INTERVIEW!! “हिरोइज्म मेरे लिए – बड़ों का आदर करना है।” – सूरज  

1 min


सूरज पंचोली जेल  और बेल  मिलने के बाद सलमान की शरण में जो आये उनका जीवन ही बदल गया!!

सूरज पंचोली जेल  और बेल  मिलने के बाद सलमान की शरण में जो आये उनका जीवन ही बदल गया. उनकी ज़िन्दगी का यह समय बहुत ही अच्छा चल रहा है। अपनी डेब्यू फिल्म,” हीरो” का प्रोमोशन जी जान से कर रहे हैं सूरज। और वह चाहते  हैं कि -बॉलीवुड की दुनिया में रह कर  अपने परिवार के लिए बहुत कुछ कर पाये। उन्हें पूरा विश्वास है कि वह हर दुःख दर्द एवं जो कुछ भी उनके साथ हुआ उन सब से जरूर क्लियर हो जायेगे।  लिपिका वर्मा के साथ एक बातचीत में सूरज ने बेबाकी से जवाब दिया  –

DSC_0001

सूरज पंचोली अपनी ज़िन्दगी में बहुत कुछ झेल चुके है इतनी सी छोटी उम्र में, सूरज अब जीरो से हीरो बन गए है। इसका श्रेय वो सलमान खान को दिल से देते हुए कहते हैं- “पता नहीं सलमान  मुझे इतनी मदद क्यों कर रहे हैं यह बात मुझे भी समझ में नहीं आती है? किन्तु मेरी माँ यही कहती हैं हमेशा कि वह भगवान  के भेजे हुए बन्दे हैं इस धरती पर। सलमान  ने ना  केवल मेरी मदद की है किन्तु मेरे पिताजी, बहन और मेरी माँ की भी मदद हमेशा से की है। कई मर्तबा लोग मेरी  उनसे तुलना करते  हुए कहते है- कि तुम सलमान की ही तरह हो। मैं इस बात से कतई सहमत नहीं हूं। क्यूंकि सलमान सब से स्ट्रॉंगेस्ट बन्दे है और वो एक बड़े दिल के इंसान है।”

ज़िन्दगी के इस दौर के बारे में क्या सोच  रहें है आप ?

अपनी ज़िन्दगी की इस अवस्था में हम  बहुत खुश है। फिल्म हीरो मुझे मिली तब से मेरे जीवन में एक बेहतरीन रोशनी चली आई और मैं क्या कहूं इस से ज्यादा खुशी  की बात क्या हो सकती है की जहाँ जीवन  के कुछ बैड डेज मेरे जीवन में आये थे अब गुड डेज में बदल गए हैं।  मुझे जेल भी हो गयी थी। कोर्ट केस भी चल रहा है। किन्तु इन बैड डेज से मैं जरा भी विचलित  नहीं हुआ था क्यूंकि मुझे विश्वास है  मैंने कोई गलती नहीं की है। मैं गलत  भी नहीं हूं, किन्तु मुझे पूरा विश्वास है कि  सच्चाई जरूर बाहर  आएगी, यदि मैं गलत साबित हुआ जो की मुझे मालूम है -मैं  गलत नहीं हूं- किन्तु फिर भी यदि कुछ ऐसा होता है तो मुझे सलमान, मेरे पापा या फिर मेरी माँ भी नहीं बचा  सकती है, पर बुरे समय पर मैंने भगवान  की सेवा मैं कोई कमी नहीं छोड़ी है और मैं खास कर मदर मैरी का भक्त हूं, और  जीसस क्राइस्ट को भी मानता हूं इस लिए मुझे यह मालूम है मैं गलत नहीं हूं, और मदर मैरी जरूर मेरी सहायता करेंगी। उन्होंने हर मोड़ पर मुझे संभाला है।”

