INTERVIEW!! सलमान एवं शाहरुख़ “स्टारडम” को  वर्णन करते है – श्रेया  सरन

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श्रेया सरन भले  ही हिंदी फिल्मो में अपना सिक्का नहीं जमा पायी हो  उन्हें यदि कुछ मन में इच्छा है तो सिर्फ इतनी कि वह अच्छी फिल्मों का हिस्सा बने फिर चाहे वह किसी  भी भाषा में क्यों न बन रही हो। अजय देवगन के साथ पहली बार रुपहले पर्दे पर श्रेया एक साथ नजर आने वाली है। और उन्हें इस बात की ख़ुशी है की वो अजय के साथ काम कर रही है। एक छोटी सी भेंटवार्ता में श्रेया  ने मायापुरी  की संवाददाता  लिपिका वर्मा के साथ ढेर सारी बातें की

आप हर भाषा की फिल्म करने के लिए उत्सुक  रहती है,ऐसा क्यों?

“जी हां में अपने देश की किसी भी भाषा  में फिल्म करने के लिए उत्सुक रहती हू। मुझे भाषा से कोई परहेज नहीं है। ?मैंने तमिल,तेलुगुं और मलयालम  एवं कनाडा ,अंग्रेजी और हिंदी में फ़िल्में की है । मेरा ऐसा  मानना कि हमारे देश की जितनी भाषाए  है मै उन सब में काम कर पाऊँ। मेरे लिए हर भाषा को सरलता से बोल पाने में  कठिनाई नहीं होती है ,मुझे सिर्फ कहानी और अच्छे चरित्र करने  की लालसा रहती है बस। और तो  मैंने बहुत ही छोटी सी उम्र में  काम करना शुरू कर दिया था और इत्तेफाक से मुझे अलग अलग साउथ की भाषाओ में काम मिलने लगा था,अत यह कहना ज्यादा नही होगा कि में अलग अलग भाषा बोलने में काफी निपुण हू।    ”

फिल्म दृश्यम हिंदी आपको कैसे मिली ?

मुझे यह नहीं याद की यह सब कैसे हुआ ? मुझे कुमार जी ने यही कहा कि में यह फिल्म कर रही हू। वैसे भी फिल्म के बारे में मुझे पता है सो मैं इस बेहतरीन फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तुरंत तैयार हो गयी।

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कुछ कारण बातएं जिन की वजह से आप को यह फिल्म अपील कर गयी ?

अपील करने की कोई बात नहीं होती है. दरअसल  मुझे फिल्म करनी थी सो कर ली। पर फिल्म करने के कुछ कारण यह है – इस फिल्म की कहानी मानव भावनाओ को उजागर करती है। उसका बैकग्राउंड अच्छा है। और बेटी  पूरे परिवार में  हालत उत्पन्न होते है वह बहुत ही गजब की स्थिति पैदा कर देते है। फिर चाहे वह एक नज्ररिये से सही हो या फिर दूसरी नजरिये से गलत हो ? मुझे यह फिल्म की कहानी अच्छी लगी अत इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए मैंने तुरंत हामी भर दी। मलयालम फिल्म इस की ओरिजिनल फिल्म है जो बहुत ही अच्छी बनी है।

अजय के साथ काम करना कैसा अनुभव रहा?

काम करने का अनुभव बहुत अच्छ लगा.वह अपना स्टारडम पीछे अपने घर पर छोड़ कर आते है। वह एक सरल सीधे स्वाभाव के बहुत ही आम आदमी की तरह हम सब से बर्ताव करते है। उनका नम्र स्वभाव उन्हें बहुत ही ऊंचाई प्रदान करता है। वह जब अपनी लाइन बोलते है तो ऐसा लगता है कि यह लाइन उन्होंने खुद ही लिखी होगी। वो बहुत ही स्वाभाविक परफॉरमेंस देते है। क्योकी वो इतने बेहतरीन एक्ट करते है कि – सामनेवाले एक्टर को  बेहतरीन रिएक्शन देने का मौका मिल  जाता है। उनकी प्रतिभशाली एक्टिंग के हम सभी कायल है।  उन्हें किसी भी तरह का रोले दे दिया जाये -फिर चाहे वो ड्रामा हो थ्रिल हो रोमांटिक या फिर एक्शन रोल हो हर किरदार में वो सटीक अभिनय दे कर सब को मंत्रमुग्ध कर देते है। हालांकि की वो फन लविंग एक्टर है किन्तु बहुत ही टैलिटेंड भी है। ”

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स्टारडम बैक होम-साउथ  लिए क्या मायने रखता है ?

मुझे यह नहीं समझ में आता है की बैक होम मेरा खान पर है।? किन्तु स्टारडम मेरे लिए निश्चित रूप से काफी तनावपूर्ण है हम अपनी प्राइवेट लाइफ अपनी नहीं रख सकते है। खुले  नहीं।  हमारे फैंस हमे घेर लेते है। किन्तु यह सब भी हमे कई बारी अच्छा भी लगता है। मैंने साउथ और हिंदी फिल्मो के बड़े सितारों से बहुत कुछ सीखा है वह इतने प्रतिपादित होते है कि यह एहसास ही नहीं होता है उन्हें की वो इतने बड़े स्टार है। मुझे तो अभी बहुत कुछ सीखना है। किन्तु जब कभी मेरे फैंस यह एहसास दिलाते है कि आपकी फिल्म हमने 10 साल पहले देखी थी बहुत ही अच्छी भावना उतपन होती है। स्टारडम मेरे लिए ऐसी नियामत है जैसे रेट को हम हाथ में पकडे रहे और उसे हाथ से फिसलने ना दे!!

किस साउथ के स्टारडम से आप आकर्षित है ?

रजनीकांत एक ऐसे स्टार है जिन्हे भारतवर्ष में स्टारडम की सबसे ऊँची पद्वी दी जा सकती है। मेरे लिए तो वह स्टारडम को वर्णन करते है। उनका सरल स्वाभाव एवं उनकी विनम्रता हमारे लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है।

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फिल्म दृश्यम में आप एक माँ का रोल  निभा रही है इतनी छोटी  सी उम्र में माँ का किरदार करना आपके लिए  सही होगा?

मुझे यह नहीं पता क्या सही है और क्या नहीं? किन्तु मैं इतना जरूर कह  सकती हू कि – माँ के किरदार को  करने के लिए बहुत कुछ है इस फिल्म में। और एक माँ अपने बच्चे की  परवरिश करने के लिए अपने घर में काम करती है और फिर दफ्तर में भी जा कर काम करती है। मेरे हिसाब से एक माँ  एक ही वक़्त में कई सारे काम कर लेती है। इस फिल्म में मेरी एक बच्ची भी है और उन सब के परवरिश एवं उनके  भले बुरे में हर वक़्त मेरा उनके साथ होना जरुरी है। एक माँ क्या कुछ होती है इस बारे में यह फिल्म जरूर बतलाती है। सो मुझे यह माँ का किरदार करने में कोई भी हिचकिचाहट नहीं आई कभी भी।

यह एक रीमेक फिल्म है। इसमें अपने किरदार द्वारा क्या कुछ नया ? डाला है अपने? 

पहले भी मैंने कई सारी रीमेक फ़िल्में की है। यह सच है , कही न कही रीमेक फिल्म से बेहतर होनी चाहिए यह नयी फिल्म. पर यह भी सही है कि- रीमेक फिल्म अपना जलवा बॉक्स ऑफिस पर दिखला चुकी होती है  सो एक संतुष्टि  रहती है फिल्मकार को कि  कहानी में  दम है। फिर उसमें कुछ अलग   डालना होता है-वो या तो जगह में नयापन डाला  जा सकता है कुछ अलग  भाषा देकर  भी एक फ्रेशनेस लाई जा सकती है और भी नमकीन बनाया जा सकता है।  कई बारी एक शब्द  से कॉमेडी में फेर बदल हो जाता है। उसी प्रकार से अपनी  बोलचाल  में कुछ अलग अपने आप आ जाता है। इस तरह  खुद बा खुद नयापन दिख पड़ता है। हर एक्टर अपनी शख्सियत से फिल्म में कुछ नयापन ले ही आता है और इन सब कारणों से में रीमेक भी कर लेती हू।

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सलमान खान एवं शारुख कहँ के साथ काम करना चाहेंगी आप?

कौन इन दोनों खानो के साथ काम नहीं करना  चाहेगा। में तो इनकी फिल्मे ही देख कर बड़ी हुई हू.मै  बड़ी बेसब्री से बजरंगी भाईजान फिल्म देखने के  इंतज़ार कर रही  हू। सलमान और शाहरुख़ हिंदी फिल्मी दुनिया मैं स्टारडम को वर्णन करते है। यह जितने भी बड़े एक्टर होते है बहुत ही सरल सीधे स्वभाव और ग्रॉउंडेड भी होते है इसलिए इन्हे इतनी ऊंचाई प्राप्त होती है।

आप साउथ में या फिर बॉलीवुड इन काम करना ज्याद पसंद करती है ?

मैं अपने देश के किसी भी कोने की कोई भी भाषा की फिल्म हो उसका हिस्सा बनने में गर्व महसूस करूंगी!


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Mayapuri

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