ने कहा कि इमरान को निकालकर उसके ब्वॉय फ्रेंड को हीरो बनाया जाए पर फिल्म के निर्देशक निखिल आडवाणी मेरे बिना फिल्म नहीं बनाना चाहते थे। अंतत: हम कंगना रनोट के पास पहुंचे और उसने कहानी सुनते ही हामी भर दी। गहरे इमोशन वाली फिल्म है। कंगना ने पायल का किरदार जिस संजीदगी से निभाया है, शायद दूसरी अभिनेत्री ना कर पाती।

फिल्म के ‘लिप लॉक सीन’ को लेकर क्या कहेंगे, जिसके लिए 24 घंटे शूटिंग की?

मेरी समझ में नहीं आता कि किसी को कलाकारों के किसिंग या रोमांटिक सीन से समस्या क्यों होती है ? जबकि ऐसे लोगों को फिल्म के हिंसा के दृश्यों से समस्या नहीं होती है। खैर, पहली बात तो इस गाने में कहीं क्रोमा वर्क नहीं है, सब लाइव एक्शन है। आपको गाने में हम खड़े हुए नजर आते हैं, जबकि हम लेटे हुए हैं। यह फिल्म का पहला गाना है, यह गाना तब आता है, जब पायल मैडी से कहती है, ‘टाइम पास’ चलेगा। यह गाना उस वक्त है, जब हम पहली बार एक दूसरे को ‘किस’ करते हैं। इसे हमने स्टॉप मोशन फोटोग्राफी तकनीक के साथ फिल्माया है. जमीन पर हम लेटे हुए हैं। सारी प्रॉप जमीन पर लगी थी, कैमरा ऊपर फिक्स था। हम वाकिंग का एक्शन करते हैं, धीरे धीरे सारी प्रॉप गायब अथवा हटायी जाती हैं।

चर्चाएं हैं कि ‘कट्टी बट्टी’ देखकर आमिर खान रो पड़े. तो क्या आप उन्हें अपनी फिल्में दिखाकर राय लेते हैं?

लोग ऐसा सोचते हैं, जबकि मैं फिल्मों के चयन के समय उनसे कोई राय नहीं लेता, उनकी राय में यदि स्वीमिंग सीखनी है, तो स्वीमिंग पूल में कूदना पड़ेगा। मेरी हिम्मत नहीं थी कि मैं उन्हें ‘कट्टी बट्टी’ दिखाता।

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आप रणबीर कपूर के साथ मिलकर फिल्में बनाने वाले थे ? पर बाद में आप दोनों में भी अलगाव हो गया?

24 साल की उम्र में फिल्म स्टार बन जाने की बात को कोई नहीं समझ सकता। यह वह पड़ाव होता है, जब आपके पास तमाम लोग पैसे लेकर आते रहते हैं और वह कई तरह के ऑफर देते रहते हैं। उस वक्त आप जिस मनःस्थिति व हालात में होते हैं, उसे आपके घर के सदस्य तो क्या आपकी प्रेमिका भी नहीं समझ सकती। मैं और रणबीर कपूर उस वक्त मिले, जब हम दोनों ही कलाकार बन चुके थे, मैं उससे उन मसलों पर बात कर सकता था, जिसे वह और मैं दोनों समझ सकते थे, पर बाद में हम दोनों अपने अपने काम में व्यस्त हो गए कि मुलाकातें ही नहीं हुई।

‘मटरू की बिजली का मंडोला’, ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’के बाद ‘गोरी तेरे प्यार में’ भी असफल हुई?

मुझे इससे आश्चर्य नहीं हुआ, कलाकार के तौर पर फिल्म बनते बनते हमें उसकी सफलता या असफलता का अहसास हो जाता है। फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ में अभिनय करना समय की बर्बादी थी। इस फिल्म से मैं खुश नहीं था। फिल्म पूरी होते होते मुझे अहसास हो गया था कि यह फिल्म नहीं चलेगी। फिल्म ‘गेारी तेरे प्यार में’ के निर्देशक पुनीत मेरे अच्छे दोस्त हैं, इसलिए मैं इसकी कमियां नहीं गिनाना चाहता।

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आप एक समय में एक ही फिल्म करते हैं, जबकि आपके समकालीन सभी कलाकार एक साथ दो या तीन फिल्में कर रहे हैं?

क्योंकि वह कर पा रहे हैं, मैं नहीं कर सकता। मैं अपने आपको इतना सक्षम नहीं मानता। मैं एक साथ कई चीजों पर ध्यान नहीं लगा सकता। मैं अपने आपको मल्टीटास्क कलाकार नहीं मानता। मैं एक समय में सिर्फ एक ही काम कर सकता हूं।

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Mayapuri