Hero-Movie-Love-Couple-Images-04778

कुछ रुक कर सूरज बोले, ” दरअसल में, मेरी माँ मुस्लिम है और पापा हिन्दू लेकिन  हमारे घर में हम किसी  भी भगवान की पूजा करने के लिए स्वतंत्र है। मेरी माँ साईं बाबा की भी भक्त  है। यदि मैंने कुछ गलती नहीं की है तो कोई भी ताकत मुझे बर्बाद नहीं कर सकती है ऐसा मेरा विश्वास है। बस यही  आशा करता हूं जब समय आएगा तब लोगों को सच्चा सूरज दिखेगा। मुझे और कोई सफाई अपने बारे में नहीं देनी है। पर हाँ यह जो भी बुरे दिन मेरे जीवन में आये और जो कुछ भी मेरे साथ हुआ इससे मैंने कोई भी सबक नहीं सीखा है। मैंने जब कोई गलती नहीं की है तो सबक सीखने की बात ही नहीं है।

सलमान आपके गॉडफादर है उन्होंने आपको क्या सलाह दी है ?

उन्होंने मुझे कोई भी सलाह नहीं दी बस यही कहा, “बी योरसेल्फ” बस उनकी दुआ मेरे साथ हमेशा रहे यही  आशा करता हूं। सलमान की वजह से मैं अपने पैरों पर खड़ा हो पाया इस लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। मेरे मन में उनके लिए बहुत प्यार  और इज्जत  ही रहेगी। सलमान एक सच्चे मेंटर है मेरे।

salman-khan-launch-hero-trailer-launch_143702191310

बचपन में सूरज कैसा बच्चा था ?

बचपन में  बहुत ही शरारती बच्चा  था मैं, किन्तु अपनी टीचर का चहेता बच्चा हुआ करता। पढ़ाई में तो मेरा मन कभी नहीं लगता था किन्तु खेल कूद में अव्वल आया करता। मुझे पी टी पीरियड सबसे अच्छा लगता क्यूंकि इस दौरान हम मैदान में हुआ करते। मुझे लॉन्ग जम्प करना भी अच्छा लगता था   क्राफ्ट और ड्राइंग  मैं जब कभी फ्री होता हूं तो अब भी करना पसंद करता हूं। मुझे गाना भी पसंद है आगे चलकर कुछ और अच्छा गाना  चाहता  हूं गायिक द्वारा। फूटबॉल तो स्कूल में हम बहुत खेला  करते क्यूंकि गेंद के पीछे भागना और फिर गोल करना बहुत मज़ा आया करता।

ज़रीना और आदित्य (माता -पिता) किसकी कौन से गुण आपके अंदर आया है ?

मेरे डैड स्पोर्ट्स में अच्छे हुआ करते। हालॉंकि माँ- डैड दोनों ही बेहतरीन कलाकार है,  किन्तु डांस मेरी माँ बहुत ही अच्छा करती  हैं सो यह गुण उनसे ही मैंने लिया  है। अभिनय तो मेरे अंदर दोनों का मिलाजुला भाव है, पर दोनों का यही कहना है कि जो कुछ भी करो कैमरे के समाने, “बी योरसेल्फ” क्योंकि  जो हम तुम्हें बताएंगे वह तुम नहीं कर पाओगे, सो जो कुछ भी करो दिल से और बेहतर करने की कोशिश किया करो। मेरे पेरेंट्स मुझ पर गर्व करते हैं और इसी वजह से मुझे सब कुछ अच्छा करना है ताकि उन्हें मेरी ओर से कोई दुःख ना  पहुंचे । जब मैं छोटा था तब मेरे माता-पिता ने मेरा बहुत ख्याल  रखा, मेरी माँ थोड़ी स्ट्रिक्ट जरुर थी किन्तु वो पढ़ाई के मामले में तो हर कोई माँ चाहती है कि उसका बेटा  अव्वल रहे।

Suraj-Pancholi-Aaditya-Pancholi-and-Zarina-Wahab-02713

माँ के लाड के बारे में थोड़ा  कुछ और बताएं क्या उनके लाड  प्यार की वजह से आप बिगड़े? आप “ममाज   बॉय” है क्या?

