विराट हमेशा टॉप पर ही रहे यही चाहूंगी – अनुष्का

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अनुष्का शर्मा की एक अनूठी भेंटवार्ता हमारी संवादाता लिपिका वर्मा के संग – पेश है –

अनुष्का शर्मा को चाहिए कि वो – अलग अलग किरदार के लिए जानी जाये ! अनुष्का उन सभी निर्देशकों की आभारी है जो उन्हें अलग अलग किरदार में देख सकते है. “में पहली फिल्म ,”रब ने बना दी जोड़ी” में आदित्य चोपड़ा ने मुझे उस किरदार में फिट पाया इस लिए उन्होंने मुझे वो किरदार दिया। जब की बहुत से लोग उनके विचार से सहमत नहीं थे। उनका मानना था कि में रोल में फिट नहीं बैठती.लेकिन उनके विश्वास की वजह से ही में इस इंडस्ट्री में टिक पाई यह मेरा सौभाग्य है । यह मेरे लिए मील के पत्थर की तरह साबित हुआ। मैं हर उन निर्माता निर्देशक की आभारी हू जिन्होंने मुझे उनके किरदार में सटीक पाया और मुझे अलग अलग किरदार करने का मौका दिया.. अनुराग कश्यप का यह विश्वास ही तो है की उन्होंने मुझे बॉम्बे वेलवेट में रोज़ी के किरदार में फिट पाया? सो मुझ पर जिन लोगो ने विश्वास किया वह सब मेरी सफलता का एक अहम हिस्सा है. मुझे पारंपरिक सुंदरता में शामिल नहीं किया जा सकता। । में सुंदर हू – लेकिन वैसी ब्यूटी नहीं है मुझ मैं. हंस कर अनुष्का बोली ”

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साठ के दशक की किसी हीरोइन की कॉपी करी है आपने बॉम्बे वेलवेट में अपने किरदार रोज़ी के लिए?

सच कहू तो मैं किसी भी हीरोइन को कॉपी नहीं करना चाहती थी, में किसी भी किरदार को स्क्रिप्ट से ही जोड़ती हू। हर किरदार को एक नयापन देने हेतु मैंने कभी भी किसी को देखा भी नहीं है। हालांकि मैं यह सुन चुकी हू की हेलेन अपने फैशन का बहुत ख्याल रखती थी वह मेरी पसंदीदा एक्टर भी है। मुझे मुमताज़ और शर्मीला टैगोर भी बेहतरीन अदाकारा लगती है। बॉम्बे वेलवेट की स्क्रिप्ट उम्दा तौर से लिखी गई है – इस स्क्रिप्ट में हर किरदार की छोटी छोटी बातें भी बतलायी गई है यहाँ तक की हमारा ,”ग्रीन रूम” भी उसी तरह से पेश किया गया था जिस के कारण हमे वो साठ की दशक का फील भी मिला है। मेरे हिसाब से सिनेमा निर्देशक का माध्यम है और यदि आप उनके कथानुसार किरदार को निभाते है तो उसे बखूबी कर पाते है ऐसा मेरा मानना है। मै हमेशा अपने किरदार को अलग पेश करना चाहती हू ताकि मुझे लोग पसंद कर सके. यह मेरी खुश किस्मती है कि अनुराग ने मुझे रोज़ी के चरित्र के लिए फिट पाया वरना मुझे एन एच जैसे किरदार ही ऑफर किये जा रहे थे. मै बार बार उसी तरह के किरदार नहीं करना चाहती हू इन सात महीनो में मुझे अलग अलग किरदार करने के मौके मिले है और मै बहुत खुश हू। अपनी पहली फिल्म ,”रब ने बना दी ” के बाद मुझे उसी तरह के किरदार ऑफर किये जा रहे थे सो में चुप चाप घर पर ही बैठी रही।

रोज़ी का किरदार निभा रही है उसके बारे में कुछ बतलायें ?

रोज़ी का बच्चपन अच्छा नहीं बीता है सो वो कुछ दब्बू किस्म की हो गयी थी मुझे सब कुछ उनकी तरह ही करना था.. सो जब स्टेज शोज करती तो ग्लैमर्स नजर आना था मुझे किंतु जब सादा सिंपल रहना होता तो मुझे बिलकुल मेकउप नहीं लगता था। किन्तु मैं इन दोनों ही स्थिति में सटीक पेशकश करना चाहती थी और ऐसा मैंने किया भी है. आजकल की लड़कियों को दब्बू नहीं रहना चाहिए किन्तु जो कुछ भी वो करना चाहती है करने के लिए तैयार रहना चाहिए. मेरा जीवन रोजी के जीवन से अलग रहा -मुझे किसी भी काम में अपने परिवार का साथ मिला है मैं अपने परिवार के संरक्षण में पली बड़ी हू। जबकि रोजी कठिन दौर से गुजरी उसके साथ दुर्व्यवहार हूवा है, सो यह किरदार मेरे लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा क्यूंकि में निजी जीवन में बहुत बोलना पसंद करती हू जबकि इस किरदार में मुझे अभिव्यंजक तौर से अभिनय करना पड़ा जो बेहतरीन लगता है स्क्रीन पर।

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आप बहुत सोच समझ कर बोलती है अब?

जी नहीं में बहुत स्पष्टवादी हू जो कुछ भी मेरे जीवन में होता है मैं कह दिया करती हू। मैं कुछ भी नहीं छिपाती हू यदि मैंने लिप सर्जरी की है तो मैंने उसे भी नहीं छुपाया है। में ऐसा विचार भी नहीं प्रकट करती हू कि जो कुछ भी मैं करती हू वो हमेशा सही होता है। में मिस परफेक्ट बनकर नहीं पैदा हुई हू और ऐसा हम सब इंसानो के साथ होता है ,हमे अपनी कमजोरी और अच्छाई दोनों को समान्य तौर से देखना होता है और उसे सुधारने की क्षमता भी होनी चाहिए।

तो अब आप अपने जीवन में आगे बढ़ गयी है – आदित्य चोपड़ा से मिलना जुलना होता है क्या?

देखिये वह ऑफ स्क्रीन मेरे परिवार के जैसे ही है य़दि हम फिल्म एक साथ नहीं कर रहे है तो इस का यह मतलब नहीं है कि हम एक दूसरे से अलग है. दरअसल जब मै एन एच 10 फिल्म प्रोड्यूस कर रही थी तब उनसे ही प्रोडक्शन के बारे में सहायता ली मैंने. और हर बार मुझे वहां से मदद मिली है। क्यों नही यदि अगली फिल्म उनके साथ डिस्ट्रीब्यूट करने का मौका मिले तो जरूर करूंगी जिस तरह एन एच 10 इरोस ने डिस्ट्रीब्यूट की।

विराट टॉप फोर में आने के लिए इस वक़्त स्ट्रगल कर रहे है क्या कहना चाहेंगी ?

कहां स्ट्रगल कर रहे है? वो तो टॉप पर ही है.और में आप को क्यों बताने चली कि मेरी उनसे क्या बातचीत होती है।

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मोस्ट डिजाइरबल मैन ऑफ़ दा ईयर है क्या कहना चाहेंगी?

हमेशा टॉप पर ही रहे यही कहना चाहूंगी।

तो उनसे जलन होती है?

क्यों भाई क्यों जलूगी उनसे? मैं तो मोस्ट डिजाइरबल मैन ऑफ़ दा ईयर नहीं बन सकती हू न ??

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Mayapuri