INTERVIEW!! वह कल भी मुहंफट थे आज भी मुंहफट हैं – असिन

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असिन काम के बारे में इतनी चूज़ी अभिनेत्री हैं कि उन्होंने अपने अभी तक के करियर में महज चौबीस फिल्में की हैं। फिल्में चाहे साउथ की हो या हिन्दी की वो बहुत सोच समझ कर कोई फिल्म चुनती है। कुछ दिन ब्रेक लेने के बाद उनकी ताजा फिल्म का नाम है ‘ऑल इज वैल’। इस फिल्म को लेकर उनसे एक छोटी सी बातचीत ।

सबसे पहले रोल के बारे में बात हो जाए ?

मैं यानि निम्मी एक सिंपल सी लड़की है। वो रहने वाली हरियाणा के गुड़गांव की हैं लेकिन बैंकाक में रहती हैं जंहा उसकी मुलाकात अभिषेक से होती है। वो एक स्टेबल और इमोशनली पॉजिटिव होपफुल लड़की है। वो एक किताब पढ़ती है जिसका नाम है सीक्रेट रोंडा ग्राइन। उस किताब की फिलॉसफी हैं कि अगर आप कुछ भी दिल से चाहे तो वो हो जाता है। वो खुद भी इस किताब की फिलॅासफी में बिलीव करती है। इसके बाद क्या होता हैं यह आपको फिल्म में देखना पड़ेगा ।

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आपने सिक्रेट बेस्ट सेलिंग बुक पढ़ी है, या आप किताबें पढ़ना पसंद करती हैं ?

जी हां ये किताब मैंने पढ़ी हैं वैसे भी मैं किताबें पढ़ती हूं क्योंकि मुझे अपने प्रोफेशन के तहत यात्राओं में काफी वक्त बिताना पड़ता है, खासकर एयरपोर्ट पर काफी वक्त खर्च होता है। तो वहां लाउंज में फिक्शन किताबें पढ़ते हुये वक्त बिताती हूं।

फिल्म में अभिषेक और ऋषि कपूर दोनों बाप बेटे में काफी दूरी है आप उस दूरी को किस हद तक मिटा पाती है ?

दरअसल अभिषेक के किरदार और उनकी पर्सनेलिटी में बहुत इंफलुवेंस हुआ है, शायद इसीलिये उनमें एक नेगेटिविटी आ गई है। बचपन में उसने अपने मां बाप को लड़ते हुए देखा है। उसकी वजह से उसमें ये नकारात्मक सोच आ चुकी है। लेकिन निम्मी को ऐसा नहीं लगता, इसलिये वो अभिषेक को समझाती है कि तुम हमेशा नगेटिव ही क्यों सोचते हो तुम्हें पॉजिटिव एंगल से भी सोचना चाहिये। हो सकता है कि तुम्हारे पिता अपने हिसाब से सही हों। अब क्योंकि तुम्हारे भीतर बहुत ज्यादा नगेटिविटी आ चुकी हैं इसलिये तुम यही सोचते रहते हो कि अब कुछ नहीं हो सकता। बाद में एक हद तक निम्मी उसे सकारात्मक सोच की तरफ लाने में सफल होती है ।

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शादी आपके लिये क्या मायने रखती है ?

यहां सबकी अपनी एक अलग सोच होती है। उनके अपने आइडियाज होते हैं। कुछ लव मैरिज में बिलीव करते हैं, तो कुछ एरेंज मैरिज में। जंहा तक मेरा ख्याल हैं तो शादी के बाद ही एक आदमी या औरत की लाइफ कंपलीट होती है ।

लेकिन बॉलीवुड में खासकर हीरोइने अपने काम में इतनी मशगूल होती हैं कि जब तक उन्हें शादी का ख्याल आता है तो उनकी शादी की उम्र निकल चुकी होती है ?

यहां हम कोई जजमेन्ट नहीं दे सकते हैं कि उन्होंने सही किया हैं या गलत। हो सकता हैं कि उन पर किसी अपने का प्रेशर हो या खुद उनकी अपनी मर्जी हो। वैसे आजकल उम्र वैगरह कोई नहीं देखता। कितने ही ऐसे लोग हैं जिन्होंने बहुत लेट शादी की है।

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कहीं न कहीं इस फिल्म में पीकू की छाया दिखाई देती है?

नहीं ऐसा बिलकुल नहीं है, सिवाय इसके कि वो भी एक फैमिली फिल्म थी ये भी फैमिली फिल्म है। पीकू में बाप बेटी की रिलेशनशिप थी जबकि इस फिल्म में हर तरह के रिलेशन हैं। जैसे यहां बाप बेटे की रिलेशनशिप हैं पति पत्नी की रिलेशनशिप है, ब्वायज गर्ल की रिलेशिप है या इनलॉज के साथ रिलेषनशिप है यानि इसमें रिलेशन के बहुत सारे ट्रैक्स हैं ।

आप फिल्म में ऋषि कपूर के साथ हैं,  हाउसफुल टू के बाद उनमें कितना बदलाव आया है ?

जरा भी नहीं। उनके साथ मेरी ये दूसरी फिल्म हैं इससे पहले वे फिल्म हाउसफुल में मेरे पिता की भूमिका निभा चुके हैं। उनमें कैसा भी कोई बदलाव नहीं आया हैं वे पहले भी मुहंफट थे आज भी वैसे ही हैं । लेकिन ऋषि अकंल बहुत ही नैचुरल एक्टर है, जरा भी नहीं लगता कि वे सोच कर एक्टिंग कर रहे हैं । मुझे तो उनका सब कुछ मैजिक लगता है।

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और अभिषेक के बारे में क्या कहना चाहेंगी ?

अभिषेक के साथ पहले ‘बोल बच्चन’ की थी, उस फिल्म में मैं उनकी बहन बनी थी। मैं उस दौरान उन्हें भाईजान कहकर बुलाती थी। वहां हमारी एक फ्रेंडशिप स्टेब्लिश हो गई थी इसलिये मैं सीन के अलावा भी उन्हें भाईजान ही कहती थी। बाद में वो मेरी आदत बन गई इसलिये मैने जब इस फिल्म में भी उन्हें भाईजान कहा तो उन्होंने फौरन मेरे मुंह पर हाथ रखते हुये कहा, ‘डॉन्ट कॉल मी भाईजान’ । बाद में बहुत मुश्किल से मैं वो आदत छोड़ पाई ।

आप काफी चूज़ी हैं ?

जी हां। दरअसल मुझे जो फिल्म करनी होती है, वहां मैं पहले देखती हूं कि उसमें कौन कौन अन्य आर्टिस्ट हैं मैं उनके साथ सहज हूं या नहीं। मैं जब नौंवी क्लास में थी, वहां से मेरा करियर शुरू हुआ था । अब मेरे करियर की उम्र चौदह साल हो चुकी है और इन चौदह सालों के दौरान मैने सिर्फ पच्चीस फिल्में की हैं। यहां भी मुझे हर किसी ने यही पूछा कि रेडी, हाउसफुल टू या बोल बच्चन के बाद मैं कहां गायब हो गई थी। मेरा जवाब है कि मैने जानबूझकर एक ब्रेक लिया था क्योंकि उन दिनों मुझे जो फिल्में ऑफर हो रही थी उनमें मुझे करने के लिये कुछ खास नहीं दिखाई दिया ।

 

 


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Mayapuri

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