मेरी माँ आज भी हमारे लिये उतनी ही मेहनत करती है जितनी बचपन में किया करती। मुझे याद है, हमारे  लिए तीनों टाइम का खाना बनाया करती नाश्ते से लेकर डिनर तक। क्यूंकि माँ हैदराबाद की है तो बिरयानी बहुत ही लजीज बनाती  है, पुल्लिहारा -निबो चावल वह भी बहुत अच्छा बनाती  है। इडली सांभर और डोसा भी बनाकर खिलाया करती। अक्सर मैं उन्हें बैठने के लिए कहता तब भी वो घर के चारों तरफ  घूम घूम  कर काम करती  . जब हम छोटे थे तब उन्होंने हमारे लिया अपना काम छोड़ दिया था। किन्तु आज भी सेट्स पर  जाने के लिए बहुत उत्सुक रहती हैं। यही  सब कुछ है जिसकी वजह से मुझे इस बॉलीवुड में ही रह कर अपने माँ बाप और बहन के लिए बहुत कुछ करना है। बस मुझे यही  लगता है की मेरी डेब्यू फिल्म “हीरो” सिनेमा घरों में अच्छा कर पाये और मैं मेहनत करने में पीछे नहीं हटूंगा। पहले मैं ममाज बॉय था लेकिन अब मैं डैड के साथ भी काफी बातें कर लेता हूं, किन्तु माँ ही मेरा काम काज संभालती है। मैं पिताजी  से सलाह  मांगने जाऊं तो वो कहते हैं कि -जाकर अपनी माँ से सलाह लो !

sooraj-pancholi1

सूरज का, “मी  टाइम” कब होता है? और वह अपने आप को डिस्ट्रेस कैसे करते है ?

मैं अपने पिताजी की तरह शार्ट टेम्पर्ड नहीं हूं। पर हाँ यदि कोई गलत हो तो उन्हें अच्छी तरह यह जरूर बता देना चाहता हूं कि उनकी क्या गलती है। लेकिन मैं उनकी तरह चीख चिल्ला कर नहीं बोलता आराम से उनकी गलती पॉइंट कर देता  हू, आपको यह बता  दूँ मेरे पापा दिल के बहुत अच्छे है उनका बहुत बड़ा दिल है। वो भावुक  भी हैं बहुत। कुछ ज्यादा हो तो उनके आंसू टप टप गिरने  लगते है। हाँ तो -मेरा मी टाइम -जिम  में होता है, मैं एक बारी सुबह और एक बारी शाम   को जिम जाता हूं। किन्तु आजकल पोरमोशन्स के चलते केवल  एक बारी ही जिम जा पाता हूं, मुझे गाने में भी रूचि है सो कभी कभी गा भी लेता हूं। अपने आप को डिस्ट्रेस करने हेतु कभी  कभी गाना भी गाता हूं ड्राइंग तो मुझे जब भी वक़्त मिले कर लेता हूं बस जब मैं मी  टाइम में  होता हूं तब मेरा फ़ोन भी बंद होता है और मैं किसी से बात नहीं करता हूं। अपने मी टाइम में खुद रहता हूं  अकेले।

DSC_0008

हिरोइज्म आपके लिए क्या है ? कोई मैसेज देना चाहेंगे ?

हिरोइज्म मेरे लिए – बड़ों का आदर  करना है। आजकल जवान बच्चे अपने माँ बाप की खिलाफत करते है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि  उनकी गलती नहीं होती है किन्तु हम बच्चों को उनकी इज्जत करनी चाहिए ताकि हमें भगवान  का आशीर्वाद मिले। अपने माता पिता के आदरणीय  रहना ही मेरे लिए हिरोइज्म है !!”

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये