INTERVIEW: इंतजार है ऐसे नौजवान का जो मुझे – मल्लिका साराभाई

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मायापुरी अंक, 57, 1975

कितना ढंग से प्रकट किया गया क्रोध भी, कितना आकर्षक और लुभावना हो सकता है, इस बात का अनुभव उस तन्वंगी इक्कीस वर्षीय नवयौवना सुंदरी को देखकर ही हो सकता है। यह क्रोध में आई तो उसका क्रोध या आक्रोश भी प्यारा लगा क्रोध की लपट जब उसके चेहरे पर चमकी तो अग्नि ज्वाला की भांति उसका चेहरा सुर्ख हो गया उससे उसके चेहरे पर चार चांद लग गये उसके उस प्राकृतिक सौन्दर्य में इजाफा ही हुआ क्योंकि जो कुछ वह मुख मुद्रा से प्रकट कर रही थी, वह क्रोध नही, विद्रोह था, अथवा उसे विक्षोभ भी कहा जा सकता है। मैंने जब उससे सेक्स के विषय में प्रश्न किया तो उसकी विद्रोही भावनाएं भड़क उठी, उस खूबसूरत मुख से वह छिपाकर, ढक कर नही रख सकी अपनी भावनाओं को, क्योंकि वह आज की लड़की है पूरी तरह इस युग की खुले विचारों की, खुली किताब-सी उस विक्षोभ में भी उसकी आवाज़ जलतरंग की भांति मधुर, कोमल, मीठी और विनयपूर्ण और नम्र थी। उसने कहा सेक्स..सेक्स..सेक्स.. जैसे सेक्स, सेक्स न होकर, कोई तूफान या जलजला हो गया हो फिल्मी पत्रकारों के लिए इसमें दोष पत्रकारों का बिल्कुल नही है। मैं यह अच्छी तरह से जानती हूं दोषी तो वे नई नई लड़कियां है जो सेक्स रूपी बैसाखियों के सहारे रातों-रात फिल्मों की चर्चित अभिनेत्रियां बन जाती है उनका ध्येय ही होता है बस नाम कमाना और पैसा बटोरना और इसके लिए वे अजीब-अजीब अफवाहें उड़वाती रहती है और फिल्मों में फोटोग्राफ्स में अपने जिस्म के एक एक हिस्से को खोल-खोलकर उभार-उभार कर उनकी नुमाइश करती रहती हैं। ना बाबा ना, मैं तो ऐसे हथकंडो से दो गज दूर ही रहना चाहती हूं और हाथ जोड़ती हूं ऐसी हरकतों से.. यह सब तो ठीक है, किंतु यह बात तो आप भी मानेंगी कि यह युग विज्ञापन का है और ऐसे युग में बिना विज्ञापन के..

मैं मानती हूं यह बात किंतु पब्लिसिटी इतनी चीप भी तो नहीं होनी चाहिए कि वह आदमी को आदमी ही न रहने दे, जैसा कि आजकल फिल्मी दुनिया में हो रहा है। मुझे तो आजकल पत्रकारों से बात करते हुए भी डर सा ही लगने लगा है। जाने कब किस बात का क्या अर्थ निकाल कर छाप मारे?

क्यों कोई ऐसी वैसी घटना हो गई थी क्या आपके साथ?

घटना…?  अरे बाबा, मैं तो ऐसी बातों को घटना नही, दुर्घटना कहती हूं..

क्या हो गया था..?  आप संक्षेप में बतायेंगी..?

हुआ कुछ भी नही.. यही तो अफसोस है, किंतु फिल्मी दुनिया में आजकल हवा ही ऐसी चल रही है, उसका क्या करे कोई उसी का एक झोंका मुझे भी लग गया था बस मैं अपने काम से काम, मतलब से मतलब रखती हूं। मेरी आने वाली फिल्म के एक हीरो, जिनका नाम मैं नही बताऊंगी, एक दिन मुझसे बोले मल्लिका, रियेली यू आर वेरी कोल्ड… (सचमुच तुम बहुत ठंडी हो..) मैं उसकी चाल समझ गई थी, मुझे उसकी बात अच्छी नही लगी इसलिए मैंने ईंट का जवाब पत्थर से दिया मैंने कहा मैं क्या करूं मुझे कोई ऐसा तेजस्वी और पावरफूल लड़का ही अबतक नही मिला जो मुझे गरम कर सकता.. लो साहब, इस बात को तोड़-मरोड़ कर, नमक मिर्च लगाकर इंडस्ट्री में इस तरह उछाला गया कि मुझे कोफ्त ही महसूस हुई और साथ दुख भी हुआ इसीलिए.. बात बीच में ही अधूरी छोड़ दी।

malika sarbhai

ओह यह बात है। कहावत भी तो है कि दूध का जला छाछ को भी फूंक फूंक कर पीता है किंतु मैं अपनी ओर से आपको यकीन दिलाता हूं कि जो कुछ कहेंगी उसके अलावा एक शब्द भी इधर उधऱ का नही लिखूंगा..

मुझे यकीन है खैर पूछिए क्या पूछना चाहते है?

सेक्स के विषय में आप क्या सोचती है..?

सेक्स के विषय में सोचने जैसी बात ही क्या है..? वह मनुष्य को प्रकृति की ओर से मिली हुई एक नैचुरल और इंपोर्टेंट गिफ्ट है। सहज भावना है। वैसे तो मैंने अभी जवानी की देहलीज़ में कद नही रखें ही है कुल इक्कीस वर्ष की ही तो हूं इसलिए…

अच्छा तो यह भी बताइए कि फिल्मों में सेक्स जरूरी है क्या…?

जरूरी है भी और नही भी है इस रूप में कि वह हमारी समस्त क्रियाओं और भावनाओँ का अनिवार्य अंग है। जो कुछ हमारी फिल्मों मैं सेक्स के नाम पर प्रदर्शित किया जाता है, वह सेक्स नही, अंगो और भावनाओँ का कुत्सित चित्रण है जो ठीक नही है। यदि हम सेक्स को सही ढंग को सही रूप में प्रदर्शित करें, तब तो कोई बात है, किंतु नही, ऐसा नही होता अब देखिये ना रेहाना कितनी उम्दा हीरोइन है, कलाकार है किंतु ‘चेतना’ ने उस बेचारी की बघिया ही बिठा दी। व्यापारी निर्माता उसके अभिनय कला की ओर पीठ फेरकर उसकी टांगों की ओर ही केन्द्रित हो गया सेक्स क्या ऐसी चीज है जो एक जगह केन्द्रित होकर रहती हो.. छी आंखो को मन का दर्पण कहा जाता है क्या आंखो से सेक्स प्रदर्शित नही किया जा सकता? चेहरे के मूवमेंट क्या कम आकर्षक होते हैं? क्या मोटी, काली और भद्दी लड़कियों में या जो कपड़ो में ढकी लुकी रहती है, उनमें सेक्स नही होता.. ? कपड़ो की दुकान में रखी साड़ियों की तरह शऱीर को खोल कर रख देने से सेक्स उभर सकता है।

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Mayapuri