INTERVIEW!! मैं हर दिन को नया दिन मान कर आगे बढ़ती हूं – ऋचा चड्ढा

1 min


ऋचा चड्ढा ने अपने बोल्ड अवतार एवं फिल्मों के बारे में बताया और अपने किसी  नजदीकी दोस्त का भी जिक्र किया हमारी संवाददाता लिपिका वर्मा के साथ एक मुलाकात में

मसान फिल्म के बाद आपकी ज़िन्दगी में क्या बदलाव आया है ?

ज़िन्दगी में क्या बदलाव आना है ? वही रोजमर्रा की ज़िन्दगी है, किन्तु मुझे जो तारीफ मिली है इस फिल्म को करने के बाद यह जरूर है कि अपनी तारीफ सुनकर बहुत अच्छा महसूस होता है। मैं हर दिन को नया दिन मान कर आगे बढ़ती हूं।

‘मैं और चार्ल्स’ फिल्म आपको किस तरह मिली ?

निर्देशक प्रवाल रमन की पिछली फ़िल्में मैंने देखी थी और सब फ़िल्में बहुत पसंद भी आई। मैंने खुद सामने से उन्हें मैसेज करके कहा।, “सुना है आप फिल्म बना रहे हैं मैं भी उसका हिस्सा बनना चाहूंगी। यह फिल्म, “फुकरे” के समय की बात है। प्रवाल ने मुझे भेंट करने का न्यौता दिया। हम मिले और फिर इस फिल्म में आप मुझे देख रहे हैं। वह बहुत ही बेहतरीन निर्देशक है और सारी कास्ट भी बेहतरीन है इस फिल्म की।

articles44344

चार्ल्स शोभराज के बारे में आपकी क्या जानकारी है ?

असली चार्ल्स के बारे में मुझे ज्यादा कुछ ज्ञान नहीं है किन्तु फिल्म- “चार्ल्स” पुलिस की केस फाइल पर निर्धारित फिल्म है। सारे विश्लेषण जो चार्ल्स के लिए फिल्म में दिए गए है उसे बहुत ही सूट करते है।

आपने कुछ बोल्ड संवादों को बखूबी बोला है फिल्म में। क्या कहना है इस बारे में?

जी हाँ! जैसे, “मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूं !! आपने यह भी बोला है, “आई फील लाइक हैविंग सेक्स विद यू”? जी हाँ यह भी बोला है। किन्तु इस फिल्म को लिखने से पहले काफी सारा अनुसंधान किया गया है सो चार्ल्स से जुडी बातें होगी उसे ही लेकर संवाद बनाया गया है। फिल्म एक नाटकिये रूपांतर है। आप देखिये न चार्ल्स जो की जेल जा चूका है फिर भी पढ़ी लिखी लड़की किस तरह उसके जाल में फंस जाती है। कुछ न कुछ तो होगा ही उसके व्यक्तित्व में।

richa-chadha_640x480_41443065055

आप एक सिडक्ट्रेस (मर्द  प्रलोभन देना) है इस फिल्म में?

बतौर एक एक्ट्रेस प्रलोभन देना यदि कैरेक्टर की डिमांड है तो मुझे उसे बखूबी  निभाना पड़ेगा और यदि मैं प्रलोभन सही ढंग से नहीं दे पायी तो चरित्र चित्रण कमजोर पड़ जायेगा।

सेक्सी संवादों को बोलने में कोई हिचकिचाहट तो नही थी आपको ?

क्या ठीक ऐसे सवाल आप एक्टरों (मेल) से भी पूछते है ? मेरे लिए हर किरदार जो होता है बस उसे वैसे ही मुझे निभाना होता है और इसके लिए मैं जानी  जाती हूं। कोई भी चीज़ जो उत्तम दर्जे की हो और साफ़ सुथरी हो उसे करने में कैसा एतराज ?  डबल मीनिंग, संवाद जैसे – “केला” बोलना हो तो ऐसे संवाद मुझे गंदे लगते है बोलने में।

Richa-Chadda (1)

आपके हिसाब से सिडक्ट्रेस (प्रलोभन देना) क्या मायने रखता है ?

कोई स्त्री जो रहस्मयी हो और अपनी लेंगिकता को मानती है नाकि उसे छिपाती है उसे सिडक्ट्रेस (प्रलोभन देना) कहा जा सकता है।

आपके जीवन में कोई बाहर देश का मर्द है ?

हंस कर बोली ऋचा -कोई मर्द नहीं है बाहर के या फिर दिल्ली से भी कोई मर्द मेरे जीवन में नहीं है। कोई ख़ास मर्द मिलना बहुत ही मुश्किल है आजकल !

 

 

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये