INTERVIEW!! एक कलाकार भी प्रोडक्ट की तरह होता है – हेमंत पांडे

1 min


इन दिनों मुबंई में एग्जीबिशंस का सीजन चल रहा है। इन एग्जीबिशंस में लगी देसी विदेशी स्टाल्स पर हमेशा की तरह फिल्मी लोगों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। विदेशी कंपनी तोरेरो कार्पोरेशन ने इंडिया के बाजार में योरोपियन फैशन बैग को उतारा है। इस अवसर पर वहां विजिट कर रहे कॉमेडी एक्टर हेमंत पांडे से उनके करियर तथा कुछ अन्य बातों को लेकर हुई एक छोटी सी मुलाकात ।

इस एग्जीबिशन में विजिट करने की कोई खास वजह ?

हम फिल्मी लोगों को अक्सर लोग किसी ने किसी समारोह में बुलाते रहते हैं लेकिन यह निजी तौर पर मेरे आकर्षण का केन्द्र रहा क्योंकि एक बार विदेश में शूटिंग के दौरान मुझे इस कंपनी का लेडीज बैग खरीदने का मौका मिला था। दरअसल इससे पहले इस ब्रांड के बैग इंडिया में आये ही नहीं थे। इंडिया आने के बाद मुझे मेरे आस पास के यार दोस्तों का इस कंपनी के प्रोडक्टस के प्रति क्रेज देखते हुये हैरानी हुई। बाद में पता चला कि यह पहली ऐसी विदेशी कंपनी है जिसके और कंपनियों की अपेक्षा अच्छे और सस्ते प्रोडक्ट्स होते हैं ।

hemant

लेकिन देखा गया हैं कि सस्ते होने के बावजूद यह विदेशी प्रोडेक्ट आम आदमी की पहुंच से दूर ही होते हैं ?

यहां आम आदमी की बात करना ही गलत है क्योंकि आम आदमी तो बेचारा राशन पानी, गैस सिलेंडर और सब्सिडी के चक्कर में ही चकरघिन्नी बना रहता है। वह चार पांच हजार के लेडीज बैग को खरीदने की कल्पना तक नहीं कर सकता। इसलिये जितनी भी अभी तक कार बेचने से लेकर छोटे आइटम्स बेचने यहां विदेशी कंपनियां आई हैं वह यहां के अमीर तबके के लिये ही हैं। यहां तक कि इन कंपनियों की चीजें मेरे जैसे नार्मल एक्टर के लिये भी बजट से बाहर हो जाती हैं।

अपने देश के ताजा हालातों के बारे में क्या राय रखते हैं ?

मैं क्या राय रख सकता हूं। आज नेताओं के सदके जो आरक्षण कांड चल रहा है। इसके बाद सिर्फ दो जातियां बच जायेगी, एक गरीब और दूसरा अमीर। बाद में आखिरी युद्ध इन दोनों के बीच होगा, क्योंकि जिसके पास खाने को रोटी नहीं होगी तो वह किसी कार का शीशा तोड़ कर अपने खाने का बंदोबस्त करेगा ही, आज नहीं तो पच्चीस साल बाद करेगा। खैर मैं बहुत खुश हूं कि पहली बार किसी पत्रकार के साथ मुझे इस क्रास ब्रांड के बहाने अपने भीतर छुपे आक्रोश को बाहर निकालने का मौका मिला, वरना तो हमसे वही रटे रटाये सवाल किये जाते हैं ।

Hemant_Pandey

किसी प्रोडक्ट को बेचने के लिये किसी फिल्म कलाकार को लेना कितना फायदेमंद साबित हो सकता है ?

सौ प्रतिशत। क्योंकि एक कलाकार भी तो एक प्रोडक्ट की तरह होता है। हम टीवी या फिल्मों के माध्यम से दर्शक के करीब बने रहते हैं और वह एक हद तक हमारे पर विश्वास भी करता है। इसलिये जब हम उसे किसी चीज के बारे में बताते हैं तो वह उसे खरीदने की कोशिश करता है।

आजकल आप छोटे बजट की फिल्मों में ही नजर आ रहे हैं ?

इसे आप मेरी मजबूरी कह सकते हैं क्योंकि कृष के बाद मुझे कोई ऐसा ऑप्शन नहीं मिला जिसमें मैं कुछ अलग करके दिखा सकूं, लेकिन इन फिल्मों में मुझे लगातार अच्छे अवसर मिल रहे हैं। बड़ी फिल्मों में मैं आपको ज्यादा से ज्यादा कॉमेडी करता नजर आउंगा लेकिन यंहा मैं लीड रोल कर रहा हूं विलन कर रहा हूं। इसके अलावा भी कुछ फिल्मों में मुझे काफी कुछ अलग करने का अवसर लगातार मिल रहा है। जंहा तक छोटी फिल्मों की बात है तो आज जो अच्छी वही बड़ी फिल्म ।

hemant-pandey-uttarakhand

आपकी आने वाली कुछ फिल्में ?

करीब पंदरह सोलह फिल्में हैं जिनमें प्रमुख हैं प्रकाश इलैक्ट्रॅानिक्स, डायरेक्ट इश्क, लखनवी इश्क, फ्लेम, वाह ताज तथा हैलो हैलो वॉट्सअप आदि ।

 

 

 

 

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये