INTERVIEW!! ‘पीपल्स च्वॉइस अवॉर्ड’ के लिए मनोनीत होना गर्व की बात है – प्रियंका चोपड़ा

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प्रियंका चोपड़ा ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘क्वांटिको’ की सफलता को लेकर खासी उत्साहित हैं। तीन वर्षों से काम में उलझी रही प्रियंका अब केवल पांच दिनों की छुट्टी अपने ख़ास दोस्तों के साथ नव वर्ष के उपलक्ष में मनाने जा रही हैं। देश का नाम विदेश में उँचा करने हेतु हम देशवासियों को गर्व का एहसास करवाती है यह अभिनेत्री। प्रियंका ‘पीपल्स च्वॉइस अवॉर्ड’ के लिए मनोनीत हुई हैं यह उनके लिए और हमारे देश के लिए एक बहुत अच्छी बात है।
लिपिका वर्मा के साथ एक ख़ास भेंटवार्ता में प्रियंका ने ढ़ेर सारी बातें की –

पीपल्स च्वॉइस अवॉर्ड के लिए मनोनीत हुई हैं, हमारे भारत देश को गौरवान्वित किया है आपने क्या कहना चाहेंगी ?

देखिये वहाँ बहुत ही बड़े बड़े अभिनेता और स्टार्स आने वाले हैं। पता नहीं है कि मुझे कोई अवॉर्ड मिलेगा या नहीं। किन्तु हाँ- इस अवॉर्ड के लिए मनोनीत होना मेरे लिए बहुत ही बड़ी बात है। मुझे जनवरी में इस अवॉर्ड सेरेमनी में उपस्थित होना है। किन्तु तीन वर्षों बाद मुझे केवल पांच दिनों की छुट्टी लेने का अवसर मिला है सो मुझे ख़ुशी है कि मैं अपने दोस्तों और परिवार के साथ कुछ अनमोल समय बिता पाऊँगी।

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काशी का एक बहुत ही अहम किरदार था। क्या औरत का गहना त्याग होता है। आप के साथ रियल में ऐसा होता तो आप क्या करतीं ?

जी हाँ जैसा कि फिल्म देखने के बाद आपको यह मालूम हुआ की काशी पर क्या गुजरा। यह एक अहम मुद्दा लिया संजय सर ने दरअसल बाजीराव और मस्तानी की कहानी के बारे में इतिहास में जानकारी है, किन्तु काशीबाई की दशा ऐतिहासिक पन्नों में नहीं पायी जाती है। मुझे ख़ुशी है कि संजय सर और लेखक प्रकाश ने मुझे इस किरदार के लिए चुना। जब मैं फिल्म, ‘मैरी -कॉम’ की शूटिंग मनाली में कर रही थी तब वह दोनों मुझे स्क्रिप्ट सुनाने आये थे। संजय सर ने यह भी कहा था कि जब तक काशी का किरदार तय नहीं होता मैं बाजीराव और मस्तानी का चयन नहीं कर सकता हूँ।
कुछ सोच कर प्रियंका ने हँसते हुए कहा, ” मैंने एक बेहतरीन किरदार निभाया है औरत का गहना मेरे हिसाब से उसका गुरुर होता है। ठीक है यदि बाजीराव दीपिका से मोहब्बत कर बैठे तो मैंने उनको इसकी इजाजत तो दी, किन्तु उन्हें अपने कमरे में आने की इजाजत नहीं दी। सो मैं यही कहना चाहूंगी यदि कोई मर्द ऐसा करता है तो हमें भी आज के हिसाब से ही उसे जवाब देना होगा। मेरे साथ यदि रियल में मेरा पति ऐसा करे तो मैं सीधे सीधे उसे -टाटा। ..बाये – बाये कह दूंगी !!

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आपको सबसे बेहतरीन प्रशंसा किससे मिली ?

