INTERVIEW!! ‘टीवी एक अभिनेता के लिए कम्फर्ट जोन है’ अजय नागरथ

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ज्योति वेंकटेश

अजय नागरथ जो एक कठिन रास्ते से टीवी के टॉप पर आए, ‘श्रीमान-श्रीमती’ से लेकर ‘सीआईडी’ जैसे शोज में काम किया। अजय नागरथ ने बताया कि ‘बिग्गेस्ट लूजर जीतेगा’ शो लाइफ का टर्निंग प्वाइंट रहा।

‘सीआईडी’ शो में आपकी क्या भूमिका है ? क्या आप अभी भी इससे जुड़े हुए हैं ?

हां ‘सीआईडी’ एकलौता ऐसा शो है जिसमें मैं काम कर रहा हूं। इस शो में मैं अनोखा सिपाही पंकज का किरदार निभा रहा हूं, जो एक अनाड़ी सिपाही है। मैं कॉमेडी भूमिकाओं में माहिर हूं। मेरी कॉमिक टाइमिंग और हास्य स्थितियों के लिए प्रतिक्रियाएं बहुत अच्छी होती है। मैं कॉमेडी तब से कर रहा हूं जब मैं एक छोटा बच्चा था।

आप अभिनेता कैसे बने ? आप उस समय खुद को कितना सक्षम अभिनेता मानते थे जब आपके पिता अनिल नागरथ ने आपको एक अभिनेता होने की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया था ?

मेरे पिताजी ने हमेशा मुझे प्रेरणा दी। वह मेरे प्रेरक हैं व मेरे पिता मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं, मुझ पर मेरे पिता का आशीर्वाद है। मैं अपने पिताजी के माध्यम से सुषमा शिरोमणि से मिला जिन्होंने मुझे ‘कानून’ फिल्म में काम करने का मौका दिया। इस फिल्म में अजय देवगण व उर्मिला मातोंडकर थे। इसके बाद पिता ने श्री अधिकारी ब्रदर्स के सीरियल के लिए डबिंग करने का मौका दिया तब मैं 6 साल का था। प्रोड्क्शन के हैड हेमंत भाई ने मुझे ‘श्रीमान-श्रीमती’ में चिंटू के किरदार के लिए ऑडिशन देने के लिए कहा। ‘अकबर’ सीरियल के बाद मैंने ‘फैमिली नम्बर-1’, ‘चश्मे बद्दूर’, ‘मार्शल’, ‘कभी इधर कभी उधर’, ‘हुकुम मेरे आका’, ‘शाकालाका बूम बूम’, ‘ऑल द बेस्ट’, ‘हम पांच’ जैसे शोज किये। साथ ही ‘ये है जलवा’, ‘परदेस’, ‘एक और एक ग्यारह’, ‘मिलेंगे-मिलेंगे’ जैसी फिल्मों में काम किया।

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आपका कम्फर्ट जोन क्या है – टीवी या फिल्म्स?

मैं कैमरे के सामने फिल्मों व टीवी दोनों के लिए सहज महसूस करता हूं। मैं यह कह सकता हूं कि टीवी एक अभिनेता के लिए कम्फर्ट जोन है। अगर मुझे विज्ञापन के लिए प्रस्ताव मिलते हैं तो मैं विज्ञापन करता हूं। जब मुझे फिल्मों का ऑफर मिलता है तो मैं फिल्में करता हूं। साथ ही जब मुझे सीरियल्स के लिए ऑफर मिलता है तो मैं सीरियल्स में काम करता हूं। ‘सीआईडी’ एक द्वि-साप्ताहिक शो है जिसके लिए मैं एक महीने में लगभग 20 दिन शूट करता हूं। ‘सीआईडी’ हर महीने दो अलग विभाग में 30 दिन के लिए शूट किया जाता है।

क्या आप ऊब जाते हैं हर महीने एक ही भूमिका निभाते हुए ?

हां, मैं इस बात को मानता हूं कि मैं एक ही किरदार निभाते निभाते ऊब जाता हूं। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि यह एक नियमित नौकरी की तरह लगने लगता है। एक अभिनेता के रूप में मैं बहुत खुश हूं, मैं वो काम कभी नहीं करता जो मैं करना नहीं चाहता। टचवुड, आज तक मेरे पिता ने मुझे ऐसा कोई भी काम करने के लिए नहीं कहा जिसे मैं नहीं करना चाहता।

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आपके करियर का सबसे बड़ा मोड़ क्या रहा ?

निस्संदेह, अंतर्राष्ट्रीय शो ‘बिग्गेस्ट लूजर जीतेगा’। यह शो मेरे करियर के अलावा मेरे जीवन का भी सबसे बड़ा मोड़ रहा क्योंकि मुझे डॉक्टरों ने कहा था कि यदि मैंने अपना वजन कम नहीं किया तो मुझे दिल का दौरा पड़ सकता था जिससे मेरे मरने के आसार भी थे। मेरा वजन 142 किलो ग्राम था व मैंने अपना 50 किलो वजन कम कर लिया। मैं हमेशा ही टी.पी. अग्रवाल जी व राहुल अग्रवाल जो शो के निर्माता है उन का आभारी रहूंगा।

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क्या आप निर्माताओं द्वारा मिलने वाले फिल्मों के ऑफर के लिए तैयार हैं ?

सौभाग्य से, ‘सीआईडी’ शो के बी.पी. सिंह ने मुझे किसी भी भी कॉन्ट्रेक्ट से नहीं बांधा। यहां तक कि अगर मुझे किसी फिल्म का ऑफर मिला तो मैं 20 दिन की छुट्टी ले सकता हूं व फिल्म की शूटिंग कर सकता हूं। फिलहाल तो मैं एनिमेशन फिल्म ‘बिल्लू गेम्स’ के रिलीज का इंतजार कर रहा हूं। जिसमें मैंने नाकारात्मक बुल्ली की नकारात्मक भूमिका निभाई व फिल्म के लिए 7 दिन काम किया। यह शीघ्र ही डिज्नी चैनल और यू-ट्यूब पर प्रसारित किया जा सकता है।


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Mayapuri

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