INTERVIEW!! ‘‘डायरेक्टर ने अक्षय को जैकलिन दे दी और मुझे जैकी श्रॉफ’’ – सिद्धार्थ मल्होत्रा

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बेशक आप कितने भी टेलेंटिड हो लेकिन बॉलीवुड में आपके ऊपर कोई मजबूत हाथ न हो तो आप सफल हो सकते हैं लेकिन उसकी कोई गारंटी नहीं और अगर आपका यहां कोई गॉडफादर हो तो आपको सफलता मिलने में देर नहीं लगती। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपना करियर बतौर एडी शुरू किया था लेकिन करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेन्ट ऑफ द ईयर’ में वरूण धवन और आलिया के साथ सिद्धार्थ को भी बतौर एक्टर अवसर मिला। बस उसकी आगे की राह आसान होती चली गई। उसके बाद एक विलन ने उसे स्टार बना दिया। अब वो धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म ‘ब्रदर्स’ में अक्षय कुमार जैसे स्टार के सामने हैं। इस फिल्म को लेकर उनका क्या कहना है ।

इस फिल्म में आप अक्षय कुमार के सामने हैं ?

डेफिनेटली, मेरे लिये ये चैलेंज था। दरअसल मेरी और उनकी भूमिका एक फाइटर की है। इसके लिये मैंने चार महीने पहले ही अपने आपको तैयार करना शुरू कर दिया था। दरअसल डिसाइड हुआ था कि अक्षय सर वजन घटायेंगे और मुझे वजन बढ़ाना है। मैने करीब दस किलो वेट बढ़ाया और जम कर ट्रेनिंग ली। इसके अलावा एक फाइटर के गैटअप के लिये और भी काफी कुछ किया, जैसे मैंने इस दौरान न तो कोई शूटिंग की और न ही कोई दूसरा असाइनमेन्ट लिया, क्योंकि मुझे अक्षय सर के सामने रिंग में खड़ा होना था और उनके टक्कर का फाइटर दिखाई देना था ।

बेशक ये फिल्म हैं लेकिन रिंग तो असली था और फाइट भी एक हद तक असली ही होगी ?

बिल्कुल,  क्योंकि रिंग में हम दोनो नंगे थे। इसलिये चीट करने का कहीं कोई मौका नहीं था। इसलिये जरा सी चूक होते ही चोट लगना जरूरी था और हमें काफी चोटें लगी भी। कई बार उन्होंने भी मारा और मेरे पंच भी उन्हें कई बार लगे। देखिये अगर आप आधे घंटे की फाइट करते हैं तो आपका तीन घंटे का स्टेमिना होना चाहिये। ट्रेनिंग के दौरान विदेशी कोच से मैंने ये सब सीखा कि कैसे चीट किया जाये, पंच शरीर से कितना दूर रहना चाहिये वगैरह वगैरह । फाइट करना एक से डांस करना ही होता है ।

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एक विलन के बाद आपको अक्षय कुमार का उत्तराधिकारी कहना शुरू कर दिया था। इस फिल्म में वे खुद आपके सामने हैं। आपके साथ वह किस तरह पेश आये ?

सामने आये तो मेरी बैंड बज गई। वे मार्शल आर्ट में माहिर है उनकी लात मेरे जैसे लंबे शख्स के सिर के ऊपर से जाती तो बाकायदा एक आवाज आती थी । मैं ये सोच कर सिहर जाता था कि कहीं ये लात मुझे पड़ गई तो क्या होगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं मुझे कभी उन्होंने अपने स्टार होने का एहसास तक नहीं होने दिया, मुझे वे हर वक्त ऐसा महसूस करवाते रहे जैसे मैं उनका छोटा भाई हूं ।

अक्षय का ये भी कहना है कि सिद्धार्थ और मेरे में काफी कुछ मिलता है ?

जी हां। मैने भी यह महसूस किया, जैसे हम दोनों पंजाबी हैं, दिल्ली से हैं, हम दोनों को ही खाने का बहुत शौक हैं, दोनों इन्डस्ट्री से बाहर के हैं। दोनों आर्मी बैकग्राउंड से हैं, हम दोनों ही सुबह जल्दी उठते हैं और जमकर एक्सरसाइज करते हैं। मैं शूटिंग पर भी पहले ट्रेनिंग करके आता था। जब उन्होंने ये सुना तो बड़े खुश हुए। ये सब इत्तफाकन ही हुआ, उन्होंने एक बार मुझसे पूछा, घर लिया क्या, मैने कहा, सर, ढूंढ रहा हूं। तो कहने लगे कि दो नहीं चार बैडरूम का घर लेना। मैंने कहा लेकिन सर पैसे? तो उनका कहना था अभी ये सब सोचेगा तो दो बैडरूम का भी नहीं ले पायेगा, बुक कर। पैसा भी कहीं न कहीं से आ ही जायेगा। दरअसल वे इस फेज़ से दो चार हो चुके हैं इसलिये उन्हें ये सब पता है। मुझे ये सब सुन कर ऐसा लगा जैसे मेरा बड़ा भाई मुझे समझा रहा हो। इसके बाद तो मैं उनका बहुत बड़ा फैन हो गया ।

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आप फिल्म में अक्षय के भाई हैं और दोनों में घमासान फाइट भी हुई है। क्या पर्सनल ऐसे कुछ संस्मरण हैं ?

हां हां क्यों नही। बचपन में मेरी मेरे भाई से खूब मार पीटाई होती थी। उसका नाम हर्षद मल्होत्रा है और वो बैंकर है। हम दोनों कभी साफ सफाई को लड़ाई करते थे तो कभी कुछ और अन्य बातों को लेकर। मैं उस दौरान दस साल का रहा होउंगा और वो सोलह साल का। बड़ा होने के वजह से जीतता तो वही था। यहां भी ऐसा ही हुआ कि दोनों मिलकर रोये भी यानि मर्द हाने के बाद भी रोये। वो फिल्म में कमाल के इमोशन थे ।

फिल्म में हीरोइन न होने का मलाल रहा ?

हां मलाल तो रहा क्योंकि डायेरक्टर ने अक्षय सर को जैकलिन दे दी और मुझे जैकी श्रॉफ ।

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Mayapuri

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