अरे भाई ! बॉलीवुड से जिन्हें मैं जानती भी नहीं हूँ उन्होंने मुझे प्रशंसात्मक लाइनें लिख कर भेजी हैं और इस से ज्यादा मैं क्या अपेक्षा कर सकती हूँ। मेरे शो, ” क्वांटिको” के सह-अभिनेताओं ने मेरी फिल्म को पसंद किया और बहुत खुश है वह मेरे काम से। मुझे बहुत मजा आता है जब वहां के लोगों को में अपनी हिंदी फिल्मों के नाच और गाने के बारे में व्याख्यान देती हूँ। अब उन्हें यह जानकारी मिली है मुझसे कि गाने और नांच भी हमारी फिल्म और संस्कृति का एक अहम हिस्सा होते हैं। हम यूं ही नहीं इन्हें कहानी में दिखलाते हैं। सो इस जानकारी ने हिंदी फिल्मों के प्रति उनका कुछ और रुझान बढ़ा दिया है।

आपके उम्दा अभिनय की सबने तारीफ की है क्या कहना चाहेंगी आप ?

देखिये हम अभिनेता लोग अपना अपना काम अच्छी तरह से करने की कोशिश करते हैं और मेरा तो खुद से ही कम्पीटीशन होता है। मैं हर बारी अपने ही मील के पत्थर तय करती हुई आगे बढ़ती हूँ। पर आपको यह बता दूँ दीपिका की बेहतरीन परफॉर्मेंस की वजह से ही प्रियंका भी अपना बेस्ट दे पायी और बाजीराव (रणवीर) की उम्दा अभिनय क्षमता ने हम दोनों को अच्छा अभिनय करने के लिए प्रेरित किया है। एक फिल्म जब बनती है तो उसके सारे किरदार अहम होते हैं और यदि कोई भी कुछ कम हो जाये तो फिल्म का मजा चला जाता है। सो मैं यही कहना चाहूँगी कि दीपिका रणवीर की बेहतरीन परफॉर्मेंस की वजह से ही मैं भी बेहतरीन काम कर पायी।

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जात – पात के नाम पर जो कुछ दिखाया है फिल्म, “बाजीराव मस्तानी” में उस पर टिप्पणी करें ?

देखिये, उस समय लगभग 17 वीं सदी के समय में भी संजय सर ने जात – पात के मुद्दे को बहुत ही पॉजिटिव रूप में दर्शाया है। आज भी लोग जात- पात के नाम पर युद्ध कर रहे हैं। क्या हो गया है हमारी मानव जाति को। सारे देश में फिर चाहे वह – सीरिया हो इराक हो जर्मन हो अमेरिका हो सब के सब जात के नाम पर लड़ने मरने को उतावले हो गए हैं। संजय सर ने यही दिखाने की कोशिश की है फिल्म “बाजीराव मस्तानी” में की जात से ऊपर मानवता धर्म है। फिल्म में शमशेर बहादुर को में मराठा योद्धा बनाती हूँ। बाजीराव ने भी मस्तानी और अपने बेटे को उसकी माँ का नाम देने को कहा था।

हॉलीवुड फिल्में कर रही हैं क्या आप ? और क्वांटिको शो भी आगे करने वाली हैं क्या ?

देखिये, जहाँ तक “क्वांटिको” का जिक्र है वह शो बहुत ही अच्छा चल रहा है। केवल तीन एपिसोड्स के बाद इसे अच्छी मान्यता मिल गयी थी। यह शो अब 13 एपिसोड्स का हो चला है। और शायद दूसरा सेशन भी हो, क्वांटिको पार्ट 2″। जहां तक हॉलीवुड फिल्मों का सवाल है यदि मेरे हिसाब से किरदार मिलेगा तो ही मैं उसका हिस्सा बनना चाहूंगी। जो स्टेटस मेरा बॉलीवुड में है उसी स्टेटस के हॉलीवुड में काम मिले तो जरूर करुँगी।

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और क्या कुछ करने का इरादा है ?

मैं बहुत ही ग्रीडी एक्टर हूँ, फिलहाल काफी स्क्रिप्ट्स आई हैं मेरे पास। सोचती हूँ सब की सब कर लूँ। किन्तु समय नहीं है मेरे पास। बस कुछ तीन फिल्में ही कर पाऊँगी 2016 में। अपने प्रोडक्शन तले कुछ रीजनल फिल्में करना चाहती हूँ वह सिर्फ मराठी ही नहीं होगी किन्तु और कुछ रीजनल भाषाओं की फ़िल्में भी प्रोड्यूस करूंगी मैं।


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Mayapuri

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